
शशांक ने चाची से कहा था- भगवान कसम मैं कुछ कर लूंगा। सही बता रहा हूं, जीवन खराब आप लोगों का भी होगा।
इंदौर में प्रेमिका के महंगे शौक पूरे करने में कर्ज में डूबते एक प्रॉपर्टी कारोबारी ने सुसाइड कर लिया। पुलिस ने सुसाइड नोट के आधार पर आठ महीने बाद गुरुवार को केस दर्ज किया है। मामले में उनके चाचा-चाची को आरोपी बनाया है।
बता दें, मामला सितंबर 2023 का है। बाणगंगा के कारोबारी शशांक उर्फ प्रशांत जायसवाल (25) ने सुसाइड से पहले एक ग्राहक को भेजे नोट में लिखा था कि मैंने प्रेमिका की हर तरह से मदद की, लेकिन कर्ज से उबर नहीं पाया।
शंशाक ने लिखा था- चाचा-चाची से रुपए उधार लेकर प्रेमिका को आईफोन दिलाया। कार दिलाई। उसके महंगे शौक पूरे किए। यहां तक कि उसे या उसके परिवार को जब भी पैसों की जरूरत पड़ी, मैं हर समय उसके साथ खड़ा रहा। महंगे शौक को पूरा करने के लिए ही रिश्तेदारों से एक लाख का कर्ज लिया। जिनसे ब्याज पर पैसा लिया, उन्हें भी एक की जगह चार लाख लौटाए। इसके बावजूद चाचा-चाची और पैसे की डिमांड कर रहे हैं। कर्ज की पैनल्टी के नाम पर पैसा वसूल रहे हैं। न रिश्तेदार मेरे रहे, न प्रेमिका। यह बात मैं अपने माता-पिता को नहीं बता सकता इसलिए सुसाइड कर रहा हूं।’
सुसाइड से पहले चाची से 40 बार बात की
बाणगंगा पुलिस ने बताया कि दिव्य विहार कॉलोनी के रहने वाले शशांक के चाचा-चाची का नाम अमर और रूपाली जायसवाल है। दोनों उज्जैन के गायत्री नगर में रहते हैं। पुलिस के मुताबिक प्रशांत ने आरोपी दंपती से सुसाइड के करीब एक साल पहले 1 लाख रुपए उधार लिए थे। इसके बदले वह 4 लाख रुपए दोनों को दे चुका था, लेकिन उसके बाद भी दंपती उससे और पैसा मांग रहे थे। पुलिस को अमर और रूपाली से 40 बार मोबाइल पर बात होना सामने आई।
पुलिस ने चाची को भेजे गए टैक्स्ट मैसेज और सुसाइड से पहले मोबाइल पर की गई 52 सेकेंड की बातचीत को आधार बनाया है। पुलिस को सुसाइड नोट भी मिला है। यह लेटर उसने कस्टमर को सुसाइड से पहले भेजा था। मृतक ने इसमें बताया था कि प्रेमिका के कारण उस पर कर्ज हो गया है।

मृतक शशांक और उसके द्वारा भेजा गया सुसाइड नोट।
चाची से कहा था- जीवन खराब आप लोगों का भी होगा
पुलिस ने शशांक का मोबाइल जब्त किया है। उसने 27 जुलाई 2023 को रूपाली को एक टैक्स्ट मैसेज भेजा। इसमें लिखा था कि भगवान कसम मैं कुछ कर लूंगा। क्योंकि मुझे मेरी इज्जत से प्यार है। और घरवालों की नजरों में मेरी इज्जत खराब होगी। सही बता रहा हूं, जीवन खराब आप लोगों का भी होगा।
इसके बाद सुसाइड के पहले शशांक की रूपाली से 52 सेकेंड तक बात हुई। उसने इस दौरान कहा कि मरने के अलावा उसके पास चारा नहीं बचा। दोनों ने कहीं का नहीं छोड़ा। लाखों रुपए देने के बाद भी रूपाली और अमर उससे और रुपए मांगते रहे।
रूपाली और अमर लगातार कॉल कर ब्याज के साथ पैनल्टी के रुपए के लिए दबाव बना रहे थे। इस कारण कोई काम भी नहीं कर पा रहा था। यह बात कभी घरवालों को नहीं बताई। शशांक नहीं चाहता था कि उसके कारण परिवार की बदनामी हो, इसलिए उसने सुसाइड नोट में परिवार से माफी भी मांगी।
वाट्सऐप पर भी भेजा था सुसाइड नोट
शशांक ने एक सुसाइड नोट लिखा। इसमें अपनी प्रेमिका नम्रता का जिक्र किया। लिखा कि उसके कर्ज में दबने का असली कारण उसकी प्रेमिका है। करीब 8 साल तक दोनों के बीच अफेयर रहा। उसके महंगे शौक के कारण चाचा-चाची से कर्ज लेना पड़ा। नम्रता को कार के साथ आईफोन गिफ्ट किया, लेकिन नम्रता ने भी आखिरी समय पर साथ छोड़ दिया।