इंदौर में इन्फ्लुएंसर पारुल–गौरव का 800 sqft मकान विवाद गहराया; धोखाधड़ी, एग्रीमेंट चोरी और पुलिसकर्मी बनकर धमकाने के आरोपों में वीर की एंट्री, कमिश्नर तक पहुंची शिकायत—मामला सुर्खियों में, जांच जारी

इंदौर में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर पारुल अहिरवार और उसके दोस्त गौरव रावल के बीच चल रहा प्रॉपर्टी विवाद खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। मामले में पारुल ने गौरव पर लाखों रुपए की धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए क्राइम ब्रांच में शिकायत की थी।

इसके बाद अब गौरव ने भी पुलिस कमिश्नर और डीसीपी को आवेदन देकर पारुल और उसके साथी वीर शर्मा पर पुलिसकर्मी बनकर धमकी भरा कॉल करने और बदनाम करने का आरोप लगाया है।

पारुल और वीर के सोशल मीडिया पर मिलियन में फॉलोअर्स हैं, इसलिए मामला सुर्खियों में है।

गौरव ने पारुल और वीर पर धमकी देने का आरोप लगाया है।

800 वर्ग फीट के मकान को लेकर तनातनी पुलिस के मुताबिक, पारुल का कहना है कि वर्ष 2020 में उसने और गौरव ने 800 वर्ग फीट का मकान संयुक्त रूप से खरीदा था। इसके लिए दोनों ने चार-चार लाख रुपए जमा किए थे।

गौरव ने इस मकान पर 20 लाख रुपए का बैंक लोन ले लिया था। इस लोन की आधी किस्त 9,000 रुपए पारुल साल 2020 से भरती रही है। इस संबंध में दोनों के बीच एक लिखित एग्रीमेंट भी हुआ था।

पारुल का आरोप है कि गौरव ने यह एग्रीमेंट चुरा लिया। फिर मकान की रजिस्ट्री अपने नाम पर करा ली। जून 2025 में पारुल को पता चला कि गौरव मकान को किसी और को बेच चुका है।

उसने गौरव को कॉल किया लेकिन फोन स्विच ऑफ था। पारुल ने कई बार गौरव से संपर्क करने की कोशिश की लेकिन बात नहीं हो पाई। आखिरकार पारुल ने गौरव के खिलाफ क्राइम ब्रांच में शिकायत दर्ज करा दी

गौरव बोला- मकान मेरे और मां के नाम पर था उधर, गौरव रावल द्वारा पुलिस को दी गई शिकायत के मुताबिक, पारुल और उसने मिलकर शुभांजन ओमेक्स वन सिटी में मकान लिया था। इसकी रजिस्ट्री गौरव और उसकी मां के नाम पर थी।

समझौते के अनुसार, पारुल को बाद में 5 लाख रुपए देने की बात तय हुई थी। इसके ऐवज में पारुल ने केवल 4 लाख रुपए सीधे बिल्डर के बैंक खाते में जमा कराए थे। पारुल आधे हिस्से में रहने की बात कहकर करीब 18 महीने तक गौरव को मकान का किराया देती रही।

गौरव का दावा है कि जब उसने मकान बेचने का मन बनाया तो पारुल ने बिना पूरी रकम दिए इसके एक हिस्से की रजिस्ट्री अपने नाम कराने का दबाव डाला।

वीर पर पुलिसकर्मी बनकर कॉल करने का आरोप गौरव का आरोप है कि पारुल ने अपने साथी वीर को उसकी बहन ममता के ऑफिस में भेजकर अभद्रता कराई। जिसके बाद ममता की नौकरी चली गई। इसके बाद वीर ने खुद को लसूडिया थाने का पुलिसकर्मी बताकर ममता को कॉल किए।

गौरव ने बताया कि उसे अलग-अलग फोन नंबरों से धमकी भरी कॉल आ रही थीं। उसने इनकी दो ऑडियो रिकॉर्डिंग पुलिस को भी सौंपी हैं।

वकील बोले- गौरव को कोई नोटिस नहीं मिला इस विवाद में पारुल पहले ही गौरव के खिलाफ धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज करा चुकी है। अब गौरव ने भी अपने वकील के माध्यम से पारुल और वीर के खिलाफ धमकी देने और धोखाधड़ी करने जैसे आरोपों में कार्रवाई की मांग की है।

गौरव के वकील पवन राय ने कहा- मेरे मुवक्किल को किसी तरह का नोटिस नहीं मिला है, न ही किसी अधिकारी ने बयान देने के लिए बुलाया है। यदि पारुल और वीर सोशल मीडिया पर गौरव की बदनामी करेंगे तो हम उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराएंगे।

ये भी बता दें कि विवाद बढ़ने के बाद पारुल और वीर ने सोशल मीडिया पर एक्टिविटी कम कर दी हैं।

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