
भारतीय सेना ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान को आगे बढ़ाते हुए व्हाट्सएप जैसा एक स्वदेशी मैसेजिंग एप विकसित किया है। इसका नाम सिक्योर एप्लिकेशन फॉर इंटरनेट (साई) है। यह जानकारी गुरुवार को रक्षा मंत्रालय ने दी।
इन मैसेजिंग ऐप से होगी टक्कर:-भारतीय सेना के मैसेजिंग ऐप का नाम SAI (सिक्योर एप्लीकेशन फॉर इंटरनेट) होगा। यह ऐप एंड टू एंड सिक्योर वॉयस, टेक्स्ट और वीडियो कॉलिंग सर्विस को सपोर्ट करेगा। यह ऐप एंड्रॉइड बेस्ड इंटरनेट सर्विस इस्तेमाल करने वाले स्मार्टफोन के लिए होगा।रक्षा मंत्रालय की तरफ से एक जारी बयान में बताया गया कि भारतीय सेना का मैसेजिंग ऐप SAI भारत में पहले से कमर्शियली उपस्थित मैसेजिंग एप्लीकेशन WhatsApp, Telegram, SAMVAD और GIMS जैसा होगा। यह ऐप एंड टू एंड इंस्क्रिप्शन मैजेसिंग प्रोटोकॉल का उपयोग करेगा।
फुलप्रूफ सिक्योर होगा ऐप:-सरकार की तरफ से बताया गया है कि सेना का मैसेजिंग ऐप SAI पूरी तरह से फुलप्रूफ सिक्योर होगा। इसमें लोकल इन-हाउस सर्वर और कोडिंग वाले सिक्योरिटी फीचर को उपलब्ध कराया जाएगा, जिसमें जरूरत के हिसाब से बदला किया जाता रहेगा.
आर्मी साइबर ग्रुप ने ऐप निर्माण की दी इजाजत:-मंत्रालय की ओर से जारी बयान के मुताबिक, इस एप्लीकेशन को CERT-in पैनल में शामिल ऑडिटर और आर्मी साइबर ग्रुप की तरफ से जांच के बाद इस्तेमाल की इजाजत मिल गई है। अब इस ऐप को इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट (IPR) के सामने पेटेंट फाइलिंग के लिए प्रस्तावित किया गया है। इस ऐप के iOS वर्जन पर अभी काम जारी है।