इंदौर। 6 साल के मासूम की हत्या मामले में कबूलनामे पर हुआ खुलासा, जानिए कैसे आरोपी ने जेल में लिखवाई कहानी – देखे VIDEO

इंदौर के पिगडंबर में हुए 6 साल के मासूम मर्डर केस में 21 मार्च को अगली सुनवाई होनी है। एक साल पुराने केस में बहस हो चुकी है। संभावना है कि कोर्ट इसी दिन फैसला सुना सकती है। मृतक हर्ष के परिवार ने आरोपी को फांसी देने की मांग की है। मामला 5 फरवरी 2023 का है।क्यूक्यूटी

पूरे मामले को लेकर मर्डर के आरोपी ने कोर्ट में

कबूलनामा पेश किया था। 7 पन्ने की चिट्ठी में उसने न सिर्फ जुर्म कबूला, बल्कि दो साथियों को पाक-साफ बता दिया। कबूलनामे पर आपत्ति के बाद कोर्ट ने जेलर से रिपोर्ट मांगी। पूछा कि आरोपी को कागज-पेन कहां से मिले। क्या उसने जेल में इसकी मांग की?.. यदि हां तो क्या जेल मैनेजमेंट ने उसे दिए थे। इसका क्या रिकॉर्ड है। जेलर ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। इसमें मास्टरमाइंड ऋतिक ने खुद खुलासा किया है कि उसने कबूलनामा किससे लिखवाया। मामले में गुरुवार को सुनवाई हुई। कोर्ट ने फैसले की तारीख भी दे दी है। जानिए जेलर ने रिपोर्ट में क्या जवाब दिया है और फैसला कब आएगा…।

4 करोड़ रुपए की फिरौती के लिए की थी मासूम की हत्या

इंदौर के पिगडंबर में 4 करोड़ की फिरौती के लिए 6 साल के हर्ष चौहान की हत्या कर दी गई थी। हर्ष को दो रिश्तेदार भाइयों ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर मारा था। चारों में से मुख्य आरोपी ऋतिक (पिगडंबर), उसका दोस्त विक्रांत (राऊ), हरिओम (शाजापुर) और ऋतिक का छोटा भाई जेल में हैं।

पुलिस के मुताबिक, आरोपी ऋतिक और विक्रांत ने हर्ष को कार में बैठाने के बाद उसके मुंह में कपड़ा ठूंसा और टेप लगाकर उसका मुंह बंद कर दिया। फिर रस्सी से उसके हाथ-पैर बांध दिए थे। हत्या का मास्टर माइंड ऋतिक हर्ष के पिता जितेंद्र के भांजे विजेंद्र का भांजा है। वह पिगडंबर में अपने मामा के पास ही रह रहा था। उसने लिखा है कि मैं अपना जुर्म कबूलता हूं। हर्ष की किडनैपिंग रंजिश और फिरौती के लालच में की थी, लेकिन दुर्घटना वश उसकी जान चली गई।

 

आरोपी विक्की उर्फ विक्रांत के साथ ऋतिक (दाएं)। ऋतिक और विक्रांत पुराने दोस्त हैं। ऋतिक बच्चे हर्ष की बुआ का बेटा है। उसने अपने छोटे भाई को भी किडनैप और हत्या की साजिश में शामिल किया था। उसका छोटा भाई नाबालिग है।

कबूल नामे में मास्टरमाइंड ऋतिक ने ये लिखा

“मैं अपना अपराध स्वीकार करता हूं। हर्ष का अपहरण पुरानी रंजिश और फिरौती के लालच में किया था। दुर्घटना वश हर्ष की जान चली गई। पूरी घटना को मैंने अंजाम दिया है। घटना में विक्रांत ठाकुर और हरिओम वाघेला का कोई हाथ नहीं। मैंने विक्रांत के नशे का आदी होने की कमजोरी का फायदा उठाया। ये बात मैं अपने पूरे होश और बिना किसी दबाव के कह रहा हूं।” कबूलनामा 7 पन्ने का है, जिसमें आरोपी ऋतिक ने हत्या की पूरी कहानी लिखी। सिलसिलेवार सब कुछ बताया कि कहां से बोरी खरीदी, बच्चे हर्ष की हत्या कैसे की। वापस कैसे घर आया और दोस्तों का नाम क्यों फंसाया।

लेकिन सरकारी वकील ने इस कबूलनामे पर आपत्ति ली। कहा कि कबूलनामा सहानुभूति बटोरने की कोशिश है और संदिग्ध भी..। इसके सिर्फ दस्तखत आरोपी से मेल खाते हैं, बाकी चिट्ठी की राइटिंग अलग ही है। चिट्ठी की जांच होनी चाहिए कि यह किसने लिखी? फिर जेलर से जवाब मांगा गया था।

आरोपी ऋतिक ने अन्य आरोपी से कबूलनामा लिखवाया

जेलर की तरफ से जवाब के तौर पर जो रिपोर्ट कोर्ट में पेश की गई है, उसमें कहा है कि जेल प्रशासन ने आरोपी ऋतिक को कागज और पेन उपलब्ध नहीं करवाया है। जेलर ने रिपोर्ट में आरोपी ऋतिक की तरफ से दिया लेटर लगाया है, जिसमें वो कागज कहां से लाया और कबूलनामा किससे लिखवाया ये बता रहा है। जेल प्रशासन को दिए जवाब में आरोपी ऋतिक ने बताया कि घर से पढ़ाई करने के लिए ए-4 साईज के पेपर बुलवाए थे। हैंड राइटिंग अच्छी नहीं होने के कारण उसने जेल के दोस्त (अन्य केस में आरोपी) अश्विन उर्फ सत्यम से कबूलनामा लिखवाया। सत्यम से जेल में ही दोस्ती हुई। उससे पहले वो उसे नहीं जानता था। कागज के लिए वो खुद जिम्मेदार है। उसके द्वारा बिना किसी दबाव के लिखवाया गया।

मां रंजना और पिता जितेंद्र के साथ हर्ष चौहान

अगली तारीख 5 दिन बाद, इसी दिन फैसला संभव

मामले में अगली तारीख 5 दिन बाद यानी 21 मार्च की लगी है। केस में कई बार बहस हो चुकी है। माना जा रहा है कि कोर्ट उसी दिन फैसला सुना देगी। मृतक हर्ष के परिवारजनों की तरफ से घटना के बाद आरोपी को फांसी देने की मांग की गई थी। मां रंजना ने कहा था कि तभी हर्ष की आत्मा को शांति मिलेगी।

हर्ष हत्या कांड

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