
देश में कोरोना वायरस संक्रमण की स्थिति अब भी चिंताजनक है. कुछ स्थानों पर लगातार कोरोना केस बढ़ रहे हैं. इस बीच एम्स प्रमुख डॉ रणदीप गुलेरिया ने देश में कोरोना संक्रमण की बढ़ती रफ्तार पर चिंता जताई है.डॉ. रणदीप गुलेरिया का कहना है कि भारत की आर वैल्यू लगातार बढ़ रही है और यह चिंता बढ़ने का कारण भी है. उनका कहना है कि देश के जिन हिस्सों में कोरोना वायरस संक्रमण बढ़ रहा है, वहां इसके नियंत्रण के लिए सख्त कदम उठाए जाने चाहिए.
एम्स के डायरेक्टर डॉ. रणदीप गुलेरिया ने एनडीटीवी से कहा, ‘0.96 से शुरू हुई आर वैल्यू अब 1 से अधिक हो गई है. आर वैल्यू का बढ़ना चिंता का कारण है. सीधे शब्दों में कहें, तो इसका मतलब है कि एक कोविड संक्रमित व्यक्ति से संक्रमण फैलने की संभावना ज्यादा हो गई है. जिन क्षेत्रों में यह संक्रमण बढ़ रहा है वहां सख्ती करनी चाहिए. साथ ही संक्रमण की चेन को तोड़ने के लिए टेस्ट, ट्रैक और ट्रीट की रणनीति अपनानी चाहिए.’ आर फैक्टर को कोरोना संक्रमण के बढ़ने की संख्या का सूचकांक कहा जाता है.
शुक्रवार को देश में कोरोना संक्रमण के 44,230 नए मामले सामने आए थे. यह पिछले तीन हफ्तों में सर्वाधिक बढ़ोतरी है. इन नए मामलों में सर्वाधिक मामले केरल और कुछ नॉर्थ ईस्ट के राज्यों में हैं. शनिवार को सरकार की ओर से बताया गया है कि देश के 46 शहरों में कोरोना की पॉजिटिविटी दर 10 फीसदी से अधिक है.
इस हफ्ते अमेरिकी की हेल्थ अथॉरिटी सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोन एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया है कि कोरोना वायरस का डेल्टा वेरिएंट वायरस के अन्य सभी वेरिएंट की तुलना में अधिक गंभीर बीमारी का कारण हो सकता है और चिकनपॉक्स के रूप में आसानी से फैल सकता है.
इसे समझाते हुए डॉ गुलेरिया ने कहा, ‘खसरा या चिकन पॉक्स में 8 या उससे अधिक की आर वैल्यू होती थी, जिसका मतलब है कि एक व्यक्ति आठ अन्य को संक्रमित कर सकता है. इससे पता चलता है कि कोरोना वायरस अत्यधिक संक्रामक है. हमने देखा कि भारत में दूसरी लहर के दौरान पूरे परिवार संक्रमित हो रहे थे. यह चिकन पॉक्स के साथ भी होता है. इसी तरह जब एक व्यक्ति डेल्टा वेरिएंट से प्रभावित होता है, तो पूरा परिवार असुरक्षित हो जाता है.’