
मृतक युवक शुभम रघुवंशी।
इंदौर में रणजीत हनुमान प्रभात फेरी के दौरान जान गंवाने वाले युवक के भाई को धमकी मिली है। 4 जनवरी को प्रभात फेरी के दौरान शुभम रघुवंशी की चाकू मारकर हत्या कर दी गई थी। केस में छोटा भाई मुख्य गवाह है। धमकी देने वालों ने उसे कोर्ट में गवाही देने से मना किया है। नहीं मानने पर जान से खत्म कर देने की बात कही है। जिसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा। युवक की शिकायत पर पुलिस ने धमकाने वालों के खिलाफ केस दर्ज किया है।
जाने.. मृतक के छोटे भाई को किस ने दी जान से मारने की धमकी
मृतक शुभम का छोटा भाई सौरभ पिता नरेंद्र रघुवंशी (23) निवासी गोमा की फेल मां रेखा रघुवंशी और दोस्त पीयूष कौशल के साथ तुकोगंज थाने पहुंचा। उसने पुलिस को बताया कि वो निजी ऑफिस में काम करता है।
3 महीने पहले बड़े भाई शुभम रघुवंशी की हत्या
अन्नपूर्णा थाना क्षेत्र में हुई थी। मामले में वो मुख्य गवाह है। 29 मार्च को रात करीब पौने दस बजे वो कोरी समाज की धर्मशाला के यहां किराना दुकान के पास खड़ा था। तभी अभिषेक शर्मा उर्फ नन्नी पंडित निवासी भागीरथपुरा गाड़ी से आया। वहां पास ही में बबलू और पीयूष भी खड़े थे। उनके सामने बोला कि अगर तूने कोर्ट में जाकर गवाही दी तो तुझे जान से खत्म कर देंगे। इसके साथ ही गालियां देने लगा। उसे रोकने की कोशिश की तो वो भाग गया। तुकोगंज पुलिस ने सौरभ की शिकायत पर आरोपी अभिषेक उर्फ नन्नी पंडित के खिलाफ धारा 153ए, 294 और 506 में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
ये था मामला
घटना 4 जनवरी की सुबह करीब 7.30 बजे की है। बाबा रणजीत हनुमान की प्रभात फेरी महू नाका से अन्नपूर्णा मंदिर की तरफ जा रही थी। महू नाका पर काफी भीड़ के चलते धक्का-मुक्की में पैर लगने के बाद गोमा की फेल में रहने वाले शुभम रघुवंशी का कुछ युवकों से विवाद हो गया।
विवाद के दौरान एक युवक ने उसके गले पर चाकू से वार कर दिया। गले से खून निकला तो सब घबरा गए। शुभम को अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। क्राइम ब्रांच ने हत्या के आरोपी यश और युवराज को दोपहर में ही गिरफ्तार कर लिया था।
सुबह सबसे पहले यश से ही शुभम का विवाद हुआ। इसके बाद यश अपने दो दोस्तों को बुला लाया, उन्होंने शुभम को पकड़ा और यश ने उसके गले में चाकू मार दिया। शुभम शुरू से आरएसएस से जुड़ा हुआ था। बाद में बजरंग दल और भारतीय जनता युवा मोर्चा में शामिल हो गया था।
केस में छोटा भाई और अन्य 3 दोस्त गवाह
शुभम की हत्या के मामले में छोटा भाई सौरभ सहित 3 दोस्त मुख्य गवाह हैं। सभी शुभम के साथ प्रभात फेरी में गए थे। सौरभ का कहना है कि उसकी पहले भी घेराबंदी करने की कोशिश की गई। बात दें प्रभात फेरी में विवाद के बाद दोनों पक्षों में मारपीट हुई थी।
शुरुआत में शुभम और उसके साथी आरोपियों पर भारी पड़े और उनकी पिटाई की। बाद में आरोपियों ने शुभम के गले में चाकू घोंप दिया। लहूलुहान हालत में शुभम वहीं गिर पड़ा। पीछे से जब तक शुभम के दोस्त आए तब आरोपी भाग निकले।