इंदौर में एसआई और एसटीएफ के सिपाही से परेशान होकर सुसाइड करने वाले मोबाइल व्यापारी के मामले में मृतक की पत्नी और दोस्त के 15 दिन पहले बयान हुए थे। सुसाइड के दो माह बाद भी पुलिस ना तो व्यापारी की एसयूवी गाड़ी का पता लगा पाई और ना ही लैपटॉप और ज्वेलरी के बारे में जानकारी निकाल पाई।
व्यापारी के परिवार ने गुरुवार को गाड़ी, लैपटॉप और ज्वेलरी के लिए कमिश्नर से फिर गुहार लगाई है। मामले में व्यापारी की पत्नी पहले से ही अपने दोनों बच्चो की सुरक्षा को लेकर गुहार लगा चुकी है। इधर एसआई ने फिर उसी थाने में अपना ट्रांसफर करवा लिया है, जिस थाने में पूर्व में तैनाती के दौरान उसने व्यापारी पर जमीन की धोखाधड़ी का केस दर्ज किया था।
पहले जान लीजिए क्या था पूरा मामला…
इंदौर के भंवरकुआ इलाके की ‘द ग्रेंड’ होटल के कमरे में मोबाइल व्यापारी राजीव पुत्र सुधीर प्रसाद शर्मा ने सुसाइड कर लिया था। व्यापारी ने 5 पेज का सुसाइड नोट भी छोड़ा था। रायल बंगलो निवासी राजीव ने सुसाइड नोट में कई अहम खुलासे किए थे। इसमें एक पुलिस अफसर की प्रताड़ना का भी जिक्र था, जिससे परेशान होकर राजीव ने सुसाइड किया।
व्यापारी ने अपनी पत्नी निशा और दोनों बच्चों के लिए भी कई भावुक बातें लिख गए। राजीव और उनकी पत्नी को एक मामले में पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इस मामले में वे कुछ समय पहले ही जेल से जमानत पर छूट कर आए थे।

मोबाइल व्यापारी राजीव पुत्र सुधीर प्रसाद शर्मा ने पांच पेज का सुसाइड नोट छोड़ा था।
कमिश्नर से फिर मिली मृतक की पत्नी
मोबाइल व्यापारी राजीव पुत्र सुधीर प्रसाद शर्मा निवासी रॉयल बंग्लो की पत्नी निशा राज ने कमिश्नर मंकरद देउस्कर को फिर से शिकायत की है। जिसमें भंवरकुआ पुलिस द्वारा पिछले दो माह में जांच के नाम पर बयान लेने के बावजूद गाड़ी, लैपटॉप ओर ज्वेलरी का पता नहीं लगाने की शिकायत की है। उन्होंने अपने आवेदन में बताया कि पुलिस ने अभी तक मामले में कुछ भी कार्रवाई नहीं की है। जबकि उनके बयान हुए भी 15 दिन से ऊपर हो गए हैं। पूर्व टीआई शंशिकांत चौरसिया ने इस मामले में पत्नी निशा राज और मृतक के दोस्त निखिल के बयान लिए थे।
इन सवालों पर कहां तक पहुंची जांच
– परिवार ने कमिश्नर को दिए आवेदन में कहा कि पति के खिलाफ जमीन की धोखाधड़ी के केस की जांच कर रहे महेश चौहान और उनकी रिकार्डिंग पुलिस को सौंपी थी। उस पर अभी तक क्या कार्रवाई हुई इसकी जानकारी दी जाए।
– राजीव और नर्मदा बाई के बीच जो अनुबंध हुआ, वह स्टाम्प फर्जी तरीके से खरीदा गया। जो जांच में फर्जी पाया गया। उसी के आधार पर राजीव पर केस दर्ज किया गया। लेकिन पुलिस ने उस अनुबंध पत्र को अभी तक जांच में शामिल क्यों नही किया।
– महेश चौहान और प्रंशात ने राजीव के जेल जाने के दौरान चांदी की मूर्तियां और जेवर जब्त किए थे। इसका उल्लेख सुसाइड नोट में है। लेकिन भंवरकुआं पुलिस ने अभी तक इस मामले में भी जांच पूरी नहीं की है।
– राजीव ने अपने सुसाइड नोट में लैपटॉप (सीरियल नंबर 8CG832171M), प्रशांत के पास होने की बात कही। लेकिन अभी तक लैपटॉप की जब्ती नहीं की गई। ना ही साइबर टीम से यह पता लगवाया गया कि लैपटॉप कहां है और किस काम के लिए इस्तेमाल हुआ है।
– सुसाइड नोट में यह भी लिखा गया कि राजीव की एसयूवी-500 जिसका नंबर MP09CW9223 है। जो प्रशांत अपने साथ ले गया था। प्रशांत ने भंवरकुआं पुलिस के अनुसंधान अधिकारी को अपने बयान में गाड़ी खुद के पास होने से इनकार किया। गाड़ी प्रशांत के पास ना होकर वर्तमान में कहां है, इसे लेकर भी पुलिस ने क्या जांच की।

जिस थाने में किया केस दर्ज वही फिर करवाया ट्रांसफर
एसआई महेश चौहान ने राउ थाने में रहते हुए राजीव शर्मा के खिलाफ केस दर्ज किया था। जिसके चलते राजीव को जेल जाना पड़ा। जब राजीव ने सुसाइड किया तो महेश चौहान की पोस्टिंग बाणगंगा थाने में थी। वर्तमान में हुए एसआई के ट्रांसफर में महेश चौहान ने फिर से अपना ट्रांसफर उसी थाने में करवा लिया। जबकि राजीव अपने सुसाइड नोट में इसी थाने में झूठी कार्रवाई कर उसे जेल भेजने का आरोप लगा चुका है। राजीव का परिवार इसी इलाके में रहता है। उसकी पत्नी निशा राज ने पहले ही अपनी और बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी कमिश्नर से गुहार लगाकर उन्हें जांच में हस्तक्षेप करने की बात करते हुए केस दर्ज नहीं होने तक एसआई चौहान को सस्पेंड करने की बात कही थी।

यह पूछा बयानों में
राजीव की पत्नी निशा राज ने बताया कि उनके बयानों में पुलिस ने जेल से आने के बाद दोनों की लाइफ के बारे में ही सवाल किए। जांच और बयानों को दोनों के बीच मनमुटाव, घर नहीं आने की बात जैसे मामलों के ईदगिर्द घुमाया गया। जबकि राजीव के कमरे से भंवरकुआं पुलिस ने ही सुसाइड नोट जब्त किया था। जिसमें साफ तौर पर सभी पर आरोप लगाते हुए नाम लिखे गए और बताया गया कि सभी ने उसे कितना परेशान कर दिया। राजीव के दोस्त निखिल ने भी अपने बयानों में पूरी बात बताई। जिसके बाद परिवार को जल्द कार्रवाई का आश्वासन देकर रवाना कर दिया गया।
इन पर लगे आरोप
राजीव ने सुसाइड नोट में बाणगंगा के एसआई महेश चौहान, एसटीएफ के सिपाही प्रशांत परिहार, दुकान मालिक अशोक कुमार गोयल, विकास डोडिया और नर्मदा बाई पर आरोप लगाए थे। इस मामले में पुलिस ने एसआई सहित सभी के बयान लेने की बात कही थी। सुसाइड नोट के आधार पर आत्महत्या के लिए उकसाने की कार्रवाई बनती है। लेकिन पुलिस की पूछताछ राजीव और उसकी पत्नी निशा राज के आसपास ही घूमती रही।