भोपाल के लोकायुक्त कार्यालय में रविवार को आरटीओ के पूर्व कॉन्स्टेबल सौरभ शर्मा से लंबी पूछताछ की गई। करीब सात घंटे चली इस पूछताछ में सौरभ से उसकी कंपनियों- अविरल इंटरप्राइजेज, अविरल कंस्ट्रक्शन कंपनी, अविरल फिशरीज और अविरल पेट्रोल पंप की आय के तमाम स्रोतों के बारे में जानकारी ली गई।
इन सभी कंपनियों में काम करने वाले कर्मचारियों का डेटा भी लोकायुक्त के अधिकारी तैयार कर रहे हैं। लोकायुक्त की टीम तीन दिन पहले सौरभ के घर और ऑफिस से ऑडिट रिपोर्ट भी जब्त कर चुकी है, जिनकी जांच की जा रही है।
लोकायुक्त की टीम सौरभ, शरद और चेतन को गिरफ्तार कर अलग-अलग पूछताछ कर रही है।
लोकायुक्त अधिकारियों ने सौरभ से ऑडिट रिपोर्ट तैयार कराने की प्रक्रिया और इसे तैयार करने वालों की जानकारी भी ली है। अलग-अलग कंपनियों के खातों की जानकारी भी सौरभ से हासिल की गई। छापे में सौरभ के घर और ऑफिस से मिली चल-अचल संपत्तियों के दस्तावेज दिखाकर उससे पूछताछ की गई।
सौरभ बोला- जिसके नाम संपत्ति, उसी से बात की जाए शुरुआत से ही सौरभ केवल स्वयं के नाम दर्ज संपत्तियों के बारे में ही जानकारी दे रहा है। रिश्तेदारों और शरद जायसवाल या चेतन सिंह गौर के नाम पर दर्ज संपत्तियों के संबंध में उसने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया है।
सौरभ का कहना है कि जिसकी संपत्ति का मामला है, उसी व्यक्ति से बात की जाए। उसे इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। लोकायुक्त की जांच में यह भी साफ हो गया है कि सौरभ की सबसे पुरानी कंपनी अविरल इंटरप्राइजेज है। अन्य तीन कंपनियां साल 2020 से 2022 के बीच रजिस्टर्ड कराई गई हैं।
वहीं, रिमांड के पांचवें दिन चेतन और शरद से न के बराबर ही पूछताछ की गई। सौरभ से पूछताछ के दौरान दोनों को लोकायुक्त कार्यालय के अलग-अलग कमरों में रखा गया।
कहा- विदेश में कोई कारोबार या दुबई में संपत्ति नहीं सौरभ ने पूछताछ में इस बात का भी खुलासा किया कि वह केवल एक ही बार दुबई के टूर पर गया है। वह पत्नी के साथ वीकेंड मनाने के इरादे से 15 दिन का टूर था। छापे की खबर मिलते ही 7वें दिन लौट आया था। उसके पासपोर्ट जब्ती की कार्रवाई भी कर दी गई है।
सौरभ ने कहा- मेरा विदेश में कोई कारोबार नहीं है। दुबई में मेरी कोई संपत्ति नहीं है।
रिमांड के दौरान इन बिंदुओं पर हो रही पूछताछ
शरद-सौरभ के नाम इंदौर में चार संपत्ति
शरद के नाम पर इंदौर में चार महंगी संपत्तियां होने की बात भी लोकायुक्त जांच में सामने आई हैं। इनमें से दो संपत्तियों को कंपनी के नाम पर खरीदा गया है। हालांकि, सौरभ का कहना है कि चारों संपत्तियां शरद की हैं।
रविवार को कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए तीनों आरोपियों का मेडिकल चेकअप हमीदिया अस्पताल में कराया गया। लोकायुक्त कार्यालय में उन्हें नाश्ता, लंच और डिनर भी दिया गया।
दो दर्जन से अधिक लोगों से होगी पूछताछ
तीनों आरोपियों की रिमांड खत्म होने और जेल भेजे जाने के बाद पुलिस सौरभ के 18 करीबी रिश्तेदारों और पांच करीबी कर्मचारियों से पूछताछ करेगी। ये सभी कर्मचारी उसकी अलग-अलग कंपनियों में अहम पदों पर हैं।
सौरभ, शरद और चेतन की लोकायुक्त कस्टडी में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के लिए अतिरिक्त जवानों का बल मांगा गया है। जब तीनों लोकायुक्त कार्यालय में होते हैं तो यह बल बाहरी सुरक्षा में तैनात रहता है। थाने में रहने के दौरान भी बल की तैनाती रखी जाती है।
हवालात की सुरक्षा व्यवस्था में लोकायुक्त के अधिकारी कोई कोताही नहीं बरतना चाहते, लिहाजा यहां लोकायुक्त के जवानों की तैनाती की जाती है।
तीनों की सीडीआर भी खंगाली जा रही है
लोकायुक्त पुलिस सौरभ शर्मा, शरद जायसवाल और चेतन सिंह गौड़ की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) निकाल रही है, ताकि यह साफ हो सके कि वे किन लोगों के संपर्क में सबसे अधिक रहते थे।
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