
स्पा सेंटर की आड़ में देह व्यापार संचालित करने के केस में पुलिस पांच साल तक केस डायरी पेश नहीं कर सकी। एक आरोपी ने पांच साल में तीसरी बार अग्रिम जमानत के लिए याचिका लगाई तो हाई कोर्ट ने अग्रिम जमानत तो खारिज की ही पुलिस को भी फटकार लगाई। उस समय वह स्टूडेंट था लेकिन अब वह खुद एक प्रोफेशन में है।
जुलाई 2019 में पुलिस ने पीयू 4 के एक स्पा सेंटर पर कार्रवाई करते हुए संचालिका सहित आठ कॉलगर्ल को पकड़ा। इस मामले में दो माह बाद संचालिका को जमानत मिल गई। लेकिन स्पा सेंटर के मालिक को कोर्ट ने अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया। ऐसा तीन बार हुआ।
आरोपी की अक्टूबर 2019 और दिसबर 2019 में अग्रिम जमानत याचिका खारिज हुई तो वह फरार हो गया। इसके फरवरी 2023 में आरोपी ने फिर अग्रिम जमानत याचिका दायर की। लेकिन इस बार कोर्ट ने संज्ञान लेते हुए पुलिस की क्लास लगा दी। कहा कि इतने साधारण से केस में पांच साल में भी चालान पेश क्यों नहीं किया। कोर्ट ने इस मामले में चालान डायरी के बाद जमानत पर फैसला सुनाने की बात कही है।
इन पर हुई थी कार्रवाई
सी 21 मॉल के पीछे पीयू 4 में स्पा 24 सेंटर की आड़ में देह व्यापार संचालित करने के मामले में जुलाई 2019 में कारवाई की गई। जिसमें स्पा संचालिका सहित 8 युवतियों को पकड़ा गया। साथ ही सचिन जैन, पीयूष कुमार निवासी नीमच, भरत निवासी रतलाम, आकाश निवासी मांगलिया, अमित निवासी मूसाखेड़ी, पवन बागरी निवासी भंवरकुआं, स्नेह शर्मा निवासी शाजापुर को पकड़ा है। इसमें एक महिला को संचालिका बताया गया।
पांच साल पहले पुलिस ने कोर्ट से कहा झूठ?
इस मामले में संचालिका एक महिला को बताया गया था। निचली अदालत से उसे जमानत नहीं मिली। उसने अगस्त 2019 में हाईकोर्ट में जमानत याचिका लगाई। तब पुलिस ने बताया कि पुलिस का इन्वेस्टिगेशन पूरा होने के बाद चार्जशीट फाइल हो चुकी है। इस पर उसे 50 हजार की सशर्त जमानत मिली। इसके जमानत के पकड़ाए सभी आरोपी कोर्ट में अपनी अपनी तारीखों पर आते है। लेकिन उन्हें भी यह नही पता कि पांच साल में पुलिस ने चालान डायरी ही पेश नही की है। जिससे उन पर केस आगे चलाया जा सके।