इंदौर: पत्नी से अलग और नौकरी से बर्खास्त आरपीएफ का पूर्व आरक्षक नकली टीआई बनकर पहुंचा राजा रघुवंशी के घर, पुलिस ने भेजा जेल; असली मकसद रहस्य

ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी के घर पहुंचे नकली TI को पुलिस ने जेल भेज दिया। वह आखिर रघुवंशी परिवार के घर क्यों गया इसे लेकर पुलिस ने उससे पूछताछ भी की थी। जिसमें पुलिस को पता चला कि नौकरी जाने के कारण वह एन्जायटी में था। उसने यह भी बताया कि 8 से 10 साल पहले वह राजा रघुवंशी से मिला था। जिसके कारण वह उसके घर गया था।

राजा रघुवंशी मर्डर केस।

पुलिस को यह भी जानकारी मिली कि नौकरी पर गैर हाजिरी के कारण उसे बर्खास्त कर दिया था और पत्नी से विवाद के चलते पत्नी ने भी उसे छोड़ दिया था। हालांकि वह घर पर क्यों आया इस सवाल का जवाब रघवुंशी परिवार के लोग भी जानना चाहते है।

बता दे कि गुरुवार को बजरंग लाल जाट नामक एक व्यक्ति टीआई की वर्दी पहनकर राजा रघुवंशी के घर में पहुंच गया था। जहां वह परिवार के लोगों से जानकारी निकाल रहा था। इस बीच राजा की मां उमा रघुवंशी ने बड़े बेटे विपिन रघुवंशी को कॉल करके बुला लिया था, जिसके बाद उन्होंने उससे बातचीत की उन्हें उस पर शंका हुई तो पुलिस को इसके बारे में बताया, जिसके बाद पुलिस ने उसे पकड़ लिया। विपिन की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर आरोपी को जेल भेज दिया।

राजा रघुवंशी के घर पहुंचे नकली TI को पुलिस ने जेल भेज दिया गया।

नौकरी में गैर हाजिर रह रहा था

राजेंद्र नगर टीआई नीरज बिरथरे ने बताया कि बजरंग लाल जाट राजस्थान के रतनगढ़ का रहने वाला है। वह आरपीएफ में आरक्षक के पद पर था, लेकिन उसे एन्जायटी ने घेर लिया। काम ठीक से नहीं कर पाने के कारण वह गैर हाजिर ज्यादा रहने लगा था। इसके साथ ही उसका पत्नी से भी लगातार विवाद चल रहा था।

जिसके कारण 8-10 साल पहले पत्नी उसे छोड़कर चली गई थी। वहीं ज्यादा गैर हाजिर रहने के कारण उसे नौकरी से बर्खास्त कर दिया था। एन्जायटी के कारण वह वर्दी पहनकर निकल जाता था। बजरंग लाल के परिवार में उसके पिता नहीं है, मां और बहन है। उसकी पत्नी उससे अलग रहती है। उनकी 12 साल का एक बेटा भी है।

राजस्थान से खरीदे थे क्लैप

टीआई ने बताया कि आरोपी के पास पहले से ही आरक्षक की वर्दी थी। उसने उस पर राजस्थान से खरीदे गए दो नकली क्लैप (टीआई रैंक) लगा लिए थे। ये क्लैप आसानी से बाजार में मिल जाते हैं। पूछताछ में उसने यह भी बताया कि करीब 7-8 साल पहले उज्जैन में उसकी राजा रघुवंशी से मुलाकात हुई थी, जिसे वह अब तक याद रखे हुए था और इसी बहाने वह उनके घर पहुंच गया।

हालांकि, उसका असल मकसद क्या था, यह अब तक स्पष्ट नहीं हो सका है। पुलिस ने विपिन रघुवंशी की शिकायत पर धोखाधड़ी की धाराओं में केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया

अन्य राज्यों से खंगाले जा रहे रिकॉर्ड एडिशनल डीसीपी क्राइम ब्रांच राजेश दंडोतिया ने बताया कि बजरंग लाल ने रघुवंशी परिवार को बताया था कि उसकी पोस्टिंग दिल्ली में आरपीएफ में है और इससे पहले वह उज्जैन में तैनात था। उसने दावा किया कि उज्जैन में उसकी राजा रघुवंशी से मुलाकात हुई थी, लेकिन जब पुलिस ने जांच की तो पता चला कि जिस साल का वह जिक्र कर रहा था, उस दौरान राजा उज्जैन गए ही नहीं थे।

नकली टीआई की बातों से परिवार को उस पर शक हुआ और पुलिस को सूचना दी गई। राजेंद्र नगर थाने में आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर पूछताछ की जा रही है। अब तक की जांच में सामने आया है कि बजरंग लाल आरपीएफ से बर्खास्तशुदा आरक्षक है। इंदौर में उसका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं मिला है, लेकिन पुलिस अन्य राज्यों से उसके पुराने रिकॉर्ड खंगाल रही है।

परिवार भी उलझन में रघुवंशी परिवार अब भी हैरान है कि आखिर नकली टीआई ने उनके घर आने की हिम्मत क्यों की और परिवार की जानकारी लेने का मकसद क्या था। घर वाले भी नहीं समझ पा रहे हैं कि वह किस इरादे से यहां आया था। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और आरोपी से पूछताछ जारी है।

शनिवार को विपिन रघुवंशी ने एक वीडियो जारी कर बताया कि उनके घर फर्जी टीआई आया था, जिसकी शिकायत उन्होंने राजेंद्र नगर थाने में की। उन्होंने कहा – ‘में नहीं पता कि वह कहां से आया, क्यों आया और किसके कहने पर आया। उसका मकसद क्या था, यह भी स्पष्ट नहीं है। किसने भेजा इसे लेकर हम किसी पर आरोप नहीं लगा रहे हैं।

 

 

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