इंदौर।सोलह साल बड़े टीचर से तंग आकर नवविवाहिता ने की आत्महत्या, गूगल पर ढूंढी थी आसान मौत

इंदौर के लसूडिया की 10-11 ग्रैंड होटल में नवविवाहिता ईशा जैन के सुसाइड के मामले में आरोपी कोंचिग टीचर संदीप तोमर ने सरेंडर कर दिया। आरोपी उससे 16 साल बड़ा है। उस पर नवविवाहिता से शादी से पहले हुई ट्यूशन और उसके बाद के मैसेजेज की आड़ में ब्लैकमेल और प्रताड़ित करने का आरोप है। तंग आकर नवविवाहिता ने 6 मई को सुसाइड किया था। उसके बाद से आरोपी फरार था। गुरुवार को पुलिस उसे थाने से मेडिकल कराने एमवाय पहुंची। इसके बाद जेल भेज दिया गया।

इस बीच युवती के परिवार ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिवार ने टीचर के मोबाइल जब्त करने से लेकर अन्य कई शिकायतें पुलिस अफसरों से की है। परिवार ने पूछा है कि ईशा के पास जहर से कहां आया, इसकी पड़ताल भी की जाना चाहिए।

सुसाइड के तीन दो-दिन पहले वे टू कमिट सुसाइड सर्च किया था ईशा ने

पुलिस की जांच में जब्त मोबाइल ने कई राज उगले हैं। मोबाइल से पता चला है कि ईशा ने 3 मई को मोबाइल में वे टू कमिट सुसाइड (आत्महत्या करने का तरीका) ऑनलाइन सर्च किया था। ईशा 3 मई को अपने ऑफिस से दोपहर 2 बजे ही निकल गई थी। इसके 6.30 घंटे बाद यानी रात 8.30 बजे ईशा ने ननद को कॉल किया। दो दिन बाद सुसाइड कर लिया था।

संदीप को हाईकोर्ट से विड्राल कराना पड़ी जमानत

फरार चल रहे आरोपी संदीप ने वकील के माध्यम से हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी। तर्क दिया कि ईशा के सुसाइड का कारण मैं नहीं, बल्कि पति और उनके बीच का विवाद है। इसी के चलते पति उसे मायके में छोड़कर आ गया था। वह शादीशुदा थी, समझदार थी।

इसके जवाब में ईशा की ओर से पैरवी कर रहे वकील ने तीन लाख मैसेज की बात रखी। हाईकोर्ट ने जमानत खारिज कर दी। इसके बाद संदीप के वकील ने तुरंत जमानत अर्जी वापस ले ली।

कमरे से मिला ही नहीं ईशा का मोबाइल

कोर्ट में यह भी पक्ष रखा गया कि ईशा जब अपने घर से गई तो वह खाली हाथ थी। उसके पास जो मोबाइल मिला, उसे संदीप तोमर इस्तेमाल करता था। इसकी सिम संतोष नामक युवक के नाम से थी। संतोष दरअसल आरोपी कोचिंग टीचर संदीप के यहां काम करता था। इसके चलते संदीप ने उसी की आईडी कार्ड से सिम ली थी।

ईशा के वकील ने बताया कि यह कॉल करने पर गोलू नाम आता है। पुलिस को इसकी जांच करना चाहिए। इसके साथ ही संदीप और ईशा की डैटिंग एप की चैटिंग का हवाला भी दिया।

  • संदीप के भेजे गए मैसेज का स्क्रीन शॉट। इसमें सबसे ऊपर संदीप ने वॉइस रिकॉर्डिंग भेजकर ईशा की बातों पर आपत्ति ली है। इसके बाद लगातार टेक्स्ट मैसेज भेजकर उसके जवाब देने में देरी का कारण पूछ रहा है।

परिवार ने पुलिस से इन बिंदुओं पर भी जांच की मांग की

ईशा के परिवार ने पुलिस कमिश्नर से अधूरी जांच की शिकायत की है। परिवार ने बिंदुवार जानकारी मांगी है। ईशा के परिवार ने एसीपी को बयान दर्ज कराने की बात कही।

– 3 मई को ननद को कॉल करने के बाद ईशा कहां रही। इसकी जांच पुलिस ने नहीं की।

– लाइन एप की 30 अप्रैल और 1 मई की चैटिंग हिस्ट्री से गायब है। इसे जांच रिपोर्ट में शामिल करना चाहिए।

– जिस दिन ईशा का सुसाइड हुआ उस पर सोशल मीडिया कॉलिंग थी या नहीं? संदीप तोमर के कई मिस कॉल ईशा के नंबर पर मिले हैं। संदीप ने ये कॉल क्यों किए इसकी जांच भी की जाए।

– जो मोबाइल ईशा के पास से मिला। उससे रिक्शा बुक कराई गई थी। रिक्शा की जानकारी निकालकर उसके चालक से पूछताछ की जाना चाहिए।

– जब ईशा होटल में रूकी तो उस होटल की सीसीटीवी रिकार्डिंग भी जब्त कर जांच करना चाहिए।

– संदीप और ईशा के मोबाइल की सीडीआर को भी जांच में शामिल करना चाहिए। इसके साथ ही संदीप की पत्नी दिव्या और उसके भाई-भाभी की सीडीआर भी जांच में शामिल करना चाहिए।

– ईशा के मोबाइल में मिले दो नंबर अनंत सीड्स मुराई मोहल्ला के नाम से मिले हैं। इनके बयान लेकर पूछताछ करना चाहिए कि उन्होंने तो ईशा को जहर नहीं बेचा?

– ईशा किस रूट से होते हुए होटल तक पहुंची उसके भी सीसीटीवी ट्रेल चैक करना चाहिए।

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