
एनएचएआई द्वारा शहर और आसपास 7 प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है। 2 प्रोजेक्ट प्लानिंग में हैं। रालामंडल, राऊ समेत बायपास के 4 फ्लायओवर की डेडलाइन खत्म हो चुकी है। इनमें 16 से 70 फीसदी काम बाकी है। ठेकेदारों ने साइट क्लीयर नहीं होने, रॉ मटेरियल की कमी के साथ ही ट्रैफिक डायवर्शन की प्लानिंग ठीक से नहीं होने को देरी का मुख्य कारण बताया है।
सबसे ज्यादा देरी हुई है राऊ चौराहे के फ्लायओवर में, जिसका काम जून 2022 में शुरू हो चुका था। 18 महीने में फ्लायओवर बनाना था। अब फिर अगस्त तक काम पूरा करने के लिए समय मांगा जा रहा है। बायपास के तीन जंक्शन- रालामंडल, एमआर 10 और अर्जुन बड़ोद का काम एक ही एजेंसी को दिया है, जिन्हें 17 जुलाई 2024 तक काम पूरा करना था, लेकिन अब तक 31% काम हुआ है। वहीं वेस्टर्न बायपास का टेंडर होने के बावजूद काम शुरू नहीं हो पाया है। अभी जमीन अधिग्रहण शुरू होगा। उधर, पीथमपुर में बन रहे मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक पार्क के लिए कॉन्ट्रैक्ट अक्टूबर 2022 में हो चुका है, लेकिन काम शुरू नहीं हुआ है।
बायपास के चारों फ्लायओवर के बनते ही शहरी सीमा में ट्रैफिक को राहत मिलेगी


देरी का वाजिब कारण हो, तभी एक्सटेंशन देते हैं
^एजेंसी अगर एक्सटेंशन मांगती है तो हम अच्छे से कारणों का पता लगाते हैं। इंदौर के प्रोजेक्ट्स में कहीं एजेंसी की गलती है, तो कहीं संसाधनों की कमी भी है। अगले साल में सभी प्रोजेक्ट पूरा करने की कोशिश करेंगे।
– सुमेश बांझल, प्रोजेक्ट डायरेक्टर, एनएचएआई इंदौर
लॉजिस्टिक पार्क के लिए जमीन मिलना बाकी है
^मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक पार्क के लिए आपसी समझौते से निर्माण एजेंसी को एक्सटेंशन दिया जा रहा है। प्लान पूरा बन गया है और जमीन अधिग्रहण होते ही काम शुरू कर देंगे। जमीन उपलब्ध करवाने की कार्रवाई एमपीआईडीसी को करना है।
– रवींद्र गुप्ता, प्रोजेक्ट मैनेजर, नेशनल हाईवे लॉजिस्टिक मैनेजमेंट लिमिटेड