
मृतक तरुण अग्निहोत्री।
दोस्त की शादी के दौरान एक युवक जमकर डीजे सांग पर डांस किया। देखते ही देखते उसकी हालात बिगड़ गई। वह वहीं पर आराम करने लगा। कुछ देर बाद वह उठा तो हिचकी आई और गिर गया। मौके पर मौजूद लोगों ने उसे उठाया और हॉस्पिटल लेकर पहुंचे तो डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
युवक को पहले से कोई बीमारी नहीं थी। मामले में कार्डियोलॉजिस्ट्स का मानना है कि उसकी मौत हार्ट अटैक से हुई है लेकिन पीएम रिपोर्ट के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा।
युवक का नाम तरुण पिता संतोष अग्निहोत्री (34) सीधी का रहने वाला था। वह इंदौर के भमोरी में रहता था और निजी कंपनी में सेल्समैन था। 29 नवंबर को अपने साथियों के साथ एक दोस्त की शादी में उज्जैन गया था। इस दौरान वहां खूब डांस किया। तभी उसे सीने में दर्द होने लगा तो मैरिज गार्डन में आराम किया। दोस्तों को कहा कि उसे एसिडिटी के कारण बेचैनी हो रही है।
दोस्त दवाई लाए तो खाकर वह लेट गया। करीब एक घंटे बाद दोस्तों ने उसे भोजन के लिए साथ में चलने को कहा तो वह उठा और हिचकी चली। इसके साथ ही उसका संतुलन बिगड़ा और वह नीचे गिर गया। इस पर दोस्त घबरा गए उन्होंने देखा तो तरुण को यूरिन-लेट्रिन हो चुकी थी। उसे तत्काल उज्जैन के एक के बाद दूसरे हॉस्पिटल में ले जाया गया तो दोनों अस्पतालों के डॉक्टर ने कहा कि उसकी मौत हो चुकी है। डॉक्टरों ने हार्ट अटैक से मौत की आशंका जताई। चूंकि हालत बिगड़ने के दौरान लक्षण कुछ अलग थे इसलिए पुलिस को सूचना दी गई। इसके साथ ही पोस्टमॉर्टम किया गया। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारण का पता चलेगा।
बड़ा सवाल- बीपी न शुगर और दूसरी बीमारी भी नहीं, फिर मौत कैसे
तरुण मूल रूप से ततैया गांव (सीधी) का रहने वाला था तथा इंदौर में एक कोल्ड ड्रिंक कंपनी में सेल्समेन था। दोस्तों ने उसके परिवार को फोन से सूचना दी तो उन्होंने कहा कि उसे ब्लड प्रेशर, शुगर या किसी प्रकार की कोई बीमारी नहीं थी। उसके पिता सेना में कमांडेट थे। परिवार में किसी को भी हाईपरटेंशन नहीं है। परिवार ने दोस्तों को कहा कि उन्हें विश्वास नहीं होता।
सीनियर कॉर्डियोलॉजिस्ट डॉ. सिद्धांत जैन ने केस हिस्ट्री जानने के बाद बताया कि युवक ने जिस तरह से डांस किया उससे संभव है कि इस दौरान ज्यादा शारीरिक श्रम हुआ। प्रारंभिक दौर पर यह हार्ट अटैक का मामला ही लग रहा है क्योंकि ऐसा हार्ट बंद होने से होता है।
जब भी हार्ट बंद होता है तो मरीज को झटके भी आ सकते हैं और यूरिन-लेट्रिन भी हो सकती है। दरअसल हार्ट अटैक आने के बाद ब्रेन में ब्लड नहीं जाता है। ऐसे में ब्रेन का कंट्रोल शरीर के अंगों से हट जाता है। क्लीनिकल प्रेजेंटेशन में सबसे ज्यादा संभावना हार्ट अटैक की ही लग रही है। हालांकि पीएम रिपोर्ट आने के बाद ही पूरी तरह से स्थिति स्पष्ट होगी।
जिस दिन शादी की सालगिरह उसी दिन मौत, पत्नी गर्भवती
चाचा दीपक अग्निहोत्री के मुताबिक दुखद यह कि 29 नवम्बर के दिन उसकी मौत हुई उसी दिन उसकी शादी की दूसरी सालगिरह थी। तरुण की पत्नी गर्भवती है। उसकी परिवार से रोज बात होती थी। परिवार में उसका एक बड़ा भाई व बहन भी हैं। घटना के बाद से परिवार गहरे सदमे में है।
30-30 वर्ष की उम्र के बाद नियमित जांचें कराएं
डॉ. जैन का कहना है कि किसी भी व्यक्ति को भले ही शुगर-बीपी नहीं है, उम्र ज्यादा नहीं है या वजन ज्यादा नहीं है, इसके बावजूद हार्ट अटैक आना संभव है। सौ में से 15% को अचानक हार्ट अटैक या कार्डियक अरेस्ट संभव है। यही कारण है कॉर्डियोलॉजिट्स 30-35 वर्ष की उम्र के बाद समय-समय पर इसकी जांचें कराने की सलाह देते हैं।
यदि संबंधित तम्बाकू का सेवन करता है या परिवार में किसी को हार्ट, कोलेस्ट्रॉल की शिकायत रही है या लाइफ स्टाइल डिस्टर्ब है तो ये लक्षण हार्ट अटैक की रिस्क बढ़ाते हैं। ऐसे में जरूरी है कि इस तरह के लोग नियमित जांचें कराएं ताकि उपचार ले सके अन्यथा हार्ट अटैक आ सकता है।
ठण्ड में कम्प्रेस हो जाती है ब्लड वेसल्स, आर्टरीज
तरुण की मौत वाले दिन उज्जैन में रात का पारा 16.4 डिग्री था। मावठा भी हुआ था। इतनी सर्दी में मौत को लेकर डॉ. जैन का कहना है कि अगर बहुत ज्यादा ठण्ड है तो बॉडी की ब्लड वेसल्स, आर्टरीज कम्प्रेस हो जाती है। यही कारण है कि ठण्ड के मौसम में हार्ट अटैक के मरीज को सलाह दी जाती है कि ज्यादा ठण्ड होने पर मॉर्निंग वॉक पर नहीं जाएं। अगर जाए भी तो ऊनी कपड़े, मफलर आदि पहनकर जाए क्योंकि बचाव नहीं करने से हार्ट डिसीज बढ़ती है। हालांकि इस केस में अभी इंदौर-उज्जैन और आसपास के क्षेत्रों में इतनी ठण्ड नहीं है कि ठण्ड को हार्ट अटैक का कारण माने।