अपने दो बच्चों के साथ भोपाल से इंदौर राखी मनाने आए दंपति को फॉर्च्युनर कार सवार युवकों ने मामूली विवाद पर सरेराह पीट दिया। घटना के बाद इंदौर पुलिस की भी लापरवाही सामने आई। एफआईआर दर्ज करने में 22 घंटे देरी की और दंपत्ति को विजय नगर थाने और लसूड़िया थाने के बीच चक्कर लगवाती रही। जानकारी के मुताबिक भोपाल के प्रदीप यादव (42), पत्नी नेहा (38) और दो बच्चों के साथ राखी मनाने इंदौर गए थे।

प्रदीप यादव
शुक्रवार रात बॉम्बे हॉस्पिटल चौराहे पर उनकी कार से गलत साइड से आ रही व्हाइट फॉर्च्युनर कार को मामूली कट लग गया। चार-पांच युवक पहले आगे बढ़े, फिर कार पलटाकर लौटे, रास्ता रोककर चाबी छीनी और दंपति को बच्चों के सामने पीटा। पत्नी से भी झूमाझटकी कर गालियां दीं। आरोपी बच्चों सहित कार ले जाने लगे, लेकिन महिला के मदद के लिए दौड़ने पर भीड़ जुटी तो छोड़कर भाग गए।
पीड़ित दंपति थाने पहुंचे तो विजय नगर और लसूड़िया थाने ने सीमा विवाद में 22 घंटे तक रिपोर्ट टाल दी। आखिरकार विजय नगर थाने ने सामान्य धाराओं में केस दर्ज किया। एडिशनल सीपी अमित सिंह ने मामले की जांच और कार्रवाई की बात कही।
फॉर्च्युनर अनुराधा और मदन मोहन के नाम से
परिवहन रिकॉर्ड के अनुसार, कार अनुराधा और मदन मोहन श्रीवास्तव के नाम है। पुलिस 22 घंटे में भी आरोपियों की पहचान नहीं कर पाई। पीड़ित बोले- “राखी का त्योहार थानों के चक्कर में निकल गया, यह बहुत बुरा अनुभव रहा।