इंदौर। आवारा कुत्तों के हवाले हुआ इंदौर, हर महीने स्ट्रीट डॉग बाइट के 3600 केस; 8 साल में डबल हुए डॉग्स के हमले – देखें VIDEO

इंदौर में स्ट्रीट डॉग बाइट (आवारा कुत्तों) के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। इंदौर में हर महीने एवरेज 3600 लोगों को आवारा कुत्ते अपना शिकार बना रहे हैं। इस हिसाब से देखें तो इंदौर में रोजाना 120 लोगों को यानी हर घंटे 5 लोगों पर स्ट्रीट डॉग हमला कर रहे हैं। हुकुम चंद पॉलि क्लिनिक (लाल अस्पताल) से मिले आंकड़ों के अनुसार इंदौर में 2023 में कुत्तों ने 44 हजार 016 लोगों को काटा था। वहीं 2022 में यह संख्या 40 हजार 249 थी। यह आंकड़ा सिर्फ सरकारी अस्पताल में कुत्तों के काटने का प्राथमिक इलाज कराने आए लोगों का है। निजी अस्पताल के आंकड़े इसमें शामिल नहीं हैं।

इंदौर की अधिकांश कॉलोनियों और चौराहों पर देर रात निकलना अब और खतरनाक हो चुका है। शहर में आवारा कुत्तों का आतंक है। इनके काटने के बाद लोग एंटी रैबीज वैक्सीन लगाने के लिए एमटीएच स्थित हुकुम चंद पॉलि क्लिनिक पहुंचते हैं। क्लिनिक के आंकड़ों के अनुसार 1 जनवरी 2023 से 31 दिसंबर 2023 तक इंदौर में 44 हजार 016 लोग आवारा कुत्तों के हमले से घायल हुए हैं। जबकि 6 साल पहले यानी साल 2016 में यह आंकड़ा 20 हजार 455 था।

इस हिसाब से देखा जाए तो 8 साल में इंदौर में डॉग बाइट के केस डबल हो गए हैं। जबकि हर साल इन केसों में 15 से 20 प्रतिशत की वृद्धि हो रही है। हुकुम चंद पॉलि क्लिनिक में रोजाना 100 से 120 लोग डॉग बाइट कर इलाज कराने पहुंच रहे हैं। विशेषज्ञों की माने तो शहर के विभिन्न निजी अस्पतालों में भी रोजाना 55 से 60 लोग कुत्तों के काटने का इलाज कराने पहुंचते हैं। इस लिहाज से देखा जाए तो इंदौर में रोजाना लगभग 200 लोग आवारा कुत्तों के हमले का शिकार हो रहे हैं। बता दें कि हुकुम चंद पॉलि क्लिनिक (लाल अस्पताल) में कुत्ते के काटने का वैक्सीन 50 रुपए में लगाया जाता है।

8 साल में स्ट्रीट डॉग बाइट के 2 लाख केस

– इंदौर में पिछले 8 साल में यानी 2016 से दिसंबर 2023 तक 2 लाख 50 हजार 634 लोगों को कुत्तों ने काटा हैं।

– आंकड़ों पर नजर डाली जाए तो साल 2016 में 20 हजार 4551

– 2017 में 24 हजार 151

– 2018 में 29 हजार 45

– 2019 में 32 हजार 647

– 2020 में 27 हजार 694

– 2021 में 32 हजार 325

– 2022 में 40 हजार 249

-2023 में 44 हजार 016

बच्चों-महिलाओं के बाद सबसे ज्यादा टू-व्हीलर चालक परेशान

इंदौर में पिछले 8 साल से एक शेल्टर में काम करने वाले विशाल कारवाल ने बताया कि आजकल पशु प्रेमी अपने मोहल्ले के आवारा कुत्तों को खाना खिला देते हैं और उनका ख्याल रख लेते हैं। लेकिन इनकी संख्या इतनी बढ़ गई है कि यह रात के साथ ही दिन में भी अकेले लोगों पर हमला करने से नहीं झिझकते। अब यह कुत्ते बच्चे, बुजुर्ग और महिलाओं पर हमला करने के साथ ही दोपहिया वाहन चालक को सबसे ज्यादा अपना शिकार बना रहे हैं।

