
इंदौर : नगर निगम में उजागर हुए फर्जी बिल महाघोटाले में लगातार नए चौंकाने वाले तथ्य सामने आ रहे हैं। वहीं इनमें लिप्त फर्मों की संख्या भी बढ़ रही है। कुछ और नई फर्मों की जानकारी मिली है, जिसमें डायमंड, कास्मो, मेट्रो और एवन इंटरप्राइजेस जैसे नाम शामिल हैं और ये फर्में निगम के बहुचर्चित और बर्खास्त करोड़पति बेलदार असलम खान से जुड़ी हैं। जब से पुलिस कार्रवाई शुरू हुई तब से इन फर्मों के कर्ताधर्ता भी अपने मकान और दफ्तर पर ताला डालकर गायब हो गए हैं, वहीं पुलिस ने भी इन फर्मों की जानकारी नगर निगम से मांगी है, साथ ही अभियंता अभय राठौर से पूछताछ जारी है। आज उसकी रिमांड अवधि खत्म हो रही है। लिहाजा कोर्ट में पेश कर रिमांड अवधि बढ़वाई भी जाएगी। दूसरी तरफ शासन ने कल रात ऑडिट विभाग के चार अफसरों को निलंबित भी कर दिया।
निगम के इस घोटाले में कई खुलासे करता रहा है। इसी कड़ी में अब नगर निगम के बहुचर्चित असलम खान का नाम भी जुड़ गया है। कुछ समय पहले लोकायुक्त ने भी असलम के घर पर छापा मारा था और भ्रष्टाचार अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत उसके खिलाफ चालान भी पेश हुए। अगस्त-2018 में लोकायुक्त की इस कार्रवाई के दौरान 25 करोड़ रुपए से अधिक की सम्पत्ति भी उजागर हुई, जिसके चलते तत्कालीन निगमायुक्त ने पहले तो उसे निलंबित कर ट्रेंचिंग ग्राउंड भेजा और उसके बाद फिर नौकरी से बर्खास्त भी किया गया। बावजूद उसकी निगम में गतिविधियां जारी रही। निगम के जनकार्य विभाग में नक्शा मंजूरी से लेकर कॉलोनी सेल में तक में तो असलम की सक्रियता रही ही, वहीं अब पता चला कि फर्जी बिल घोटाला करने वाले गिरोह में भी वह शामिल रहा और उसने अपने भाई, रिश्तेदार और मां के नाम पर भी ये फर्में बनाई, जिनके जरिए करोड़ों रुपए का भुगतान भी बोगस बिल और फाइलें बनाकर हासिल कर लिया।
लोकायुक्त के अलावा ईडी ने भी उसके खातों को सील कर सम्पत्ति अटैच कर दी थी। माणिकबाग रोड स्थित अशोका कालोनी में उसका आलीशान मकान भी मिला था और कई जगह अन्य भूखंड सहित अन्य सम्पत्तियां पाई गई। अभी सूत्रों से पता चला कि अभी जो निगम का 125 करोड़ रुपए से अधिक का फर्जी बिल घोटाला पकड़ाया है उसमें शुरुआती 5 फर्मों के बाद ईश्वर और क्रिस्टल इंटरप्राइजेस के नाम तो पता चले ही थे, वहीं अभी डायमंड इंटरप्राइजेस, जिसके प्रोप्राइटर जाहिद खान, जो कि असलम के रिश्तेदार हैं के अलावा कास्मो कंस्ट्रक्शन की प्रोप्राइटर बिलकिस खान है, जो असलम की मां है, वहीं क्रिस्टल इंटरप्राइजेस जूनापीठा फर्म इमरान खान की है और यह भी असलम का रिश्तेदार है। इसके अलावा एक फर्म मेट्रो कंस्ट्रक्शन चोइथराम हॉस्पिटल के पास 1, विजय नगर और एवन इंटरप्राइजेस माणिकबाग रोड असलम के सगे भाई ऐतहाशमाम उर्फ एजाज उर्फ काकू की बताई गई है। इस बारे में डीसीपी झोन क्र. 3 पंकज पांडे से पूछने पर उन्होंने कहा कि इन नई फर्मों की जानकारी पुलिस को भी पता लगी है और इसकी विस्तृत जानकारी नगर निगम से मांगी गई है। दूसरी तरफ अभियंता अभय राठौर से पूछताछ की जा रही है। उसकी कुछ अचल सम्पत्तियों के साथ कहां-कहां पैसे का निवेश किया गया उसकी भी जानकारी सामने आई है।
वहीं आज कोर्ट से उसका रिमांड भी बढ़वाने की मांग पुलिस द्वारा की जाएगी, वहीं कल पुलिस ने एक और फरार ठेकेदार ग्रीन कंस्ट्रक्शन के मोहम्मद सिद्दीकी को भी गिरफ्तार कर लिया। इनके दोनों बेटे पहले से ही पुलिस की गिरफ्त में हैं और जेल भेजे जा चुके है, जबकि क्रिस्टल इंटरप्राइजेस के इमरान खान और ईश्वर इंटरप्राइजेस के मौसम व्यास फिलहाल फरार हैं और इनके भी तार असलम खान से जुड़े हैं। मौसम व्यास तो असलम का ही कर्मचारी रहा है। दूसरी तरफ शासन के वित्त विभाग ने कल रात ऑडिट विभाग में पदस्थ चार अफसरों को निलंबित भी कर दिया, जिनके खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा निगमायुक्त शिवम वर्मा ने अपने पत्र में की थी, जो पिछले दिनों शासन को भेजा गया। कल संयुक्त संचालक अनिल गर्ग, डिप्टी डायरेक्टर समर सिंह, असिस्टेंट ऑडिटर रामेश्वर परमार और सीनियर ऑडिटर जेएस ओहरिया को निलंबित किया गया।