इंदौर। ऑस्ट्रेलियन नागरिक के साथ 1 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी करने वाले आरोपी को राज्य सायबर सेल ने किया गिरफ़्तार

इंदौर राज्य सायबर सेल ने आस्ट्रेलियन नागरिक के साथ करोड रुपए की धोखाधडी करने वाले को गिरफ़्तार किया है। इस मामले सायबर पुलिस ने पीड़ित के आस्ट्रेलिया से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बयान लिए और एफ़आइआर दर्ज कर आरोपी को गिरफ़्तार कर लिया गया। एसपी सायबर सेल जितेंद्र सिंह ने बताया आस्ट्रेलिया निवासी मूल फरियादी के साथ इंदौर निवासी व्यक्ति मयंक सलुजा निवासी ग्रीन पार्क इंदौर ने एप्पल कंपनी के नाम से जुडकर उसके लिए प्रोजेक्ट बनाने के नाम पर लगभग 1,77,000 आस्ट्रेलियन डालर (भारतीय मुद्रा मुल्य लगभग 1 करोड रुपए) ले लिए लेकिन काम नहीं कर धोखाधडी की गई। इस संबध में पीड़ित के रिश्तेदार जो कि आस्ट्रेलिया मे कार्य करते है, उनका पीड़ित से परिचित होना बताया शिकायत दर्ज करने के लिए ऑस्ट्रेलिया में नोटरी तैयार कर अनावेदक/आरोपी के इंदौर में स्थित होने के कारण इंदौर में शिकायत दर्ज की गई।

स्थानीय शिकायतकर्ता के पुलिस ने बयान लिए, जिसमे उसकी राशि वापस, उसका अभी तक बना प्रोजेक्ट वापस लेने के लिए सर्वर होस्टींग के क्रिडेंन्शीयल वापस लेने ओर पुलिस कार्यवाही के लिए कहा। आस्ट्रेलिया निवासी पीड़ित के बयान वीडियो काफ्रेंसींग के से लिए गए । पीड़ित ने आरोपी को दिए गए रूपए भारत में संबधित बैंक से ट्रांजेक्शन जानकारी निकाली गई, जिसमे आरोपी के बैंक खाते में टुकडो टुकडो में राशि जाना पाया गया ।
आरोपी ने पीड़ित के लिए बनाए गए वेब एप्लीकेशन को एप्पल के वेब ब्राउजर (सफारी) पर चलाने में आ रही समस्या बताई गई, पीड़ित को एप्पल के प्लेटफार्म एप्पल आईफोन, आईपैड, मैकबुक के लिए विशेष एप्लीकेशन बनाने और एप्पल कंपनी की डिवाइस में सुचारु संचालन के लिए तकनीकी कोड प्राप्त करने और एप्पल कंपनी के साथ पार्टनरशिप करने की आवश्यकता बताई ।

पीड़ित ने आरोपी को समय-समय पर टुकड़ों टुकड़ों में राशि दी जाती रही, आरोपी ने एप्पल कंपनी में भागीदार बनने के लिए उसके शेयर खरीदने के लिए राशि लेना बताया, जिस पर कोई शेयर सर्टिफिकेट पीड़ित को नहीं दिया गया। एप्पल कंपनी से समझौता करने के लिए एप्पल कंपनी के साथ एनजीओ का जुडा होना आवश्यक बताया, उसके लिए एनजीओ बनाने के लिए आरोपी ने पीड़ित से एनजीओ

बनाने के लिए भी रूपए ले लिए, बाद में एनजीओ के लिए पैन कार्ड की आवश्यकता बता कर भी पैसा लिया गया, किंतु कभी भी पीड़ित को एनजीओ के दस्तावेज या पैन कार्ड के दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए।

आरोपी मंयक सलुजा ने माननीय जिला न्यायालय एवं उच्च न्यायालय में भी अग्रिम जमानत के आवेदन दिए गए, जहा से उसके अग्रिम जमानत के आवेदन को निरस्त करा गया।

आरोपी ने उसका पुराना घर भी बेच दिया उसके नए पते की जानकारी के लिए सायबर सेल द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे थे, तकनीकी साधनो का प्रयोग कर आरोपी के नए पता मालूम कर आरोपी को गिरफ्तार किया गया ।

आरोपी ने पूछताछ में बताया कि आस्ट्रेलिया निवासी पीड़ित ने वेबसाईट का डोमेन खुद खरीदा था, जिस पर आरोपी ने काम करने का बोलकर पैसा लिया जा रहा था। वेबसाईट की होस्टिंग पहले पीड़ित ने hostgeek पर थी। उसके बाद आरोपी के कहने पर उसने होस्टिंग आरोपी को ट्रांसफर कर दी थी, जिसके कारण आरोपी द्वारा वेबसाईट पर जो भी कार्य किया जा रहा था, उसका सी पेनल मूल पीड़ित एक्सेस नहीं कर पा रहा था।

आरोपी पीड़ित के लिए जो वेबसाईट बनाई थी, उसे आरोपी ने साक्ष्य नष्ट होने से बचाने के लिए वेबसाईट की होस्टिंग को मान. न्यायालय की अनुमति से आरोपी के आधिपत्य से लेकर होस्टिंग को सायबर सेल के कब्जे में लिया प्रकरण में स्काईप एवं एप्पल कंपनी को जानकारी हेतु पत्र ई मेल के माध्यम से भेजा गया है। आस्ट्रेलियन नागरिक के साथ ऐप बनाने के नाम पर लगभग 01 करोड रुपए की धोखाधडी करने वाले को राज्य सायबर सेल ने किया गिरफ्तार, साथ ही वेबसाईट की होस्टिंग की आनरशिपजप्त की गई।

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