इंदौर। आदिवासी कन्या छात्रावास में गंभीर अनियमितताएं सामने आने के बाद हॉस्टल वार्डन किया गया निलंबित, पूर्व सरपंच ने वार्डन को लेकर किए कई खुलासे – देखें VIDEO

आरोपी वार्डन शिल्पा गौड़ को सस्पेंड कर दिया गया है।

चोरल के आदिवासी कन्या छात्रावास में गंभीर अनियमितताएं सामने आने के बाद हॉस्टल वार्डन शिल्पा गौड़ निलंबित हो चुकी है। हालांकि कार्रवाई से बचने के लिए उसने विभाग को भी गुमराह किया। शो-काज नोटिस के जवाब में कहा कि पूर्व सरपंच उसका टैबलेट हॉस्टल से ले गया था, जिसके पीछे वो गई थी। मौके पर पहले से उसकी पत्नी मौजूद थी, जिसके बाद पूरा ड्रामा हुआ। पूर्व सरपंच ने आरोपों का खंडन किया है। कहा कि वो कार से जा रहे थे। शिल्पा ने लिफ्ट मांगी थी। टैबलेट नहीं छीना।

इधर, शिल्पा ने जिन छात्राओं को एक साल पहले अकारण हॉस्टल से निकाला, उन्हें भी पहले उसने धमकाया था। शिकायत करने वाली एक छात्रा की मां ने डर की वजह से बेटी को मना भी किया। लेकिन पिता ने बेटी का सपोर्ट किया। पत्नी को भी समझाया। पूर्व सरपंच का परिवार भी शिल्पा से पीड़ित है। पत्नी ने शिल्पा के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और उसे नौकरी से निकालने की मांग की है। इस संबंध में जब शिल्पा गौड़ से बात करने की कोशिश की गई तो उन्होंने फोन कट कर दिया। जानिए पूर्व सरपंच की पत्नी और शिकायतकर्ता छात्रा और पूर्व सरपंच का क्या कहना है।

पूर्व सरपंच नारायण पटेल बोले : मैंने मदद की मुझे ही झूठा फंसाया, मैंने शिल्पा को सिर्फ लिफ्ट दी

“इसका जब हातोद ट्रांसफर हुआ था, तब मैं एक बार इसकी कार में बैठा था। तब गाड़ी में मुझे शराब के क्वार्टर की आवाज आई थी। मैंने हाथ डालकर देखा तो क्वार्टर हाथ में आए। मैंने शिल्पा से पूछा कि गाड़ी में शराब क्यों। कहने लगी की मुझे तो लगती है। मैंने कहा कि रोज पीती हो, तो बोली हां मैं तो रखती हूं। घर और हॉस्टल में भी रखती हूं। मैंने पूछा कि लाकर कौन देता है। उसने बताया कि ड्राइवर सलमान लाकर देता है।

9 जुलाई को भी मैं हॉस्टल नहीं गया था। मैं कार से जा रहा था, तब शिल्पा रास्ते में खड़ी मिली। उसने मुझ से लिफ्ट मांगी। मैंने लिफ्ट दे दी। बाद में पत्नी और बेटी को पीछे आते देखा तो गाड़ी रोकी। फिर विवाद हुआ और शिल्पा ने मेरी झूठी रिपोर्ट दर्ज करवा दी। मैंने इसका टैबलेट नहीं छीना। मैं इसे 5-6 साल से जानता हूं। मैं तब सरपंच था। किसी से मेरा नाम लेकर इसने फोन किया था। तब इसकी मैंने मदद की थी। पिता के स्थान पर शिल्पा की अनुकंपा नियुक्ति लगी थी। स्कूल में पढ़ाती थी, लेकिन परमानेंट नहीं थी। तब परमानेंट करवाने में मैंने इसकी मदद की। बाद में इसका ट्रांसफर चोरल हॉस्टल में हो गया। किसी काम के लिए फोन करती थी तो हेल्प कर देता था। मेरा हॉस्टल में आना-जाना नहीं रहा। मुझे झूठा फंसाया है। पत्नी को शक हुआ कि शिल्पा से मेरे संबंध हैं। उसने शिकायत की तो इसका हातोद ट्रांसफर हो गया। कुछ महीनों के बाद ये वापस चोरल हॉस्टल आ गई। तब इसने बताया कि उमेश उसारी नामक व्यक्ति ने इसकी मदद की। उसने उषा दीदी से बोल कर वापस ट्रांसफर करवाया है।”

वार्डन शिल्पा गौड़ की शिकायत करने वाली छात्राओं को वार्डन ने हॉस्टल से निकलवा दिया था।

पांच पाइंट में समझिए शिकायतकर्ता छात्राओं ने क्या कहा

वार्डन शिल्पा गौड़ की शिकायत की बात की तो मम्मी ने थोड़ा चिल्लाया था। मम्मी डरती है। उन्हें लगता है कि वार्डन कुछ कर देगी। मुझे कुछ हो जाएगा। अब जो सच है वो तो बोलना पड़ेगा। मैंने कहा देख लेंगे आगे जो भी होगा। आवाज तो उठाउंगी। लेकिन पापा बहुत सपोर्ट करते हैं। पापा, मम्मी को भी समझाते हैं। फिर मम्मी भी कहती है कि वो (वार्डन शिल्पा) ऐसा करेगी तो कौन रखेगा। हम 6 भाई बहन हैं।

