इंदौर। डी-मार्ट मॉल में छात्रा हुईं हादसे का शिकार, ट्रॉली से बोरी पैर पर गिरने से छात्रा का पैर टूटा; CCTV में कैद हुई घटना- देखें VIDEO

इंदौर के बड़े शॉपिंग मॉल में माता-पिता के साथ गई 14 साल की छात्रा हादसे का शिकार हो गई। घटना 7 जनवरी की है। ट्रॉली में रखा भारी सामान पैर पर गिरने से छात्रा का पैर फ्रैक्चर हो गया और रॉड डालनी पड़ी। डॉक्टरों ने पीड़िता को छह माह तक बेड रैस्ट के लिए कहा है

इसके बाद उसकी दूसरी सर्जरी होगी। अब मामले में केस दर्ज कर लिया गया है। हादसे में मॉल मैनेजमेंट के बजाय अन्य कस्टमर को आरोपी बनाया गया है। इससे बेटी के पिता संतुष्ट नहीं है। इधर, मॉल मैनेजर ने कहा कि हमने पूरी जानकारी पुलिस को दे दी थी। हमारी कोई गलती नहीं है।

जानकारी के अनुसार, 7 जनवरी दोपहर कनाडिया रोड स्थित डी मार्ट शॉपिंग मॉल पर बिचौली मर्दाना के उमेश मालवीय, पत्नी सीमा, बेटी स्मिता, महक व बेटे लक्ष्य के साथ गए थे। इस दौरान एक कर्मचारी दो रैक के बीच भारी सामान से लदी बड़ी ट्रॉली खड़ी कर चला गया।

इस दौरान वहां अन्य कस्टमर भी आ-जा रहे थे। उन्हें ट्राली के कारण आने-जाने में परेशान हो रही थी। मालवीय भी परिवार सहित उसी पैसेज में थे। एक कस्टमर दंपती ने भी वहां से निकलने के लिए भारी ट्रॉली को हटाने की कोशिश की। इस दौरान ट्राली में रखी बड़ी बोरी स्मिता पर जा गिरी। इससे बच्ची गिर गई और एक पैर बोरी के नीचे दब गया।

परिवार व अन्य लोगों ने उसके पैर से जैसे-तैसे बोरी हटाई। 108 एम्बुलेंस से प्राइवेट अस्पताल ले गए। जांच में पता चला कि उसके पैर की एक हड्डी टूट गई है। डॉक्टर ने बताया सर्जरी के जरिए पैर में रॉड डालना पड़ेगी। परिवार ने उसकी तुरंत सर्जरी करा दी है।

डी-मार्ट में आठवीं की छात्रा के पैर पर बोरी गिरने से उसका पैर फ्रैक्चर हो गया।

पुलिस ने मॉल कर्मचारी के फुटेज जांच में नहीं लिए थे

इस बीच कनाड़िया पुलिस ने पिता और बेटी से संपर्क किया। उनके बयान लिए। दोनों का कहना था कि इसमें सीधे तौर पर लापरवाही मॉल प्रबंधन की है। कर्मचारी ने बीच में लाकर ट्राली खड़ी की जबकि परिवार सहित अन्य लोगों ने उसे हटाने को कहा। बावजूद, उसने ट्राली नहीं हटवाई। पुलिस का कहना था कि गलती ट्रॉली को एक तरफ करने की कोशिश करने वाले दंपती की है।

पुलिस ने घटना का उतना ही सीसीटीवी फुटेज जांच में लिया था। इसमें दंपती के कारण बोरी गिरते दिख रही है। इसके पूर्व मॉल के कर्मचारी द्वारा बीच में ट्राली छोड़कर जाने का हिस्सा जांच में नहीं लिया गया।

-उमेश मालवीय,

पीड़िता के पिता

एक हफ्ते बाद केस दर्ज इसके बाद पुलिस ने 16 जनवरी को दंपती सतीश-संध्या गोस्वामी निवासी गुलमर्ग कॉलोनी को थाने बुलाया। उन्होंने भी सफाई देने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उनके खिलाफ केस दर्ज किया। मालवीय के एडवोकेट गोविंद आर मीणा ने बताया मामले की शिकायत पुलिस कमिश्नर सहित वरिष्ठ अधिकारियों से की जा रही है। इसके बाद भी अगर मॉल प्रबंधन के खिलाफ केस दर्ज नहीं किया, तो फिर कोर्ट की शरण ली जाएगी।

6 माह के बेड रैस्ट से स्मिता की परीक्षा पर सवाल

स्मिता के पिता ड्राइवर हैं। ऑपरेशन में 70 हजार रुपए का खर्च आया है।इसके लिए रिश्तेदारों से 50 हजार रुपए उधार लिए।

छह माह बाद एक और ऑपरेशन होगा। 50 हजार रुपए का खर्च आएगा।

मार्च में स्मिता की 8वीं बोर्ड की परीक्षा है। बेड रैस्ट के कारण वह स्कूल नहीं जा पा रही है।

डी मार्ट मैनेजर ने कहा- हमारी गलती नहीं

मामले में दैनिक भास्कर ने जब डी मार्ट के मैनेजर ओंकार शिंदे से संपर्क किया तो उनका कहना था कि, इस मामले में मॉल मैनेजमेंट की कोई गलती नहीं है। हमने सारी जानकारी और घटना से जुड़े तथ्य पुलिस को दिए हैं। घटना में हमारे यहां के कर्मचारी की भी कोई गलती नहीं है।

टीआई बोले; दंपती जबर्दस्ती भारी ट्रॉली को धक्का दे रहे थे जिससे हुआ हादसा

कनाड़िया थाना टीआई केपी यादव का कहना है कि फुटेज में स्पष्ट दिख रहा है कि गोस्वामी दंपती भारी सामान से भरी ट्रॉली को जबरदस्ती आगे बढ़ा रहे हैं और धक्का दे रहे हैं। इससे बोरियां बच्ची के पैर पर गिरी और फैक्चर हुआ। अब विवेचना में जो भी तथ्य सामने आएंगे, आगे की कार्रवाई की जाएगी।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *