इंदौर। क्रिप्टो करेंसी में इन्वेस्टमेंट का नाम पर करोड़ों की ठगी करने वाले आरोपी को पुलिस ने कोर्ट में किया पेश, ऐसे करता था ठगी… देखे VIDEO

क्रिप्टो करेंसी में इन्वेस्टमेंट का झांसा देने वाले Cripto Street फर्म के सीईओ डॉ. निरंजन प्रधान को पुलिस ने सोमवार को कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने उसे 5 दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा है। आरोपी ने क्रिप्टो करेंसी में इन्वेस्टमेंट का झांसा देकर लोगों से करोड़ों रुपए ठगे। ठगी के रुपयों से लग्जरी लाइफ जीता था। खुद को मोटिवेशनल स्पीकर भी बताता था।

आरोपी डॉ. निरंजन ने मध्यप्रदेश सहित दूसरे राज्यों के करीब 20 लोगों को रोजाना 1 पर्सेट और 10 महीने में तीन गुना से अधिक प्रॉफिट देने का झूठ बोलकर भरोसे में लिया और करीब 1 करोड़ से अधिक रुपए की ठगी की है। पुलिस ने उसे इंदौर से ही गिरफ्तार किया। उसके खिलाफ धारा 420, 409 में केस दर्ज किया है।

जानिए कैसे आरोपी ने लोगों को ठगा, पुलिस तक कैसे शिकायत पहुंची और ठगी के रुपयों का क्या किया।

पहले जान लीजिए मामला क्या है

क्राइम ब्रांच इंदौर को लक्ष्मी शर्मा, निवासी हुगली पश्चिम बंगाल की शिकायत मिली थी। लक्ष्मी ने डीजीपी को शिकायत की थी, जिसमें उसने क्रिप्टो करेंसी में इन्वेस्टमेंट के नाम पर Cripto Street नाम की कंपनी के द्वारा ठगी करने का आरोप लगाया था। कंपनी के सीईओ इंदौर के डॉ. निरंजन प्रधान, निवासी समर्थ पार्क कॉलोनी, ग्राम उमरिया महू ने लक्ष्मी से क्रिप्टो करेंसी में इन्वेस्टमेंट पर रोजाना 1 पर्सेट और 10 महीने में तीन गुना से अधिक प्रॉफिट कमाने के नाम पर, 8 लाख 28 हजार रुपए अपनी फर्म RF3 world indore के खातों में डलवाए। लेकिन न मुनाफा दिया, न ही रुपए वापस किए।

ऐसे आया आइडिया

आरोपी निरंजन पहले खुद ऐसी क्रिप्टो करेंसी में निवेश करवाने वाली कंपनी में काम करता था। जहां से उसे ये आयडिया आया। पूरा प्लान तैयार करने के बाद वो दिल्ली गया। गाजियाबाद में सॉफ्टवेयर तैयार करवाया। फिर 9 महीने पहले खुद की फर्म बनाकर काम शुरू कर दिया। निरंजन पहले से सिस्टम का हिस्सा था तो उसे पता था कि लोगों को झांसे में कैसे लेना है, या लोग कैसे उस पर भरोसा करेंगे। पूरे कॉन्फिडेंस के साथ वो लोगों के बीच झूठ बोलता था। फर्जी इंडेक्स दिखाकर लोगों को प्रॉफिट दिखाता था। उसकी लग्जरी लाइफ स्टाइल देखकर भी लोग प्रभावित हो जाते थे।

ठगी के रुपयों से फॉर्च्यूनर खरीदी, बेटे को बुलेट गिफ्ट की

जांच में पता चला कि लोगों का भरोसा जीतने के बाद निरंजन के पास पैसों की बारिश होने लगी। ठगी के रुपयों से वो लग्जरी लाइफ जीने लगा। उसने खुद के लिए फॉर्च्यूनर गाड़ी खरीदी। उसी मैं घूमकर वो लोगों को क्रिप्टो के प्रति आकर्षित करता था और बताता था कि उसने क्रिप्टो से ही रुपए कमाए हैं। इतना ही नहीं बेटे को भी बुलेट गिफ्ट की। पुलिस को उसके पास एक महिंद्रा थार गाड़ी होने की जानकारी भी मिली है।

बेटी की शादी में जमकर पैसा खर्च किया

आरोपी निरंजन ने ठगी के रुपयों से अपने शौक पूरे करने के साथ ही बेटी की शादी भी धूमधाम से की। शादी में पानी की तरह पैसा बहाया। पूछताछ में पता चला है कि करीब 50 लाख रुपए उसने बेटी की शादी में खर्च किए हैं। बेटी को स्विफ्ट डिजायर गाड़ी भी गिफ्ट दी है।

बैंक को लॉकर फ्रीज करने के लिए लिखा

पुलिस को पता चला कि एसबीआई बैंक में आरोपी निरंजन की पत्नी का लॉकर भी है, जिसे फ्रीज करने के लिए पुलिस ने बैंक को पत्र लिखा है। साथ ही ये भी पता लगाया जा रहा है कि ठगी के रुपयों से जेवर आदि भी खरीदे गए हैं क्या? परिवार के सदस्यों से भी पूछताछ होगी।

10 महीने में तीन गुना प्रॉफिट करने का लालच

शिकायत के बाद पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी की कंपनी सेबी से रजिस्टर्ड न होकर फर्जी कंपनी है, जिसे इंदौर से संचालित कर देश के विभिन्न राज्यों के लोगों को सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफार्म पर क्रिप्टो करेंसी की रजिस्टर्ड कंपनी होना बताया गया। कंपनी के माध्यम से क्रिप्टो करेंसी मार्केट में इन्वेस्टमेंट करने पर तीन गुना प्रॉफिट देने जैसे झूठ बोल कर लोगों को झांसा दिया जाता। इन्वेस्टमेंट में रुपए लेकर उन्हें क्रिप्टो करेंसी में मुनाफा भेजते थे, लेकिन निवेशकों के अकाउंट में रुपए नहीं आते थे।

एप के जरिए पूरे काम को दिया अंजाम 

पुलिस ने जब निरंजन को पकड़ा तो उसने खुद को समाजसेवी बताया। कहा कि वो सैन्य कर्मी रहा है। रिटायर्ड होने के बाद ये काम शुरू किया। पुलिस इस बात की जांच कर रहे है कि वो सैन्य कर्मी कब रहा है। पुलिस को पता चला है कि उसकी पत्नी रीता भी एक पॉलिटिकल पार्टी में पदाधिकारी है। निरंजन ने फर्जी एप के माध्यम से पूरे काम को अंजाम दिया। एप किसकी मदद से उसने तैयार किया। कौन उसके साथ शामिल है। इसका भी पता लगाया जा रहा है।

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