इंदौर। वक्फ बोर्ड की करोड़ों की जमीन में हेराफेरी: आरोपी फर्जी सील, लेटर व हस्ताक्षर के जरिए धोखाधड़ी को दे रहा था अंजाम; बोलेरो भरकर दस्तावेज जब्त

वक्फ बोर्ड भोपाल की शिकायत पर इंदौर पुलिस ने धोखाधड़ी का केस दर्ज किया, बोलेरो भरकर दस्तावेज जब्त

इंदौर में वक्फ बोर्ड की करोड़ों की जमीन में हेराफेरी का मामला सामने आया है। आरोपी फर्जी सील, लेटर व हस्ताक्षर के जरिए इस धोखाधड़ी को अंजाम दे रहा था। संयोगितागंज पुलिस ने धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। आरोपी 15 साल से कर्बला कमेटी का कोषाध्यक्ष व सदर भी रहा है।

टीआई सतीश पटेल के मुताबिक मोहम्मद उस्मान निवासी आरिफ नगर बैरसिया रोड, भोपाल की शिकायत पर नासिर उर्फ नस्सू खान निवासी कड़ावघाट के खिलाफ धोखाधड़ी व कूटरचित दस्तावेजों से हेराफेरी का केस दर्ज किया है। शिकायतकर्ता उस्मान वक्फ बोर्ड भोपाल में उच्च श्रेणी लिपिक हैं।

उन्होंने बताया कि मप्र वक्फ बोर्ड भोपाल की सीईओ फरजाना गजाला के निर्देश के बाद ये केस दर्ज करवाया है। आरोपी नासिर रंगरेजान मस्जिद कड़ावघाट का पूर्व अध्यक्ष है। वह 15 साल कर्बला कमेटी का कोषाध्यक्ष व सदर भी रहा है। उस पर आरोप है कि बतौर कोषाध्यक्ष रहते हुए भी उसने कर्बला कमेटी में लाखों की हेराफेरी की है।

भूमाफियाओं को वक्फ बोर्ड के फर्जी दस्तावेज बनाकर दिए, घर में ही दफ्तर

उस्मान ने बताया, आरोपी नासिर ने वक्फ बोर्ड के कार्यालयीन दस्तावेज, लेटर हेड, सील, मुहर का गलत तरह से उपयोग किया। आरोपी ने भूमाफियाओं को भी वक्फ बोर्ड की बेशकीमती जमीनों के दस्तावेज फर्जी ढंग से लेटर हेड पर सील लगाकर उपलब्ध करवाए हैं, जिसका भूमाफियाओं ने गलत इस्तेमाल किया है।

वहीं, फातमा मस्जिद जुमला फुरकान शाह कमेटी के अध्यक्ष ने भी पुलिस को शिकायत की है कि आरोपी नासिर ने खुद को फातमा मस्जिद उदापुरा इंदौर का अध्यक्ष भी घोषित कर रखा है। बतौर अध्यक्ष इसने लाखों रुपए की आय अवैधानिक तरीके से अर्जित की है। आरोपी अपने घर से ही कार्यालय चला रहा था।

भूमाफिया से भी लिंक ढूंढ़ रहे

भोपाल से हुई शिकायत के बाद संयोगितागंज पुलिस की टीम ने आरोपी नासिर के घर व कार्यालय पर सोमवार को दबिश देकर बोलेरो भरकर वक्फ बोर्ड से जुड़ी संपत्ति, कमेटी व कार्यालयों के दस्तावेजों का जखीरा बरामद किया है। इसके भूमाफियों से भी कनेक्शन को लेकर पुलिस जांच कर रही है। इधर प्राथमिक जांच में सामने आया कि आरोपी नासिर ने बोर्ड की सील और अन्य कई डॉक्यूमेंट भी फर्जी तरीके से बनाए हैं, जो वक्फ बोर्ड ने कभी जारी किए ही नहीं।

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