इंदौर एयरपोर्ट पर यात्री की पैंट में चूहा घुसने और काटने की घटना के बाद एयरपोर्ट प्रबंधन हरकत में आ गया है। प्रबंधन ने डॉ. हर्षवर्धन सिंह को नोटिस जारी कर तत्काल प्रभाव से हटा दिया है। डॉ. सिंह ही घटना के समय ड्यूटी पर थे और उन्होंने यात्री के उपचार में संवेदनशीलता नहीं दिखाई। साथ ही एयरपोर्ट परिसर में दोबारा पेस्ट कंट्रोल अभियान शुरू किया ह।

घटना मंगलवार की है, जब भोपाल निवासी अरुण मोदी इंदौर से इंडिगो की फ्लाइट 6E 6739 से बेंगलुरु रवाना होने वाले थे। इसी दौरान चूहा उनकी पैंट में घुस गया और काट भी लिया।
एयरपोर्ट डायरेक्टर वीके सेठ ने बताया कि यात्री को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी और चूहों को खत्म करने के लिए विशेष अभियान चल रहा है। हालांकि, अब तक पेस्ट कंट्रोल और साफ-सफाई का काम करने वाली एजेंसी पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है

कांग्रेस की मांग-सफाई एजेंसी को ब्लैकलिस्ट करें
कांग्रेस ने एयरपोर्ट पर चूहों को लेकर कड़ी आपत्ति जताई है। पार्टी के नेता अमित चौरसिया ने कहा कि इस घटना से ‘साफ-सुथरे इंदौर’ की छवि देशभर में धूमिल हुई है। उन्होंने एयरपोर्ट प्रबंधन से मांग की है कि सफाई एजेंसी को तत्काल प्रभाव से ब्लैकलिस्ट किया जाए।
गौरतलब है कि इंदौर एयरपोर्ट पर इससे पहले भी चूहों, मच्छरों, कॉकरोच और आवारा कुत्तों की शिकायतें सामने आ चुकी हैं। एक यात्री ने फूड काउंटर के पास दौड़ते चूहों का वीडियो भी शेयर किया था, जिसके बाद व्यवस्थाओं पर सवाल उठे थे।
यह है पूरा मामला
इंदौर एयरपोर्ट के अनुसार भोपाल के अरुण मोदी इंडिगो एयरलाइंस की फ्लाइट संख्या 6E 6739 से बेंगलुरु जा रहे थे। उनकी पत्नी साथ थीं। फ्लाइट दोपहर 3:05 बजे उड़ान भरती है। मोदी दंपती दोपहर करीब 1 बजे एयरपोर्ट पहुंचे। फ्लाइट की उड़ान में समय होने के कारण वे एयरपोर्ट के ग्राउंड फ्लोर पर डिपार्चर हॉल में इंतजार कर रहे थे।
अरुण रिकलाइनर्स पर आराम करने के लिए बैठे थे। इसी दौरान एक चूहा उनकी पैंट में घुस गया। अरुण हड़बड़ाकर उठे। उन्होंने बाहर से ही चूहे को पकड़ा। इस पर चूहे ने उन्हें घुटने के पीछे काट लिया। उन्होंने पैंट उतारी और चूहे को पकड़ा। घटना से गुस्साए मोदी दंपती चिल्लाने लगे। शोर सुनकर एयरपोर्ट स्टाफ वहां पहुंचा। अरुण को मेडिकल रूम में ले गया।

मेडिकल रूम में नहीं था रैबीज का इंजेक्शन
अरुण मोदी हैदराबाद की आईटी कंपनी में सॉफ्टवेयर डेवलपर हैं। वह इंदौर से बेंगलुरु होते हुए कालीकट जा रहे थे। उन्होंने कहा- मैंने अपने डॉक्टर को फोन लगाया। उन्होंने मुझे तुरंत रैबीज का इंजेक्शन लगाने की सलाह दी। इंदौर एयरपोर्ट के मेडिकल रूम में इंजेक्शन नहीं था। मैंने कहा कि प्रिस्क्रिप्शन लिखकर दे दें ताकि मैं कहीं और ये इंजेक्शन लगवा सकूं। इस पर डॉक्टर ने प्रिस्क्रिप्शन लिखकर दिया। जिसके आधार पर मैंने बेंगलुरु पहुंचकर इंजेक्शन लगवाया।
टिटनेस का इंजेक्शन भी बड़ी मुश्किल से लगाया
अरुण ने कहा- मैंने एयरपोर्ट के मेडिकल रूम में स्टाफ से टिटनेस का इंजेक्शन लगाने को कहा तो उन्होंने वो भी न होने की बात कही। नाराजगी जाहिर करने के बाद एयरपोर्ट मैनेजर ने दखल दिया। तब जाकर स्टाफ ने टिटनेस का इंजेक्शन लगाया।