इंदौर के कपड़ा मार्केट, सराफा, गोपाल मंदिर क्षेत्र में फुटपाथ पर अतिक्रमण के खिलाफ व्यापारी भड़के हुए हैं। लेकिन उनकी परेशानी सिर्फ इतनी नहीं। बल्कि नाराजगी की बड़ी वजह है कि कमीशनखोरी के लिए दुकान पर आने से पहले ही ग्राहकों का रास्ता भटकाने वाले दलाल..। पुलिस 30 दलालों की लिस्ट तक ले चुकी है लेकिन कार्रवाई के नाम पर शून्य है।
व्यापारियों का कहते हैं कि हमारे यहां छोटे शहरों से नए व्यापारी या खरीदार इनकी ठगी का शिकार होते हैं। फिर वे कभी लौट कर खरीदी करने इंदौर ही नहीं आते। इससे बाजार की साख भी बिगड़ रही है। इतना ही नहीं, सराफा में हमारी दुकानों के चोरी के जेवर ये अवैध दलाल खरीदते हैं और जब माल पकड़ाता है तो कहां माल बेचा था तो जवाब मिलता है- फलां सेठ की दुकान के सामने। तो पुलिस दलाल के बजाय व्यापारी से पूछताछ करने आ जाती है।
यह है मामला
इंदौर में राजबाड़ा से लेकर कपड़ा मार्केट तक के 17 से ज्यादा कॉमर्शियल मार्केट एसोसिएशन पदाधिकारी फुटपाथ पर दुकान लगाने वाले वेंडर्स और अतिक्रमणकारियों पर कार्रवाई नहीं होने से खफा हैं। प्रशासन को 16 अगस्त तक का अल्टीमेटम देते हुए दलालों को जेल में डालने और सख्त एक्शन लेने की मांग की है। उनका दावा है कि फुटपाथ पर कब्जे के अलावा दलाल सक्रिय हैं। नशाखोरी चरम पर है, इससे कारोबार प्रभावित हो रहा है।
कार्रवाई नहीं होने पर विरोध प्रदर्शन के तहत 17 अगस्त को पहले दिन दुकानों पर काले झंडे लगाएंगे। अगले दिन सभी मार्केट में ब्लैक आउट किया जाएगा। पदाधिकारियों का आरोप है कि पूरे पश्चिम क्षेत्र के बाजारों में फुटपाथ कारोबारियों ने जगह-जगह कब्जे किए हुए हैं। शिकायत करने वालों की जानकारी भी फुटपाथियों को मिल जाती है, जिससे आपसी रंजिश पनप रही है। इससे व्यापारियों की जान आफत में है। राजबाड़ा चौक, बांके बिहारी मंदिर, यशवंत रोड, इमामबाड़ा, गोपाल मंदिर, पिपली बाजार, सराफा, निहालपुरा, सुभाष चौक, शिव विलास पैलेस, खजूरी बाजर, सीतला माता बाजार, बाजाज खाना, शक्कर बाजार, सांठा बाजार में लगभग 1000 से ज्यादा फुटपाथी हाथ ठेला डलिया फेरी वाले फैले हैं।
बाजार में दलाली और ठेकेदारी का खेल : फुटपाथ पर दुकानें बांट कर वसूली
राजबाड़ा-गोपाल मंदिर व्यापारी एसोसिएशन अध्यक्ष दीपक खत्री का कहना है कि स्मार्ट सिटी के तहत करोड़ों रुपए की लागत से राजबाड़ा को रेनोवेट किया गया। गोपाल मंदिर वाली गली से दुकानदारों को हटाया गया, ताकि हैरिटेज लुक दिया जा सके। लेकिन अब फुटपाथ पर दुकान लगाई जा रही है। फुटपाथ पर दुकान लगाने वाले कील ठोंक रहे हैं। राजबाड़ा का इतना अच्छा सौंदर्यीकरण किया गया है, उसे बिगाड़ रहे हैं। इतना ही नहीं वहां पर ठेकेदारी चल रही है। व्यापारियों को धमका रहे हैं। फुटपाथ वाले व्यापारियों को जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। आज फुटपाथ वाले इतने हावी हो गए हैं कि व्यापारियों का जीना मुश्किल कर दिया है। व्यापारी टैक्स भी दे, किराया भी दे, लागत मूल्य भी दें।
राजबाड़ा के यहां गोपाल मंदिर वाली गली, कबाड़ा बाजार आदि से जो 135 दुकानें हटाई गई है वहां पूरे फुटपाथ पर कब्जा हो गया है और दुकानें लगाई जा रही है। दस-दस, बीसी-बीस दुकानें आपस में बांट कर वहां पर ठेकेदारी चल रही है। फुटपाथ पर लगने वाली अस्थायी पांच-पांच फिट की दुकानों का ठेकेदार आपस में बंटवारा कर लेते हैं। 500 रुपए रोज, एक हजार रुपए रोज पर ठेके पर दुकानें दी जा रही है। इसमें नगर निगम के ड्यूटी कर्मचारी तक शामिल है। हमने कई बार शिकायतें कर दी लेकिन कुछ समय के लिए उन्हें हटा दिया जाता है और बाद में फिर से वे दुकान लगा लेते हैं। इन्हें संरक्षण कौन दे रहा है।
