इंदौर में एयरपोर्ट रोड पर 15 सितंबर की शाम मौत बनकर दौड़े ट्रक ने 3 लोगों की जान ले ली। 12 घायल हैं। ट्रक को ड्राइवर गुलशेर खान चला रहा था। उसके साथ हेल्पर शंकर था। ये दोनों 21 सितंबर तक पुलिस रिमांड पर है।
ड्राइवर गुलेशर खान और हेल्पर मान से पूछताछ जारी है।
घटना के बाद से गुलशेर लगातार बयान बदल रहा है। पुलिस अफसरों को उसने बताया कि जब वह एयरपोर्ट रोड पर जा रहा था तो कलानी चौराहे पर ट्रक के आगे रॉन्ग साइड से एक्टिवा आ गई थी। उसे बचाने में एक्सीलेटर के बदले ब्रेक दब गया।
इस वजह से ट्रक की स्पीड तेज हो गई और ऑटो रिक्शा से टकरा गया। इसके बाद कुछ समझ नहीं आया। डर गया था। उसने पुलिस को यह भी बताया है कि हादसे से पहले एक दुकान से एक बोतल देशी शराब खरीदकर पी थी।
इधर, पुलिस ने घटनास्थल और उसके पहले के फुटेज खंगाले हैं। अफसरों को यकीन है कि वह झूठ बोल रहा है। इसकी दूसरी वजह यह है कि आगे जब बड़ा गणपति चौराहे पर सिपाही पंकज यादव और अन्य युवकों ने ट्रक रोका तो गुलशेर होश में नहीं था। वह नशे में धुत था। हेल्पर शंकर भी गाड़ी में बेसुध ही पड़ा था।
बता दें, 48 साल का ड्राइवर गुलशेर पिता शमशेर खान धार के धरमपुरी का रहने वाला है। वहीं, हेल्पर शंकर मान भी धरमपुरी का ही निवासी है।
वाहनों को टक्कर मारते ट्रक का वीडियो भी आमने आया था।
गांधी नगर के यहां ट्रक में बैठकर पी थी शराब गुलशेर ने बताया कि चंदन नगर से गांधीनगर आते समय उसने रास्ते की शराब दुकान पर उसने ट्रक रोका था। यहां से देशी शराब की एक पूरी बोतल खरीदी। जिसमें शंकर और उसने ट्रक के अंदर से छककर शराब पी। करीब एक से डेढ घंटे तक वह ट्रक में बैठे रहे।
इसके बाद वह पोलो ग्राउंड के लिए निकल पड़े। राउ से गांधी नगर तक तो बायपास वाले रास्ते में आए। लेकिन, सुपर कॉरिडाेर आते ही सामने जाने के बजाय उसने एयरपोर्ट रोड पर गाड़ी घूमा दी। इसकी वजह यह है कि वह इंदौर आता रहता था इसलिए उसे यहां के शार्ट कट पता थे। यह रास्ता एयरपोर्ट रोड से पोलो ग्रांउड जाने वाला था। यहां पुलिसकर्मी ने उसे रोका। लेकिन, बिना रूके आगे बढ़ गए।

पुलिस ने पूरे रूट के कैमरे देखे सुपर कॉरिडार से घटनास्थल तक पुलिस ने पूरे रूट के कैमरे देखे हैं। जिसमें कालानी नगर चौराहे के पहले तक गुलशेर ट्रक को धीरे ले जाता हुआ दिख रहा है। इसके बाद ही उसकी ट्रक की स्पीड तेज हुई थी। पुलिस सबूत के तौर पर इसे कोर्ट में पेश करेगी। गुलरेज पर जांच के बाद गंभीर धाराएं बढ़ाई जा सकती है।
एक्टिवा सवार घायल छात्रा ने कहा था…
इधर, मंगलवार को बंठिया अस्पताल में धरमराज कॉलोनी की रहने वाली भर्ती दीक्षा चौहान से दैनिक भास्कर ने बातचीत की थी। जिसमें उसने बताया था कि हम लोग चौराहे से शिक्षक नगर की तरफ आ रहे थे। स्कूटी मेरी फ्रेंड चला रही थी। उसके पीछे एक और फ्रेंड थी। मैं लास्ट में बैठी थी। वहां शोरूम के सामने एक ट्रक हमको टक्कर देता हुआ साइड से होता हुआ आगे चला गया। आगे उसने गाड़ियों को टक्कर मार दी।
अगर वह थोड़ा सा भी इधर होता तो हमको भी साथ ले जाता। मैं कोचिंग गई थी। वहां से मेरी फ्रेंड का बर्थडे था तो खाने-पीने चले गए थे। मैं 11वीं क्लास में पढ़ती हूं। घटना के बाद मेरे पैर के ऊपर से एक गाड़ी चढ़कर गई। फिर मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था।

12 घायलों में 4 एक ही परिवार के सदस्य 12 घायलों में से गीतांजलि अस्पताल में 6, वर्मा यूनियन अस्पताल में 2, बांठिया अस्पताल में 2, अरबिंदो अस्पताल में एक और भंडारी अस्पताल में एक व्यक्ति को भर्ती कराया गया है। 2 घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है।
इनमें से चार- अशोक कुमार गोपलानी, काजल देवी गोपलानी, अंकिता डूडानी और संवेद डूडानी एक ही परिवार के सदस्य हैं।
