इंदौर क्राइम ब्रांच ने क्लब और बार खोलने के नाम पर करोड़ों की ठगी के मामले में चार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। शिकायत पुणे के कारोबारी अंकुर बग्गा ने की थी। उन्होंने बताया कि गौरव माखीजा, उनकी पत्नी रिया, करण शर्मा और उसकी पत्नी श्रेया ने मिलकर उनके और उनकी पत्नी के साथ 3 करोड़ 60 लाख रुपए की धोखाधड़ी की है।

अंकुर ने बताया कि साल 2021 में गौरव, जो उनके भाई का साढ़ू है, और करण शर्मा ने क्लब और बार खोलने का आइडिया दिया। उन्होंने बताया कि इस बिजनेस में 1.60 करोड़ रुपए लगेंगे और सालाना करीब 8 करोड़ की कमाई होगी। अंकुर और उनकी पत्नी दिव्या ने इस प्रस्ताव पर सहमति दी और 75% हिस्सेदारी के साथ पार्टनरशिप डीड बनाई गई।
क्लब खोलने के लिए क्लिफ्टन कॉरपोरेट, एबी रोड रोड स्थित सी सी बिल्डिंग में नगर निगम से अनुमति ली गई। इसके बाद गौरव और करण ने अंकुर और उनकी पत्नी के खाते से कुल 2 करोड़ 40 लाख रुपए लिए।
क्लब से हुआ मुनाफा, लेकिन नहीं मिला हिस्से का पैसा
क्लब 6 अक्टूबर 2023 को शुरू हुआ और 31 मार्च 2024 तक चला। चार्टर्ड अकाउंटेंट की रिपोर्ट के मुताबिक इस दौरान 6 करोड़ 33 लाख रुपए का कारोबार हुआ और करीब 1 करोड़ 35 लाख रुपए का प्रॉफिट हुआ। इसमें अंकुर के हिस्से का मुनाफा 67.83 लाख रुपए बताया गया, जो उन्हें नहीं दिया गया। सिर्फ 22 लाख रुपए अंकुर के और 21 लाख रुपए उनकी पत्नी के खाते में डाले गए।
इसके अलावा, समझौते के अनुसार 2.40 करोड़ रुपए के निवेश पर ब्याज सहित 52.80 लाख रुपए लौटाने थे, जो नहीं लौटाए गए।
फर्जी साइन कर लिया बार लाइसेंस
सबसे बड़ा आरोप ये है कि 15 मार्च 2025 को आबकारी विभाग से बार का लाइसेंस लेने के लिए फर्जी हस्ताक्षर किए गए, जबकि उस वक्त अंकुर दुबई में और दिव्या मुंबई में थीं।
शिकायत में कहा गया कि इन सबके जरिए कुल मिलाकर 3.60 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी की गई है। अब क्राइम ब्रांच ने गौरव, करण और उनकी पत्नियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।