
चंदन नगर में पंजाब ट्रेवल्स की बस में 14 लाख का पार्सल गायब होने का मामला उलझता जा रहा है। पुलिस अधिकारियों ने अकाउंट के साथ घर की तलाशी ली लेकिन रुपए का हिसाब-किताब नहीं मिला। इधर बस ड्राइवर से विवाद की बात सामने आई है। इस मामले में एक अफसर जांच की बात कर रहे थे। लेकिन थाना प्रभारी की जल्द बाजी में दोनों आरोपी बन गए। रुपए जब्त करने को लेकर डिपार्टमेंट में ही मशक्कत चल रही है।
पुलिसकर्मी योगेश ओर दीपक का नाम एफआईआर में बढ़ा दिया गया। रात में उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। गुरुवार को द्रविड़ नगर इलाके में योगेश के घर और आरएपीटीसी में दीपक के घर पर भी पुलिस तलाशी के लिये पहुंची। लेकिन रुपए नहीं मिले। हवालात में बंद दोनों पुलिसकर्मी भी वारदात में अपना हाथ होने की बात से इंकार कर रहे हैं। उन्होंने अफसरों को बताया कि बस खड़ी करने को लेकर ड्राइवर को डांटा था लेकिन पार्सल गायब नहीं किया।
एफआईआर में लिख दिया नाम
एडिशनल डीसीपी अभिनव विश्वकर्मा ने मीडिया को बताया कि 25 दिसंबर को दर्ज एफआईआर में रात में योगेश और दीपक का नाम लिखा गया है। ड्राइवर नरेन्द्र तिवारी का नाम भी नहीं हटाया गया है। इधर, टीआई इंद्रमणि पटेल रुपए जब्ती को लेकर कशमकश कर रहे हैं।
एडिशनल डीसीपी चाहते थे जांच के बाद हो कार्रवाई
बताया जाता है कि एडिशनल डीसीपी अभिनव विश्वकर्मा को जब डीसीपी राजेश सिंह ने मामले की जांच करने भेजा तो उन्होंने पंजाब बस के ड्राइवर तिवारी और दोनों पुलिसकर्मियों से पूछताछ की। विश्वकर्मा ने मामले को संदिग्ध मानकर जांच की बात कही। लेकिन रात में टीआई ने दोनों के नाम एफआईआर में शामिल करवा दिए।