
इंदौर की भंवरकुआं पुलिस ने दिल्ली में रहने वाले एक कंपनी के डायरेक्टर और फाइनेंस इंचार्ज के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। शहर के एक ग्रेन ब्रोकर ने वेबसाइट के जरिए विदेशी कंपनियों के फर्जी एग्रीमेंट दिखाकर ठगी की शिकायत की है। एक टीम आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दिल्ली पहुंची है। ठगी अमेरिकन डॉलर में की गई है और इंडियन करेंसी के हिसाब से यह आंकड़ा 3 करोड़ से ज्यादा है। जानिए इंदौर के ब्रोकर को वेबसाइट के जरिए कैसे बनाया शिकार…
भंवरकुआं पुलिस को नवलखा के पुखराज कॉर्पोरेट हाउस में विवेक ट्रेंडिंग के नाम से कंपनी चलाने वाले प्रवीण सिंह ने शिकायत की थी। इसके आधार पर सुपर ई फैक्ट्री के डायरेक्टर आनंद श्रीवास्तव, तान्या अरोरा,अंजलि अरोरा और कंपनी के चीफ फाइनेंस ऑफिसर साहिल अरोरा, टावर-बी, बुलेवाड,ए सेक्टर नोएड़ा के खिलाफ 75 हजार अमेरिकी डालर की धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। आरोपियों का आफिस दिल्ली में है।


आरोपियों ने ट्रेडोलॉजी डॉट कॉम वेबसाइट से मेल किए।
धोखाधड़ी करने वेबसाइट का लिया सहारा
प्रवीण सिंह ने बताया कि आरोपी ब्रोकर शिप का काम करते हैं। फर्जी डॉक्यूमेंट बनाकर प्रवीण को ईमेल और वॉट्सऐप पर भेजे। इसके आधार पर अकाउंट में ऑनलाइन रुपए डलवाए। प्रवीण ने बताया कि आरोपियों ने ट्रेडोलॉजी डॉट कॉम वेबसाइट से मेल किए और बताया कि उनकी कंपनी इंटरनेशनल लेवल पर ग्रेन (अनाज) खरीदने-बेचने के लिए इंपोर्टर और एक्स-पोर्टर को डिजीटल प्लेटफार्म उपलब्ध कराती है।
आरोपी तान्या अरोरा, सुपर ई फैक्ट्री के डायरेक्टर आनंद श्रीवास्तव, अंजलि और साहिल अरोरा


लोन लेकर भेजा था चावल, दो माह में पहुंचा अफ्रीका
प्रवीण सिंह ने कई व्यापारियों और बैंकों से लोन लेकर चावल उठाया। 10 अप्रैल को यहां से माल रवाना किया गया। चावल 12 मई 2022 को कोटोनो बंदरगाह पर पहुंच गया। लेकिन नोएडा की कंपनी ने उसका पेमेंट नहीं किया। बाद में गुपियो लिमिटेड से संपर्क किया तो पता चला कि उन्होंने सुपर ई फैक्ट्री की चाइल्ड कंपनी ट्रेडोलॉजी को भुगतान कर दिया था।
लेकिन पेमेंट इंदौर के व्यापारी प्रवीण के अकाउंट में नहीं आया। साहिल अरोरा और अन्य आरोपी फर्जी रसीदें और ई पेमेंट की जानकारी कंपनी को देते रहे। प्रवीण ने इस मामले में शिकायत की। जिस पर जांच के बाद सभी आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया।