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कांग्रेस विधानसभा क्षेत्र नंबर 3 के दिग्गज नेता और 3 बार के पूर्व विधायक अश्विन जोशी ने आम आदमी पार्टी के दावे को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने अटकलों को विराम देते हुए कहा कि मेरा नाम कांग्रेस पार्टी के सर्वे में टॉप पर है। मेरी निष्ठा कांग्रेस में थी, है और सदैव रहेगी।
ध्यान रहे कि एक दिन पहले मंगलवार को आम आदमी पार्टी की प्रदेश अध्यक्ष रानी अग्रवाल ने कहा था कि अश्विन जोशी से हमारी बात चल रही है। जैसे ही फाइनल होगा हम उनको आप जॉइन करा लेंगे। इसके बाद ही अश्विन जोशी ने देर रात वीडियो जारी कर आप के दावे को गलत और विरोधियों की साजिश बताया।
इधर, यहां से कांग्रेस के दावेदार अरविंद बागड़ी और दीपक जोशी पिंटू भी रेस में है। विश्लेषकों का कहना है कि जोशी परिवार में टिकट की होड़ का फायदा अन्य दावेदार को हो सकता है।
जोशी ने रात को वीडियो जारी कर अपनी बात रखी
पूर्व विधायक जोशी ने कहा कि राजनीतिक प्रतिस्पर्धा में विरोधी इतना गिर सकते है, यह अविश्वसनीय है। मेरी लोकप्रियता से बौखलाए हुए विरोधी द्वारा चलाई गई यह अफवाह है। मेरी निष्ठा कांग्रेस में थी, है और सदैव रहेगी। मैं पार्टी के सर्वे में सबसे ऊपर हुं। वहीं मैंने ऐसा कोई कृत्य नहीं किया की मुझे जनता के सामने शर्म के मारे सर झुकाना पड़े। मैं पार्टी के सर्वे में सबसे आगे हूं और मैं चुनाव लड़ूंगा। हम कमलनाथ के नेतृत्व में सरकार बनाएंगे।
बता दें कि अश्विन जोशी पूर्व मंत्री महेश जोशी के भतीजे हैं और दिग्विजय सिंह के करीबी माने जाते हैं। तीन बार जीतने के बाद वे लगातार दो चुनाव हार चुके हैं। उनके क्षेत्र से वैश्य समाज के नेता अरविंद बागड़ी और दीपक जोशी उर्फ पिंटू भी दावेदार हैं।
जोशी परिवार की लड़ाई में बागड़ी का फायदा
कांग्रेसियों का कहना है कि विधानसभा तीन में अश्विन और दीपक पिंटू जोशी की लड़ाई में बागड़ी को फायदा मिल सकता है। उनका कांग्रेस शहराध्यक्ष का पद भी ऐन वक्त पर पार्टी ने होल्ड भी कर दिया था। ऐसे में उनका विधानसभा टिकट के लिए यहां से दावा बन गया। विश्लेषक बताते हैं कि व्यापारी वर्ग का इस क्षेत्र में खासा वोट बैंक है और बागड़ी वैश्य समाज के होने के साथ व्यापारी वर्ग में भी पैठ रखते हैं।
पार्टी टिकट के दावेदारों को संगठन में एडजस्ट कर चुकी
इंदौर विधानसभा 4 से कांग्रेस नेता गोलू अग्निहोत्री भी दावेदार थे। उन्हें पार्टी ने ऐनवक्त पर शहर कांग्रेस कार्यकारी अध्यक्ष बना दिया। इसके चलते उन्होंने खुद ही टिकट की दौड़ से बाहर कर लिया। यह बात उन्होंने दैनिक भास्कर के इंटरव्यू में भी कही थी। जबकि बागड़ी को अध्यक्ष पद पार्टी ने एक ही दिन में होल्ड कर दिया था, इसी वजह से टिकट की दौड़ में हैं।