इंदौर में वार्ड-19 के भाजपा पार्षद के बेटे के ऑफिस में तोड़फोड़ और धमकी देने के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। घटना 20 दिसंबर की है, जब छह युवक ऑफिस में घुस आए थे। फिलहाल, तीन आरोपी हिरासत में हैं। बाकी की तलाश जारी है।
बाणगंगा थाने में शिकायत दर्ज कराने पहुंचे पार्षद पुत्र मासूम जायसवाल ने बताया कि 20 दिसंबर की सुबह उनके पास एक कॉल आया था। फोन करने वाले ने खुद को उज्जैन के नजरपुर निवासी शाहरुख उर्फ जलील खान बताया। कॉलर ने हिंदू-मुस्लिम विवाद की बात कहते हुए बाहर निकलकर मिलने की धमकी दी।
मासूम के अनुसार, उन्होंने शाहरुख को शांतिपूर्वक बैठकर बात करने को कहा। इसके बाद दोपहर करीब 2 बजे दो बाइक से शाहरुख अपने साथियों के साथ ऑफिस पहुंचा। उसके दो साथी बाहर रुके, जबकि शाहरुख चाकू निकालकर दरवाजे पर लात मारते हुए अंदर घुस आया।
शाहरुख ने चाकू दिखाकर धमकाया और कहा कि अगर उज्जैन में महाकाल सवारी के दौरान थूकने की घटना से जुड़े मामले में गवाही से पीछे नहीं हटे तो अंजाम भुगतना पड़ेगा। इसी दौरान हुई झूमा झटकी में ऑफिस में मौजूद अनीता और मीरा बाई घायल हो गईं।
पुलिस ने मामले की जांच करते हुए इंदौर निवासी सौरभ, गोलू और विनोद को गिरफ्तार किया है। एसीपी रुबीना मिजवानी के मुताबिक, फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि पूरा घटनाक्रम सीधे उसी केस से जुड़ा है या नहीं। पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

महाकाल सवारी थूक कांड से जुड़ा है मामला मासूम ने बताया कि 17 जुलाई 2023 को उज्जैन में महाकाल की सवारी के दौरान छत से कुल्ला कर थूकने की घटना हुई थी। उस समय मासूम ने अपने मोबाइल से वीडियो बनाया था, जो बाद में वायरल हुआ। वीडियो के आधार पर एफआईआर दर्ज की गई थी।
बाद में मामले में दो गवाह बदल गए, लेकिन मासूम ने अपनी गवाही नहीं बदली। उनका कहना है कि घटना वाले दिन कुल 6 आरोपी ऑफिस पहुंचे थे। पुलिस ने ऑफिस का डीवीआर जब्त कर ली है।
प्रशासन ने ढहाया था आरोपी का घर महाकाल सवारी के दौरान थूकने के आरोपी के घर पर प्रशासन ने पहले ही बुलडोजर कार्रवाई की थी। नगर निगम और पुलिस की टीम ढोल-डीजे के साथ मौके पर पहुंची थी। कार्रवाई के दौरान टंकी चौक इलाके की दुकानों को बंद रखा गया था।
एडिशनल एसपी आकाश भूरिया के मुताबिक, मुनादी की प्रक्रिया के तहत डीजे का उपयोग किया गया और आरोपी के मकान के अवैध हिस्से को तोड़ा गया।
AIMIM ने जताया था विरोध घर तोड़ने की कार्रवाई पर AIMIM ने विरोध जताया था। पार्टी नेता तौकीर निजामी ने कहा था कि छोटी गलती पर घर गिराकर महिलाओं और बच्चों को सड़क पर लाना गलत है और यह कार्रवाई भाजपा सरकार के इशारे पर की गई।