
इंदौर की 5 आई-बसों में चल रहा पायलेट प्रोजेक्ट।
इंदौर में बेहतर पब्लिक ट्रांसपोर्ट व्यवस्था के लिए पांच आईबसों में एक हाईटेक पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया गया है। इस प्रोजेक्ट में ऐसे सिस्टम लगाए गए हैं, जो ड्राइवर के व्यवहार पर नजर रखेंगे। ड्राइवर के मोबाइल पर बात करने, स्मोकिंग करने या बार-बार उबासी लेने पर तुरंत कंट्रोल रूम और संबंधित बस ऑपरेटर को अलर्ट मिलेगा।
यह पायलट प्रोजेक्ट 10 दिन पहले शुरू किया गया है। एआईसीटीएसएल (AICTSL) के अधिकारियों ने काफी सर्चिंग के बाद दिल्ली में इस तकनीक की जानकारी हासिल की थी। अगर यह प्रोजेक्ट सफल होता है, तो इसे शहर की सभी बसों में लागू किया जाएगा।

बसों में लगाए गए हैं इक्यिपमेंट्स
एआईसीटीएसएल के इंजीनियर इंचार्ज अभिनव सिंह चौहान ने बताया कि यह पायलट प्रोजेक्ट बीआरटीएस पर संचालित पांच आईबसों में शुरू किया गया है। इसमें आधुनिक एआई और टेलीमेटिक बस सॉफ्टवेयर का उपयोग किया गया है, जो अलग-अलग तरीके से काम करते हैं। बसों में फिलहाल कुछ इक्यिपमेंट्स लगाए गए हैं।

देश में पहली बार पब्लिक ट्रांसपोर्ट में इस्तेमाल
अभिनव सिंह चौहान ने बताया कि यह तकनीक पहले से दिल्ली रेलवे में इस्तेमाल हो रही है। इसे पब्लिक ट्रांसपोर्ट के लिए यहां लाने के लिए कॉन्फिगर किया गया। इसके लिए दिल्ली की एक कंपनी से चर्चा की गई। उन्होंने इसे पायलट प्रोजेक्ट के रूप में उपयोग करने की अनुमति दी।
इस प्रोजेक्ट को अगले दो महीने तक चलाया जाएगा। दस दिन पहले ही इसकी शुरुआत की गई है। यदि यह सफल होता है तो इसके टेंडर जारी किए जाएंगे, जिसके बाद इसकी लागत का पता चलेगा। चौहान का कहना है कि संभवतः भारत में पब्लिक ट्रांसपोर्ट में इसका पहला उपयोग यहां हो रहा है।

435 बसें हो रही हैं संचालित
एआईसीटीएसएल के पास वर्तमान में 450 बसें हैं, जिनमें से 435 अलग-अलग रूटों पर संचालित हो रही हैं। अगर यह पायलट प्रोजेक्ट सफल होता है, तो इसे सभी बसों में लागू किया जाएगा। इससे पब्लिक ट्रांसपोर्ट की सुविधा में सुधार होगा।
“ट्रांसपोर्ट को मजबूत कर रहे हैं”
महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि डिजिटलाइजेशन करते हुए ड्राइवर और कंडक्टर को मॉनिटर करने की तैयारी हो रही है ताकि वे शराब पीकर गाड़ी न चलाएं या मोबाइल पर बात न करें।
यह सिस्टम इतना हाईटेक है कि अगर किसी ने शराब पीकर गाड़ी चलाने की कोशिश की, तो गाड़ी स्टार्ट ही नहीं होगी। इस तरह के नवाचार करके ट्रांसपोर्ट सिस्टम को मजबूत किया जा रहा है। इसके साथ ही एआईसीटीएसएल का खुद का वाशिंग सेंटर भी तैयार किया जाएगा।