नाथ की नजर में भारत है हिंदू राष्ट्र…! कौशल किशोर चतुर्वेदी

नाथ की नजर में भारत है हिंदू राष्ट्र

इक्कीसवीं सदी में भारत में हिंदू राष्ट्र की मांग जोर पकड़ रही है। हिंदू राष्ट्र को लेकर सर्वाधिक चर्चा में यदि कोई हैं, तो वह सनातन के समर्थक पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री हैं। इन्हें बागेश्वर सरकार के नाम से भी जाना जाता है। इन धीरेंद्र शास्त्री पर कांग्रेस द्वारा ही भाजपा समर्थक संत जैसा टैग चस्पा करने की पूरी कोशिश की गई। पर पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने इन्हीं बागेश्वर सरकार पंडित धीरेंद्र शास्त्री की कथा छिंदवाड़ा में कराकर सभी को आश्चर्य में डाल दिया। और बागेश्वर सरकार के साथ अपना साथ अपना संबंध भी बना लिया। नाथ के पुत्र सांसद नकुल इस कथा के मुख्य यजमान थे। पर कथा ने अगर किसी को सबसे ज्यादा आश्चर्य में डाला, तो वह हैं कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता। क्योंकि हिंदू राष्ट्र बनाने के लिए कृत संकल्पित बाबा बागेश्वर की कथा में मुख्य यजमान के पिता पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने यह कहकर लोगों का दिल जीत लिया कि जहां 82 प्रतिशत आबादी हिंदुओं की हो, वह हिंदू राष्ट्र ही तो है।
पहले बागेश्वर सरकार ने छिंदवाड़ा की तारीफ की। कथा में 8 से 10 लाख लोग जुटे। नाथ ने बताया कि भीड़ के कारण खुद उन्हें भी रास्ता बदलना पड़ा। हिंदू राष्ट्र के सवाल पर नाथ ने भोपाल में भी प्रतिक्रिया दी कि हिन्दू राष्ट्र बनाने की क्या बात है। देश मे 82 फीसदी हिन्दू हैं ये कहने की क्या जरूरत है? ठीक यही बात उन्होंने बागेश्वर सरकार के कथा मंच पर कही थी। इससे यह बात साफ हो गई है कि अब राष्ट्र का हिंदू होने का सपना आज नहीं तो कल साकार हो सकता है। और इससे यह बात भी साफ हो गई है कि अब कांग्रेस आने वाले समय में हिंदू राष्ट्र को लेकर नई तरह से कई खेमों में बंट सकती है। जैसा कि आचार्य का बयान नाथ के छिंदवाड़ा में बयान के बाद तीखा सा आया था कि मुसलमानों के ऊपर “बुलडोज़र” चढ़ाने और आरएसएस का एजेंडा हिंदू राष्ट्र की खुल्लमखुल्ला वकालत कर के “संविधान” की धज्जियाँ उड़ाने वाले “भाजपा” के स्टार प्रचारक की आरती उतारना कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं को शोभा नहीं देता। आज रो रही होगी गांधी की “आत्मा” और तड़प रहे होंगे पंडित नेहरू और भगत सिंह। तो विपक्षी दलों के नए गठबंधन के कुछ नेताओं ने भी पलटवार किया था। और मध्यप्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह ने सीधा मत‌ जाहिर किया कि हिंदू राष्ट्र की बात संविधान विरोधी है। और वह ऐसे मंचों पर नहीं जाते जहां संविधान विरोधी बात हो। तो नाथ के अंदाज ने मध्यप्रदेश सहित पूरे देश को अचरज में डाल दिया और कांग्रेस दो गुटों में बंटी नजर आ रही है।
कमलनाथ भी अपने धुन के पक्के हैं। अभी बाबा बागेश्वर सरकार की कथा खत्म ही हुई और नाथ के गढ़ छिंदवाड़ा में बागेश्वर सरकार के बाद मध्यप्रदेश के दूसरे चर्चित संत पंडित प्रदीप मिश्रा की कथा की जानकारी भी साझा कर दी गई है। पंड़ित प्रदीप मिश्रा जी ने नकुल और कमलनाथ का स्नेह आमंत्रण स्वीकार कर लिया है। आगामी 5 सितम्बर से 9 सितम्बर 2023 तक पं. प्रदीप मिश्रा की पांच दिवसीय कथा छिंदवाड़ा में होगी। यानि कि यह बात साफ है कि मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ हिंदू राष्ट्र और धार्मिक आयोजनों को लेकर कोई समझौता करने वाले नहीं हैं। विरोध की आवाज चाहे पार्टी के भीतर से आ रही हो या पार्टी के बाहर से। और कमलनाथ की तरह ही कांग्रेस के कुछ दूसरे नेताओं का मत भी हिंदू राष्ट्र पर केंद्रित होगा। ऐसे में अब वह दिन दूर नहीं है, जब अमृतकाल में मध्य प्रदेश संवैधानिक संशोधन संग हिंदू राष्ट्र घोषित हो सकेगा…। आज नाथ की नजर में भारत हिंदू राष्ट्र है…कल हो सकता है कि पूरी दुनिया की नजरें हिंदू राष्ट्र भारत पर हों..।

कौशल किशोर चतुर्वेदी

कौशल किशोर चतुर्वेदी मध्यप्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार हैं। प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में पिछले ढ़ाई दशक से सक्रिय हैं। दो पुस्तकों “द बिगेस्ट अचीवर शिवराज” और काव्य संग्रह “जीवन राग” के लेखक हैं। स्तंभकार के बतौर अपनी विशेष पहचान बनाई है।
वर्तमान में भोपाल और इंदौर से प्रकाशित दैनिक समाचार पत्र “एलएन स्टार” में कार्यकारी संपादक हैं। इससे पहले इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में एसीएन भारत न्यूज चैनल में स्टेट हेड, स्वराज एक्सप्रेस नेशनल न्यूज चैनल में मध्यप्रदेश‌ संवाददाता, ईटीवी मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ में संवाददाता रह चुके हैं। प्रिंट मीडिया में दैनिक समाचार पत्र राजस्थान पत्रिका में राजनैतिक एवं प्रशासनिक संवाददाता, भास्कर में प्रशासनिक संवाददाता, दैनिक जागरण में संवाददाता, लोकमत समाचार में इंदौर ब्यूरो चीफ दायित्वों का निर्वहन कर चुके हैं। नई दुनिया, नवभारत, चौथा संसार सहित अन्य अखबारों के लिए स्वतंत्र पत्रकार के तौर पर कार्य कर चुके हैं।

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