2023 में जनवरी-दिसंबर में सबसे ज्यादा हमले

सरकारी आंकड़ों पर नजर डाले तो सबसे ज्यादा कुत्तों के हमले इंदौर में जनवरी और दिसंबर माह में देखने को मिले हैं। इंदौर में जनवरी 2023 में 4 हजार 061 लोगों को और दिसंबर 2023 में 4 हजार 251 लोगों को कुत्तों ने अपना शिकार बनाया है। बाकी के महीनों में 4 हजार से कम लोगो को ही कुत्तों ने काटा है। वहीं 2022 में यह आंकड़ा एक भी बार 4 हजार के पार नहीं गया था।

केस-1

विधायक को करना पड़ा द्वीट

 

केस-2

इंदौर के लिम्बोदी इलाके के श्रीकृष्ण एवेन्यू में रहने वाले रोहित शाह के 5 साल के बेटे पर दो साल पहले कुत्ते ने हमला कर दिया था। इस हमले में मासूम के शरीर पर कई जगह गहरे जख्म हो गए थे। उसके गले, होंठ में गहरी चोट आई थीं। निजी हॉस्पिटल में दो घंटे चली सर्जरी के बाद बमुश्किल उसकी जान बची थी।

केस-3

3 साल पहले जून महीने में इंदौर के सुदामा नगर में रहने वाले नरेंद्र विश्चैया की पत्नी पर कुत्ते ने हमला कर दिया था। इससे गुस्साए नरेन्द्र ने कुत्ते के सिर में गोली मार दी थी। इस मामले की शिकायत द्वारकापुरी थाने में होने के बाद पुलिस ने उसकी लाइसेंसी बंदूक जब्त कर कार्रवाई की थी। नरेंद्र विश्चैया आरटीओ में बाबू है।

केस-4

14 साल के बच्चे के हाथ पर काटा

17 नवंबर 2023 को कैलोद कांकड में 14 साल के बच्चे तरुण चौहान को कुत्ते ने काट कर जख्मी कर दिया था। तरुण चौहान अपने दोस्त के यहां कॉपी लेने गया था। इसी दौरान कुत्ता उसके पास आया और अचानक बांए हाथ में काट लिया। इसके बाद कुत्ते ने तरूण का हाथ अपने मुंह में पकड़ कर झकझोरा और गिरा दिया। इससे तरूण के बाएं हाथ, कंधे पर, पैर और पेट पर चोट आई थी।

केस-5

स्कीम नं-71 निवासी स्कूटी सवार तोषी माते शाम को कोचिंग क्लास से घर जा रही थी। तभी झुंड में बैठे कुत्ते उस पर लपक पड़े, जिससे वह गाड़ी समेत गिर पड़ी और कुत्ते ने उसके पैर पर काट लिया। गंभीर हालत में वह घर पहुंची तो परिजन उसे अस्पताल लेकर पहुंचे।

केस-6

DAVV के होस्टल की वार्डन के पालतू डॉग को लेकर हुआ हंगामा

DAVV के एक स्टूडेंट को जुलाई 2023 में यूनिवर्सिटी की वार्डन के पालतू कुत्ते ने हाथ में काट लिया था। जिसके बाद यूनिवर्सिटी में एनएसयूआई और अभाविप ने जमकर हंगामा किया था। उस समय एनएसयूआई ने आरोप लगाए थे कि चीफ वार्डन नम्रता शर्मा डॉग को यूनिवर्सिटी लेकर आती हैं। उनका डॉग कई बार प्रोफेसर और स्टूडेंट्स पर हमला कर चुका है। वहीं अभाविप ने कहा था कि देवी अहिल्या विश्वविद्यायल में अध्यापिका एवं हॉस्टल वार्डन नम्रता शर्मा द्वारा छात्रों की आवाज को दबाया जाता है। आवाज उठाने पर स्टूडेंट्स पर डॉग से अटैक कराया जाता है।

जनवरी 2022 से दिसंबर 2023 तक कुत्तों का शिकार बने लोगों की संख्या

 

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