कपड़ा मार्केट में ऐसे होती है ग्राहकों से ठगी : भूल भलैया से ग्राहक को ले जाते हैं अवैध दलाल
महाराजा तुकोजीराव क्लॉथ मार्केट एसोसिएशन के सेक्रेटरी कैलाश मूंगड़ बताते हैं कि रजिस्टर्ड दलाल तो सराफा व्यापारी एसोसिएशन, रेडिमेड व्यापारी एसोसिएशन, क्लॉथ मार्केट मर्चेन्ट एसोसिएशन में भी है। बीते करीब 5 साल से कुछ असामाजिक तत्व दलाल बनकर रोड पर खड़े होकर ग्राहकों को हाथ पकड़-पकड़ कर इधर-उधर ले जाते हैं।
इसमें हमारे कुछ दुकानदारों की भी गलती है। कुछ दुकानदारों ने दलालों को इतना अधिक कमीशन देने का लालच दे रखा है, ऐसे में दलाल ग्राहकों को खराब कपड़ा तक टिका देते हैं। कुछ दुकानदार दलालों को दस से पंद्रह प्रतिशत का कमीशन देते हैं। इंदौर मंडी सबसे कम प्रॉफिट में व्यापार करने वाली मंडी थी। इस भरोसे से ग्राहक इंदौर तक आता है। अगर कपड़ा गलत निकल जाता है। 5 की जगह पौने पांच मीटर कपड़ा निकल जाता है। मिल की जगह पावरलूम का कपड़ा निकल जाता है, तो बाद में व्यापारी ठगी की वजह से वापस कभी नहीं आता है। इससे व्यापार दिन-प्रतिदिन प्रभावित होते जा रहे हैं।

कपड़ा मार्केट पूरा भूल भलैया है। इंदौर शहर का आदमी भी वहां जाकर भूल जाता है। दलाल ग्राहक को ऐसी-वैसी दुकानों पर ले जाते हैं। इधर-उधर घुमाकर वापस छोड़ता हैं। जिससे ग्राहक को पता ही नहीं चलता है कि कहां से कपड़ा खरीदा था। दुकान पर बोर्ड तक नहीं रहता है। तीसरी-चौथी मंजिल पर दुकान रहती है। इन दलालों पर अंकुश लगाना बहुत जरूरी है। कपड़ा मार्केट में करीब 400 रजिस्टर्ड दलाल हैं, लेकिन लगभग 20 दलाल अवैध रूप से काम करते हैं।
सर्राफा में पुलिस आती है तब पता चलता है : अवैध रूप से सक्रिय दलालों की सूची तक सौंपी
सर्राफा एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल रांका बताते हैं कि 13 एसोसिएशन ने मिलकर नगर निगम कमिश्नर को रोड पर अतिक्रमण, दुकानों के सामने अतिक्रमण, महिलाओं के शौचालय, महिलाओं के लिए सुविधा सहित पार्किंग की व्यवस्था, स्मार्ट सिटी रोड पर जो प्रॉपर जल निकासी नहीं है, उसके बारे में ज्ञापन दिया है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि वे जल्द ही सभी बाजारों का दौरा करेंगी और समस्याओं का निराकरण करेंगी।

बता दें पूर्व में सर्राफा में चोरी का माल खरीदने के मामले भी सामने आ चुके हैं। दुकान के बाहर से अवैध दलाल माल खरीद लेते हैं और बाद में पुलिस आरोपी को लेकर पहुंचती है तो वो उस दुकान का पता बताता है जिसके सामने दलाल ने उससे सौदा किया था। इसके बाद व्यापारी से भी पूछताछ होती है। व्यापारियों की माने तो उनका कोई लेना-देना नहीं होता है लेकिन इसके बावजूद उन्हें बेवजह की परेशानी का सामना करना पड़ता है। पुलिस को 30 दलालों की नाम सहित सूची भी सौंपी जा चुकी है लेकिन अभी तक हुआ कुछ नहीं है। इसलिए इस पर रोक लगाना जरूरी है।
इंदौर को यहां के व्यापारियों ने खड़ा किया
रिटेल गारमेंट व्यापारी एसोसिएशन के अध्यक्ष अक्षय जैन बताते हैं कि इस बार व्यापारियों के सिर पर से पानी चला गया है। हम बहुत परेशान है। अब हमारी लड़ाई रुकने वाली नहीं है या किसी बातचीत पर थमने वाली नहीं है। जब तक स्थायी निराकरण नहीं होगा, तब तक 13 एसोसिएशन एकजुट होकर लड़ाई लड़ेगी। 16 अगस्त को पुलिस अफसरों के साथ हमारी बैठक होना है। मार्केट में अतिक्रमण इतने बड़े पैमाने पर फैल गया है कि हमारा व्यापार करना मुश्किल हो गया है और जब हम व्यापार नहीं करेंगे तो टैक्स कहां से भरेंगे। हमारी मजबूरी हो जाएगी की हम टैक्स नहीं भर पाएंगे, कोई खर्चा वहन नहीं कर पाएंगे। इंदौर आज जिस मुकाम पर खड़ा है वो इंदौर के व्यापारियों ने खड़ा किया है। ये हमारी पहचान है।
