इंदौर में बनने जा रहे एलिवेटेड कॉरिडोर का काम शुरू हो गया है। एबी रोड से नवलखा तक बनने वाले 7.40 किमी लंबे एलिवेटेड कॉरिडोर का काम पीडब्ल्यूडी (PWD) ने धरातल पर शुरू कर दिया है। फिलहाल मिट्टी परीक्षण का काम चल रहा है, जिसके लिए सड़क के एक हिस्से को लोहे के पतरों से कवर किया गया है। पीडब्ल्यूडी 15 फरवरी से फाउंडेशन (नींव) भरने का काम शुरू करेगा। पीडब्ल्यूडी ने सेंट्रल लाइन मार्किंग का काम पूरा कर लिया है।
350 करोड़ की लागत वाला यह प्रोजेक्ट बीते चार साल से अधर में लटका हुआ था। फरवरी 2021 में ही गुजरात की राजकमल बिल्डर्स कंपनी को इसका वर्क ऑर्डर दे दिया गया था, लेकिन कभी डिजाइन में संशोधन तो कभी बस रूट और ट्रैफिक को लेकर यह प्रोजेक्ट विवादों में रहा। मामला हाईकोर्ट तक भी पहुँचा, लेकिन अंततः शासन ने पुराने डिजाइन पर ही काम शुरू करने का फैसला लिया है।

मंत्री विजयवर्गीय और कलेक्टर की हरी झंडी हाल ही में शहर विकास को लेकर हुई बैठकों में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने इस प्रोजेक्ट की समीक्षा की थी। उनके निर्देश और कलेक्टर शिवम वर्मा द्वारा दी गई मंजूरी के बाद अब निर्माण की बाधाएं दूर हो गई हैं। अधिकारियों का साफ कहना है कि डिजाइन में अब कोई बदलाव नहीं होगा और मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार ही काम आगे बढ़ेगा।

ट्रैफिक अलर्ट: आंशिक रुकावट, जल्द जारी होगा डायवर्जन प्लान वर्तमान में सॉयल टेस्टिंग के कारण सड़क पर अस्थायी टीन लगाए गए हैं। पीडब्ल्यूडी अधिकारियों के अनुसार, 15 फरवरी से जब भारी मशीनें मौके पर पहुंचेंगी और खुदाई शुरू होगी, तब ट्रैफिक पुलिस के साथ मिलकर एक विस्तृत ट्रैफिक डायवर्जन प्लान जारी किया जाएगा, ताकि वाहन चालकों को परेशानी न हो।
कॉरिडोर की खासियत: 4 लेन और 3 फ्लाईओवर

इस तरह होगा एलिवेटेड कॉरिडोर।
