इंदौर में कोरोना के नए वैरिएंट बी.2.86 का पहला संक्रमित मिला है। 52 वर्षीय पुरुष डॉक्टर के सैंपल की जीनोम सीक्वेंसिंग में बुधवार को इसकी पुष्टि हुई है। जीनोम सीक्वेंसिंग अरबिंदो हॉस्पिटल में की गई। सरकारी लैब से रिपोर्ट आनी बाकी है।
बी.2.86 से संक्रमित डॉक्टर BSF रोड, इंदौर के रहने वाले हैं। उन्हें होम आइसोलेट किया गया है। इनकी ट्रैवल हिस्ट्री नहीं बताई गई है। अरबिंदो हॉस्पिटल में हर 15 दिन में होने वाली कोविड स्क्रीनिंग में इसका पता चला। इस मरीज की रिपोर्ट 36 घंटे में ही मिल गई। संचालक डॉ. महक भंडारी ने बताया, ‘नए वैरिएंट में अधिक म्यूटेशन की क्षमता है। हालांकि, यह घातक रूप से प्रभावी नहीं है।’
ओमिक्रॉन जैसा ही है B.2.86, कई देशों में रिपोर्ट
कोविड का नया वैरिएंट बी.2.86 कई देशों में रिपोर्ट किया गया है। यह 17 अगस्त 2023 को वैरिएंट अंडर मॉनिटरिंग (VUM) के रूप में आईडेंटिफाई किया गया था। यह ओमिक्रॉन (B.2) जैसा ही है। एक अन्य वैरिएंट JN-1 सहित अन्य को आईडेंटिफाई किया जा रहा है।
डिस्ट्रिक्ट सर्विलान्स ऑफिसर डॉ. अमित मालाकार ने बताया कि इंदौर में कोरोना पॉजिटिव पाए गए मरीजों के सैंपल एम्स और डीआरडीओ लैब, भोपाल में जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए भेजे जाते हैं। ये सरकार से अधिकृत हैं। अभी तक 25 से ज्यादा सैंपल भेजे जा चुके हैं। इनमें से अधिकतर की रिपोर्ट आ चुकी है।