
नगर निगम में करोड़ों के फर्जी बिल घोटाले में 5 करोड़ का एक और घपला सामने आया है। निगम कमिश्नर शिवम वर्मा ने दोनों कंपनियों को ब्लैक लिस्टेड कर दिया है। इसी कड़ी में मेयर पुष्यमित्र भार्गव द्वारा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को लिखे गए पत्र के बाद जांच के लिए भोपाल में हाई पॉवर कमेटी बनाई गई है।
ताजा मामला जो सामने आया है वह ड्रेनेज विभाग से संबंधित चार बड़े भुगतान का है। इसमें क्रिस्टल इंटरप्राइजेस, 53 जूनी कसेरा बाखल (डायरेक्टर इमरान खान) को 2.43 करोड़ का भुगतान किया गया। ऐसे ही एक अन्य फर्म ईश्वर इंटरप्राइजेस 15-ए पलसीकर कॉलोनी (डायरेक्टर मौसम व्यास) को 2.49 करोड़ का भुगतान किया गया। एमजी रोड पुलिस ने इन दोनों कंपनियों के डायरेक्टर को आरोपी बनाया है। इसके साथ ही इनकी गिरफ्तारी को लेकर टीमों ने अलग-अलग स्थानों पर दबिश दी है।

उधर, कमिश्नर नगरीय प्रशासन और विकास के पत्र के आधार पर वित्त विभाग द्वारा निगम में पदस्थ लोकल फण्ड के समर सिंह परमार, डिप्टी डायरेक्टर जगदीश ओहरिया और रामेश्वर परमार के खिलाफ सरकारी काम में लापरवाही बरतने पर अनुशासनात्मक कार्यवाही की जा रही है। इसके साथ ही सामान्य प्रशासन विभाग ने जांच के लिए उच्च स्तरीय समिति गठित की है। समिति के अध्यक्ष प्रमुख सचिव (वाणिज्य कर) अमित राठौर और सदस्यों के रूप में सचिव (वित्त विभाग) अजीत कुमार और लोक निर्माण विभाग के चीफ इंजीनियर को शामिल किया गया है।