इंदौर में 27 दिसंबर की रात, अचानक डायल 100 पर कॉल आती है। सूचना मिलने पर द्वारकापुरी थाने की एफआरवी (फर्स्ट रिस्पांस व्हीकल) मौके पर भेजी जाती है। पता चलता है कि किसी ने डॉक्टर सुनील साहू को गोली मार दी है। उनका कुंदन नगर स्थित जीवनधारा क्लिनिक पर हमला हुआ है।
जब एफआरवी मौके पर पहुंचती है, तो पता चलता है कि घटनास्थल अब राजेंद्र नगर इलाके के अंतर्गत आ गया है। इसके बाद राजेंद्र नगर टीआई नीरज बिरथरे को सूचना दी जाती है। टीआई बिरथरे तुरंत घटनास्थल पर पहुंचते हैं और मामले की तफ्तीश शुरू कर देते हैं।
इसके बाद हत्यारों को पकड़ने का सिलसिला शुरू होती है। पुलिस को पहला और अहम सुराग डॉक्टर की पत्नी सोनाली की कॉल डिटेल और एक संदिग्ध कार से मिलती है। इन सुरागों के आधार पर पुलिस हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने के करीब पहुंच जाती है।
मुख्य आरोपी शूटर हुल्ला उर्फ हुल्लन ने किया सरेंडर
राजेन्द्र नगर के कुंदन नगर में डॉक्टर सुनील साहू हत्याकांड के सभी आरोपी अब सलाखों के पीछे हैं। मुख्य आरोपी शूटर हुल्ला उर्फ हुल्लन ने भी उतर प्रदेश में एक पुराने प्रकरण में सरेंडर कर दिया। उसे वहां से जेल भेजा गया है।
पुलिस उसे जल्द प्रोडक्शन वारंट पर लेकर आएगी। इधर सुनील साहू की पत्नी सोनाली, मुख्य साजिशकर्ता वकील संतोष शर्मा और उसका साथ देने वाला वकील मनोज सुमन, वेटनरी डॉक्टर प्रकाश यादव निवासी देवकी नगर (अलीगढ़), संग्रामसिंह ठाकुर निवासी देवकी नगर सभी जेल में है।
पुलिस ने जब इस मामले की जांच बढ़ाई तो डॉक्टर सुनील की पत्नी सोनाली के मोबाइल ने कई कड़ी खोली। वकील संतोष शर्मा के साथ इतनी कॉल डिटेल मिलने के बाद पुलिस का शक गहराया और उन्होंने मामले में सबसे पहले पत्नी को ही हिरासत में लेकर पूछताछ करने का मन बनाया।
जिसमें एसीपी रूबीना मिजवानी ने कमान संभाली और उनकी मनोवैज्ञानिक तरीके ने पूरे हत्याकांड के रहस्य से पर्दा उठा दिया।
पत्नी नहीं चाहती थी, पति रास्ते से हटे
सोनाली की पूछताछ में पुलिस को पता चला था कि वह चाहती नहीं थी कि सुनील रास्ते से हटे, लेकिन वकील संतोष को लगता था कि अगर सुनील जिंदा रहा तो उनकी रिलेशनशिप लंबी नहीं चलगी। शादी के 21 साल होने के बाद कम उम्र की महिला सोनाली के चक्कर में पड़े संतोष को सुनील को रास्ते से हटाने के अलावा कुछ नहीं दिख रहा था। जिसमें उसने डॉक्टर सुनील को ही रास्ते से हटाने की बात ठानी और उसके लिए दोस्तों के साथ पूरी प्लानिंग की।
शादी के पहले से था संपर्क, परिवार ने कराई शादी
सोनाली का शादी से पहले वकील संतोष से अफेयर था। दोनों एडवाइजरी से संपर्क में आए तो उनकी नजदीकियां बढ़ती चली गई। सोनाली शादी नहीं करना चाहती थी। लेकिन परिवार के लोगों ने बताया कि लड़का डॉक्टर है। काफी अच्छा जीवन साथी मिलेगा। लेकिन डॉक्टर सुनील को नहीं पता था कि वह अपने घर सोनाली को नहीं अपनी मौत को लेकर जा रहा है।
25 दिन पहले केट रोड पर लिया रूम
राजेन्द्र नगर इलाके में ही डॉक्टर सुनील की रेकी करने के लिए वकील संतोष ने रूम ले लिया। यहां आने-जाने के दौरान क्लिनिक पर बैठने के दौरान सुनील पर नजर रखने लगा। इसके बाद दोस्त के साथ अलीगढ़ गया। वहां शूटरों को ढूंढ़कर उन्हें भरोसा दिलाया कि प्लानिंग सही रहेगी।
अगर पुलिस पकड़ती है तो भी कोर्ट तक पूरा सपोर्ट कर मामले में बाहर निकालकर लेकर आएगा। इसके बाद हत्यारे वारदात के दिन यहां पहुंचे। जिन्हें चिट्ठी देकर कुंदन नगर में वकील संतोष ने पहुंचाया।
मकान मालिक पर भी पुलिस ने किया केस
इस मामले में पुलिस ने वकील संतोष शर्मा को किराये से घर देने वाले मकान मालिक पर भी प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की है। राजेन्द्र नगर पुलिस के मुताबिक, मकान मालिक ने वकील संतोष को लेकर थाने पर किरायेदार की सूचना नहीं थी। इस मामले में अब पुलिस जल्द ही हुल्लन से पूछताछ कर हथियार जब्त करेगी। वहीं आरोपियों की चार्ट शीट कोर्ट में पेश करेगी।