
इंदौर में रणजीत हनुमान की प्रभात फेरी के दौरान शुभम रघुवंशी की गले में चाकू मारकर हत्या कर दी गई। इस हत्याकांड में क्राइम ब्रांच ने तीन मुख्य आरोपियों को पकड़ लिया है। एक अपने दोस्त के साथ चौराहे पर बात कर रहा था। वहीं दूसरा घर में बैठा था। तीसरे को भी कुछ देर बाद पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। हत्या करने वाले तीनों आरोपी भी नशे के आदी हैं। इनमें से एक आरोपी का भाई ड्रग पैडलर है।
तीनों को गिरफ्तार करने के पहले क्राइम ब्रांच को मर्डर के ठीक पहले का वीडियो मिला। प्रभात फेरी में हुए विवाद के बाद शुभम आरोपियों को मारने के लिए उनके पीछे दौड़ा था। शुभम और उसके दोस्तों ने आरोपियों पर पत्थर भी फेंके थे।
जब शुभम और उसके दूसरे साथी आरोपियों तक पहुंचे इतने में एक आरोपी ने चाकू निकालकर शुभम पर वार कर दिए। एक वार उसकी गर्दन पर लगा और कुछ ही देर में शुभम ने दम तोड़ दिया। सभी आरोपी मौके से भाग गए थे। वीडियो हाथ लगने के बाद क्राइम ब्रांच मुख्य आरोपियों को पकड़ने में जुट गई। क्राइम ब्रांच और पुलिस ने प्रभात फेरी से ही संदिग्धों को उठाना शुरू कर दिया था।
सबसे आगे भाग रहे तीनों आरोपियों को शुभम ने इसी गली में दौड़ाया था। इन पर पत्थर भी फेंके थे।
इंदौर क्राइम ब्रांच के राजेश दंडोतिया की टीम ने शुभम पुत्र नरेन्द्र रघुवंशी निवासी गोमा की फेल की हत्या के मामले में यश पुत्र जितेन्द्र गोधा निवासी मोहन खिंची की गली और युवराज पुत्र रामचंद्र यादव निवासी रसीला का भट्टा भागीरथपुरा को पकड़ लिया। जबकि इस हत्याकांड में तीसरे आरोपी कपिल यादव को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने इस हत्याकांड में यश, युवराज और कपिल सहित अन्य को आरोपी बनाया है। बाकी आरोपियों की भूमिका एफआईआर में अभी तय नहीं की गई।

आरोपी कपिल यादव को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

युवराज (ब्लैक शर्ट) और एक अन्य आरोपी कपिल ने शुभम को पकड़कर रखा था। वहीं यश (सफेद टी-शर्ट) ने चाकू से हमला किया था।
गली में हत्यारों को दौड़ाया, पथराव भी किया
प्रभात फेरी में शुभम और आरोपियों के बीच विवाद के बाद आरोपी महावर नगर की गली में भागे। यहां शुभम और उसके दोस्तों ने यश, युवराज ओर कपिल की बुरी तरह से पिटाई की। इस दौरान तीनों आरोपी और उनके साथी यहां से जान बचाकर भागे।
शुभम और उसके साथी पत्थर उठाकर उनके पीछे-पीछे भी भागे। लेकिन जब वापस मेन रोड पर सभी पहुंचे तो शुभम उसमें सबसे आगे रह गया। यहां यश, युवराज और कपिल ने पहले उसे पीटा और जेब से चाकू निकालकर गले में मार दिया।
क्राइम ब्रांच को यहां दो फुटेज मिले। एक में आरोपी शुभम को घेराबंदी कर हमला कर रहे हैं। इससे पहले वाले सीसीटीवी में शुभम हत्यारों के पीछे दौड़ रहा है। दोस्तों से और जानकारी मिलने के बाद क्राइम ब्रांच लगातार फुटेज और मोबाइल लोकेशन से आरोपियों की पहचान कर ली।

मृतक शुभम (बाएं)। शुभम की मौत की सूचना मिलते ही पिता नरेंद्र (दाएं) बिलख पड़े।
उन्हें लगा पुलिस ने नही पहचाना, आराम से घूम रहे थे आरोपी
अन्नपूर्णा, द्वारकापुरी थाने के स्क्वाड के जवान पहले जारी हुए वीडियो में दिख रहे आरोपियों को पकड़ रहे थे। लेकिन तब यह किसी को नहीं पता था कि शुभम की हत्या किसने की। करीब 6 से ज्यादा लोगों को थाने में बैठा दिया गया।
इधर यश, युवराज और कपिल तीनों भागीरथ पुरा इलाके में ही आराम से घूम रहे थे। क्राइम ब्रांच ने जब मुखबिर को कॉल किया तो युवराज दोस्तों से बात कर रहा था। लोकेशन मिलते ही क्राइम ब्रांच ने यश और युवराज को पकड़ लिया। उनसे सख्ती से पूछताछ की तो वह टूट गए। आरोपियों ने बताया कि वह पांच बाइक से यहां पहुंचे और हत्याकांड के बाद एक ही बाइक से भाग गए।
ड्रग पैडलर का भाई है युवराज
युवराज का एक भाई ड्रग पैडलर है। बताया जाता है कि स्थानीय पुलिस की मदद से वह काफी समय तक अपने इलाके के साथ आसपास नशे का कारोबार करता है। परदेशीपुरा और हीरानगर पुलिस उस पर कार्रवाई भी कर चुकी है।