इंदौर। कांग्रेस से भाजपा में आए अक्षय बम के कॉलेज से हुआ था एमबीए का पर्चा लीक, पुलिस ने कंप्यूटर ऑपरेटर और छात्रों को किया गिरफ्तार

देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी की एमबीए प्रथम सेमेस्टर की परीक्षा का परचा लीक के मामले में पुलिस ने शुक्रवार को आयडलिक कॉलेज के ऑपरेटर दीपक पिता सुरेश सोलंकी रंगवासा रोड को गिरफ्तार किया है। दीपक ने कॉलेज के प्रिंसिपल के रूम से थ्री इडियट फिल्म की तर्ज पर पेपर के बंडल की सील को लोहे की स्कैल से तोड़कर पेपर निकाला और मोबाइल से फोटो खींचकर कॉलेज के एक छात्र को दो हजार रुपए में बेचा था।

फिर छात्र ने इसे अपने साथी को वाट्सएप पर भेजा। बाद में ये वायरल हो गया। पुलिस ने दोनों छात्रों को भी गिरफ्तार किया है। जिस आयडलिक कॉलेज के ऑपरेटर को गिरफ्तार किया है, उसके डायरेक्टर हाल ही में कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आए अक्षय कांति बम हैं।

24 से ज्यादा वाट्सएप ग्रुप की जांच-पड़ताल की
डीसीपी पंकज पांडे ने बताया 28 मई को यूनिवर्सिटी द्वारा आयोजित एमबीए (फुल टाइम) की बैच का अकाउंटिंग फॉर मैनेजर्स विषय का परचा परीक्षा के 26 घंटे पहले लीक हो गया था। यूनिवर्सिटी ने एग्जाम कमेटी की बैठक बुलाकर परचा निरस्त कर दिया था। डीसीपी ने बताया एडिशनल डीसीपी रामस्नेही मिश्रा, एसीपी तुषार सिंह और टीआई उमेश यादव की स्पेशल टीम गठित की गई थी।

टीम ने यूनिवर्सिटी की प्रिंटिंग प्रेस से परचा तैयार होने से लेकर कॉलेज तक पहुंचने की पूरी व्यवस्था की चेन को समझा और फिर 24 से ज्यादा वाट्सएप ग्रुप में वायरल हुए परचे की पड़ताल कर आयडलिक कॉलेज के छात्र धीरेंद्र नरवरिया को पकड़ा। धीरेंद्र कॉलेज में एमबीए प्रथम वर्ष का छात्र है। उससे जानकारी मिली कि उसके पास ये परचा छात्र गौरव सिंह गौर के जरिए आया था।

2 सब्जेक्ट में बैक हुआ, ऑपरेटर से की 2 हजार रुपए में सेटिंग

गौरव ने पुलिस पूछताछ में कबूला कि उसे गत वर्ष प्रथम सेमेस्टर की परीक्षा में ‘अकाउंटिंग फॉर मैनेजर्स और कांटिटिव टेक्निक’ विषय में एटीकेटी आई थी। इसी के तनाव में वह परेशान था। दो विषयों में फर्स्ट ईयर में बैक होने के बाद उसने कॉलेज के कई बाबुओं व अन्य स्टाफ के लोगों से संपर्क किया, तब ऑपरेटर दीपक सोलंकी से संपर्क हुआ।

8 हजार में रुपए में बात की, 2 हजार रुपए दिए और ले लिया था परचा

छात्र गौरव ने बताया उसने दीपक से संपर्क किया तो दीपक ने 8 हजार रुपए की मांग की। इस पर उसने 2 हजार रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर किए। दीपक ने कबूला कि कॉलेज प्रिंसिपल के कक्ष में सीसीटीवी कैमरे नहीं थे। जिस कबर्ड में पेपर के बंडल रखे जाते थे, उसकी चाबी प्रिंसिपल के ड्रावर में ही रहती थी। शाम को स्टाफ के जाने के बाद उसने बंडल निकाला और स्कैल की मदद से सील उचकाकर पेपर निकाला और फिर वापस रख दिया।

कमेटी भी कर रही जांच
इस मामले में डीएवीवी ने भी कमेटी बनाई थी। उसकी भी जांच चल रही है। इसमें लाेकपाल नरेंद्र सत्संगी, अतिरिक्त संचालक उच्च शिक्षा डॉ. सुधा सिलावट, डीसीडीसी डॉ. राजीव दीक्षित व डीन स्टूडेंट वेलफेयर डॉ. एलके त्रिपाठी शामिल हैं।

मुझे इस बारे में जानकारी नहीं

^मुझे इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। मैं पता करके बात करता हूं।
– अक्षय बम, डायरेक्टर, आयडलिक कॉलेज

डीएवीवी करेगी संबद्धता निरस्त
^परचा लीक मामले में अगर कॉलेज की भूमिका है तो उसकी संबद्धता ही निरस्त की जाएगी। इसके अलावा भविष्य में ऐसी घटनाएं न हो, उसके लिए भी ठोस कदम उठा रहे हैं।
– डॉ. अजय वर्मा, रजिस्ट्रार, डीएवीवी

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