बारिश के मौसम में पानी भर जाने से गड्ढे का पता लगा पाना बहुत मुश्किल होता है, जिससे कई बार बड़ी दुर्घटनाएं हो जाती हैं। मध्य प्रदेश के इंदौर में नगर निगम की लापरवाही से एक बच्ची की जान जाते -जाते बची। बच्ची एक महिला के साथ वहां से गुजर रही थी। तभी बच्ची ने अपना पैर गड्ढे में डाला लेकिन गड्ढा इतना गहरा था कि बच्ची उसी में डूब गई।
इंदौर के वार्ड नंबर एक की गली में नर्मदा लाइन के लिए गड्ढा खोदा गया था। बारिश के चलते इस गड्ढे में पानी भर गया। गड्ढे की वजह से पूरी गली का रास्ता बंद हो गया था, ऐसे लोगों को रिस्क लेकर किनारे से आना-जाना पड़ रहा था। एक महिला, बच्ची के साथ जब इस गड्ढे को पार कर रही थी, तभी यह घटना हुई। पानी देखकर बच्ची ने उसमें अपना पैर डाल दिया, इसके बाद बच्ची का संतुलन बिगड़ा और गहरे गड्ढे में जा गिरी।
बच्चे ने बचाई गड्ढे में गिरी बच्ची की जान
गड्ढे में गिरते ही बच्ची पूरी तरह से डूब गई। साथ में मौजूद महिला ने जब ध्यान दिया तो बच्ची पानी में डूब रही थी। उसने शोर मचाया लेकिन कोई मदद के लिए आगे नहीं आया। इसी बीच एक नाबालिग बच्चा वहां पहुंच गया और उसने जब बच्ची को डूबते हुए देखा तो खींचकर बाहर निकाला। गनीमत रही कि बच्ची की जान बच गई। अगर मदद के लिए बच्चा वहां ना पहुंचता तो बच्ची की जान भी जा सकती थी।
मामला चंदन नगर के अम्बर नगर का बताया जा रहा है। घटना का सीसीटीवी वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में दिखाई दे रहा है कि घटना के वक्त एक शख्स भी वहां मौजूद था लेकिन उसने इस पूरी घटना को नजरअंदाज कर दिया। हालांकि नाबालिग बच्चा किसी दूत की तरह वहां पहुंचा और बिना समय गंवाए उसने बच्ची की जान बचा ली।