हॉस्टल में डीजे बजाने और बाहरी पुरुषों के आने पर मैंने वार्डन मैम की शिकायत एक साल पहले स्कूल में की थी। तब उसने मुझे धमकाया था। वो अपने साथ हॉस्टल की लड़कियों को घर भी ले जाती थी। बाहरी पुरुष हॉस्टल में आते थे। ड्राइवर सलमान भी अंदर हॉस्टल में घूमता रहता था। वार्डन मैम रात को रोज डीजे बजाती थी और डांस करती थी। पार्टी करती थी। शराब पीकर रात को आती थी। लड़कियों को खाने में भांग मिलाकर देती है।

मैंने इस पर आपत्ति ली थी। कभी उनका मूड ऑफ रहता तो डीजे नहीं बजाती। मैंने घर पर पापा और स्कूल में प्रिंसिपल मैडम को सब बताया था। तब वार्डन मैम ने कहा कि तुझे क्या करना, तूने मेरी शिकायत क्यों की। तब से मेरा और मैडम का झगड़ा हो गया।

हॉस्टल में एक दूसरी लड़की के पास मोबाइल मिला था। लेकिन मेरा और मेरी फ्रेंड का झूठा नाम वार्डन मैम ने लगाकर हमें हॉस्टल से निकलवा दिया। 5 लड़कियों को निकाला था, जिसमें से गलती 1 लड़की की थी जिसके पास मोबाइल था। उसके बाद हमें घर से स्कूल जाना पड़ता है। घर से स्कूल काफी दूर है। दो बार बस बदलना पड़ती है। तब स्कूल पहुंचते हैं। सुबह 8 बजे घर से निकलना पड़ता है और शाम को 6 बजे घर आते हैं। स्कूल सुबह 10.30 बजे से लगता है। हॉस्टल में थी तो सड़क पार करते ही सामने स्कूल था। वार्डन मैम के कारण मेरी और अन्य लड़कियां जिन्हें हॉस्टल से निकाला उनकी पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है।

वार्डन शिल्पा पर हॉस्टल के ऑफिस में ही केक काटकर खुद का जन्मदिन मनाने का भी आरोप है। इस दौरान बाहरी लोग और उसका ड्राइवर सलमान भी वहां कथित रूप से मौजूद थे।

पूर्व सरपंच की पत्नी बोली : शिल्पा ने मेरा परिवार तबाह किया, इसे नौकरी से निकालो

करीब 5-6 साल पहले शिल्पा और मेरे पति की पहचान हुई थी। मदद के लिए शिल्पा पति से मिली थी। पति तब सरपंच थे। शिल्पा के पिता का निधन हो गया था। अनुकंपा नियुक्ति लगी थी, लेकिन परमानेंट नहीं हो पा रही थी। तब पति ने इसकी मदद की। लेकिन इसने मेरा घर ही तबाह कर दिया। मेरे पति को फंसा लिया।

11 जुलाई को पूर्व सरपंच की पत्नी ने वार्डन और पूर्व सरपंच को कार में साथ जाते पकड़ा था।

मैंने कई बार समझाया लेकिन ये नहीं मानी। कोविड में पति को साथ रखने लगी। उन्हें कोरोना हुआ तो घर से भगा कर मेरे पास भेजा। मैंने पति का इलाज करवाया। बाद में फिर उन्हें बुलाने लगी। शराबखोरी करती। हॉस्टल में पार्टी करती। परेशान होकर मैंने विधायक उषा दीदी से शिल्पा की शिकायत की। इसके बाद उसका हातोद में ट्रांसफर हो गया। घर में शांति हो गई थी। सब कुछ अच्छा चल रहा था। मैं, मेरी बेटी और पति सब अच्छे से रह रहे थे। लेकिन शिल्पा कुछ ही महीने में वापस हातोद से ट्रांसफर करवाकर चोरल आ गई। दोबारा पति को फंसा लिया। 9 जुलाई को कार में ये बैठी थी। तब मैंने दोनों को रंगे हाथों पकड़ा। शिल्पा की रिपोर्ट दर्ज करवाई। मेरे पति को ही इसने झूठा इल्जाम लगाकर फंसाया और अब केस दर्ज करवा दिया है। हॉस्टल में लड़कियां भी इससे परेशान है। विभाग ने शिल्पा को निलंबित किया है लेकिन इसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। इसे नौकरी से निकाला जाए।

शो-काज के जवाब में वार्डन ने कहा-मेरा टैबलेट लेने हॉस्टल से बाहर गई

परियोजना अधिकारी मोहन सोनी ने बताया कि शिल्पा गौड़ को शो काज नोटिस दिया था। जिसमें हॉस्टल की वीडियो रिकॉर्डिंग और आरोपों पर जवाब मांगा। जवाब में वार्डन ने लिखा कि हॉस्टल से पूर्व सरपंच मेरा टैबलेट ले गया था। इसलिए मुझे जबर्दस्ती उसकी गाड़ी में टैबलेट लेने के लिए बैठना पड़ा। वहां पर उसकी पत्नी रास्ता देख रही थी उसने पकड़ कर मारा। हॉस्टल की बच्चियां सुरक्षित है। उनके साथ कभी कुछ नहीं हुआ है। पूर्व में शिकायत के बाद शिल्पा का हातोद ट्रांसफर हुआ था। 5-6 महीने बाद ये वापस चोरल हॉस्टल आ गई।

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