
इंदौर केे कसेरा बाजार स्कूल के बस चालक को उस समय दिल का दौरा पड़ा, जब वह स्कूली बच्चों से भरी बस चला रहा था। जैसे ही उसे सीने में दर्द हुआ तो चालक ने बस रोक दी और बस को हादसे से बचा लिया, लेकिन ड्रायवर की खुद की जान नहीं बच पाई। हार्टअटैक ने चालक की जान ले ली।
घटना गुरुवार दोपहर को हुई। गुमाश्ता नगर केसरा बाजार का बस चालक द्वारका प्रसाद दोपहर एक बजे स्कूल की छुट्टी होने के बाद स्कूली बच्चों को अलग-अलग स्टाॅपों पर छोड़ने के लिए निकला।
स्कूल से निकलने के आधे घंटे के बीच उसने कुछ स्टाॅपों पर बच्चों को उतारा। सड़क पर चल रही बस के दौरान चालक के दिल में अचानक तेज दर्द होने लगा और पसीना आने लगा। इसके बाद चालक द्वारका प्रसाद ने बस सड़क पर रोक दी।
इसके बाद वह स्टेेयरिंग की तरफ झुक गया। बस क्लीनर ने ड्रायवर को इस हालत में देखा तो स्कूल प्रबंधन को सूचना दी। कुछ देर बाद चालक को अस्पताल ले गए, जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मौत की वजह दिल का दौर पड़ना बताया गया। कुछ देर बाद दूसरी स्कूल बस से बच्चों को छोड़ा गया। परिजनों ने बताया कि पहले कभी द्वारका प्रसाद को दिल से जुड़ी तकलीफ नहीं हुई। अचानक दिल का दौरा पड़ने से हुई द्वारका की मौत से परिजन भी सदमे में है।