सीजेएम और एडीजे रहे रिटायर्ड जज पी के सिन्हा ने की आत्महत्या, सुसाइड नोट में लिखी ये बात

हबीबगंज थाना क्षेत्र के चार इमली इलाके में रहने वाले 63 वर्षीय सेवानिवृत्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रेम सिन्हा ने मंगलवार तड़के घर में फांसी लगाकर जान दे दी। वह पिछले कुछ समय से गहरे अवसाद में थे। इसको लेकर उन्होंने चिकित्सकों से परामर्श भी किया था। उनके पास से एक सुसाइड नोट मिला है, जिसमें उन्होंने लिखा है कि मेरी पत्नी, बेटा-बहू, बेटी-दामाद किसी को दोषी नहीं ठहराया जाए। मैं नकारात्मक विचारों से परेशान हूं, इसलिए यह कदम उठा रहा हूं। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस के मुताबिक प्रेम सिन्हा (63) उपांत कालोनी चार इमली में रहते थे। वह वर्ष 2020 में जिला सत्र न्यायाधीश उमरिया के पद से सेवानिवृत्त हुए थे और फिलहाल वे मप्र मध्यास्थता न्यायाधिकरण में बतौर सदस्य पदस्थ थे। स्वजन ने पुलिस को बताया कि पिछले एक-दो महीने से वह कुछ अवसाद में थे। वह शांत और एकांत में रहना पसंद करने लगे थे।

बाथरूम से बाहर आए और पलंग पर सो गए

पिछली 10 अक्टूबर को घरवाले उन्हें एक चिकित्सक के पास भी लेकर गए थे, जहां उनको परामर्श दिया गया था। सोमवार रात वह अपने बेडरूम में थे। रात करीब एक बजे पत्नी की नींद खुली तो वह बिस्तर पर नहीं दिखे। कुछ देर बाद वह बाथरूम से बाहर आए और पलंग पर सो गए। उसके बाद पत्नी भी सो गई। तड़के करीब चार बजे पत्नी की दोबारा नींद खुली तो वह नहीं दिखे। इधर-उधर देखने पर भी जब वह नहीं मिले तो उन्होंने बेटी और मुंबई से आए भाई राकेश सक्सेना को जानकारी।

टीनशेड में फांसी के फंदे पर लटके मिले

सभी लोग मकान की छत पर पहुंचे तो वे वहां टीनशेड में फांसी के फंदे पर लटके मिले। उन्हें तुरंत ही फंदे से उतारकर सीपीआर दिया गया और इलाज के लिए बंसल अस्पताल ले जाया गया। जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।

 

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