
छत्रीपुरा में पत्नी की हत्या करने वाले पति के चेहरे पर शिकन तक नहीं। 17 साल तक साथ रही पत्नी की हत्या के बाद भी वह नहीं सहमा । पत्नी के चले जाने का भी कोई अफसोस नहीं। दोनों ने मुंबई में लव मैरिज की थी। इसके बाद से आरोपी पति को नैना के चरित्र पर शंका होने लगी। घटना शनिवार दोपहर की है।
दूसरों से फोन पर बातचीत को लेकर कई बार पहले भी विवाद हुआ। पति-पत्नी के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। परिवार के मुताबिक पिछले पांच-छह महीने से आरोपी की मानसिक हालत ठीक नहीं है। उपरी बाधा को लेकर माता-पिता उसका इलाज करा रहे थे। अलग-अलग मंदिर और दरगाह भी ले गए।
छत्रीपुरा मेन रोड पर मिलिंद सौदे ने पत्नी नैना (35) की उसके ही दुपट्टे से गला घोंटकर हत्या कर दी। थाने में परिवार के लोग मिलिंद से मिलने पहुंचे तो वह लॉकअप में गुमसुम बैठा था। परिवार के लोगों ने बात करने की कोशिश की। लेकिन उसने कोई जवाब नहीं दिया।
आरोपी मिलिंद, पत्नी नैना, भाई विक्रांत, पिता विजय और मां सभी मुंबई के भायखला में रहते हैं। मिलिंद मुंबई में पार्लर का काम करता है। वहीं पिता फाइनेंस से जुड़ा काम करते हैं। छोटे-मोटे व्यापार करने वाले को ब्याज पर रुपए देते हैं। इंदौर में प्रॉपर्टी में इन्वेस्ट करने के लिए मकान लिया था। जब भी इंदौर आना होता इसी मकान में रूकते। पांच दिन पहले भी रिश्तेदारों से मिलने और घूमने के लिए इंदौर आए थे। शनिवार शाम तक वापस जाना था। लेकिन उससे पहले ही बेटे ने बहू की हत्या कर दी।

नैना और मिलिंद की शादी 17 साल पहले हुई थी। नैना भी मुंबई के भायखला की रहने वाली है।
पत्नी से बहुत प्यार करता है, जब भी एहसास होगा खुद को नुकसान पहुंचा लेगा
मिलिंद के पिता के मुताबिक नैना भी मुंबई के भायखला की रहने वाली है। दोनों की 17 साल पहले शादी हुई। तीन बच्चे हैं। एक बच्चा मुंबई में था। बाकी दो दादी के पास यहीं थे। मिलिंद अपनी पत्नी नैना से बहुत प्यार करता था। उसकी हर डिमांड पूरी करता। पिता ने पुलिस अफसरों के सामने भी कहा कि बेटे की मानसिक हालत अभी ठीक नहीं है। उसे पता नहीं है कि उसने क्या किया। जब भी एहसास होगा। खुद को नुकसान पहुंचा लेगा। कुछ दिन पहले भी कैमिकल पीकर सुसाइड करने की कोशिश की। तब अस्पताल में एडमिट कराया था।
बचपन से इंदौर में रहा, बॉडी बिल्डिंग का शौक
मिलिंद के पिता इंदौर आते-जाते थे। माता महारानी नगर बियाबानी में कई रिश्तेदार हैं। मिलिंद को उन्होंने बचपन से यहीं छोड़ दिया। उसने पार्लर का काफी काम इंदौर में ही सीखा। इतना ही नहीं वह मल्हार आश्रम व्यायामशाला में जाता। कई कुश्तियां भी लड़ी। उसे बॉडी बिल्डिंग का भी शौक रहा। उसने कुछ अवॉर्ड भी जीते। लेकिन कुछ माह से उसकी मानसिक हालत ठीक नहीं थी। परिवार के लोगों को उपरी हवा का चक्कर लगा। कई जगह उसका उपचार कराया। कई धार्मिक स्थल भी ले गए। लेकिन उसकी हालत में सुधार नही हुआ। परिवार उसका मानसिक उपचार भी करा रहा था।
पैर में चोट लगी तो खुद डॉक्टर के यहां पहुंच गया
पुलिस की माने तो उसकी मानसिक हालत इतनी भी खराब नहीं कि वह अच्छा-बुरा नहीं समझ सके। शनिवार दोपहर जब उसने पत्नी का गला घोटा और पहली मंजिल से छलांग लगाकर भागा तो माता-पिता कुछ समझ नहीं पाए। उन्हें लगा इसे किसी तरह का दौरा पड़ा है। नैना की हालत देखकर ससुर विजय और अन्य लोग उसे अलग-अलग अस्पताल ले गए। आखिर में चोइथराम ले गए। यहां उसकी मौत की पुष्टि हो गई। परिवार ने जब मिलिंद को ढूंढा तो वह कुछ दूरी पर चांद तारा क्लिनिक में बैठा मिला। पैर की चोट का इलाज कराने के लिए अपनी बारी का इंतजार कर रहा था। पुलिस ने उसे पकड़ा और थाने ले गई। पुलिस के मुताबिक उसे अपना अच्छा-बुरा समझ आता है। वरिष्ठ अफसरों के मुताबिक उसे जेल भेजने के पहले मानिसक परीक्षण कराया जाएगा।
परिवार के लोग इंदौर पहुंचे, यहीं हुआ अंतिम संस्कार
नैना की बहन और परिवार के लोग रविवार सुबह इंदौर पहुंचे। जिला अस्पताल में नैना का पोस्टमॉर्टम कराया गया। परिवार और समाज के वरिष्ठ लोगों ने इंदौर में ही उसका अंतिम संस्कार करा दिया।