जबलपुर हिट एंड रन केस: बिना नंबर की तेज रफ्तार कार ने खाना खा रहीं 13 महिला मजदूरों को रौंदा, अब तक 5 की मौत; 3 गंभीर, चालक फरार—सीसीटीवी खंगाल रही पुलिस

जबलपुर में हुए हिट एंड रन केस में मृतकों की संख्या 2 से बढ़कर 5 हो गई है। हादसे में चैनवती बाई (40) और लच्छो बाई (40) की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि 11 मजदूर घायल हुए थे। रविवार देर रात इलाज के दौरान गोमता बाई पति नवाबी लाल (40), वर्षा कुशराम पति कमलेश (45) और कृष्णा बाई पति संजू (40) ने दम तोड़ दिया।

रविवार दोपहर को बरेला से जबलपुर की ओर आ रही कार ने सड़क किनारे बैठे 13 मजदूरों को टक्कर मार दी थी।

हादसा रविवार दोपहर को उस समय हुआ, जब बरेला से जबलपुर की ओर आ रही सफेद रंग की तेज रफ्तार कार ने सड़क किनारे बैठे 13 मजदूरों को टक्कर मार दी। हादसे के बाद कार चालक मौके से फरार हो गया। शुरुआती जांच में सामने आया है कि दुर्घटनाग्रस्त कार बिना नंबर की थी।

आरोपी कार चालक अब तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई है। एएसपी जितेंद्र सिंह के नेतृत्व में गठित टीम आरोपी की तलाश में जुटी हुई है। घटनास्थल से लेकर टोल नाकों तक के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।

खाना खाने के बाद मजदूर रेलिंग के किनारे बैठे हुए थे, तभी हादसा हुआ।

घायलों की हालत गंभीर, इलाज जारी घायलों में से 3 मजदूरों की हालत गंभीर बनी हुई है। सभी घायलों का इलाज जबलपुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में किया जा रहा है, जहां डॉक्टरों की टीम लगातार निगरानी में उपचार कर रही है। हादसे में जान गंवाने वाली महिला मजदूरों का अंतिम संस्कार आज उनके गृह ग्राम बम्होरी, जिला मंडला में किया जाएगा।

पुलिस ने घायलों को एम्बुलेंस से मेडिकल कॉलेज भिजवाया।

सड़क किनारे बैठकर खाना खा रहीं थी मजदूर मृतक और घायल सभी महिला मजदूर मंडला जिले के बम्होरी गांव की रहने वाली थीं। वे पिछले डेढ़ महीने से राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के तहत जबलपुर के एकता चौक के पास डिवाइडर में लगी लोहे की जालियों की सफाई कर रही थीं। हादसे के समय वे सड़क किनारे बैठकर भोजन कर रही थीं।

घटना की सूचना मिलते ही बरेला थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को तत्काल अस्पताल भिजवाया गया। कलेक्टर राघवेंद्र सिंह और एसपी संपत उपाध्याय ने मेडिकल कॉलेज पहुंचकर घायलों का हाल-चाल जाना और जरूरी निर्देश दिए।

एम्बुलेंस में घायलों को शुरुआती इलाज दिया गया।

मृतकों के परिजन को 2-2 लाख की आर्थिक सहायता एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर अमृत लाल साहू ने अस्पताल पहुंचकर पीड़ितों से मुलाकात की। एनएचएआई ने मृतकों के परिजन को तत्काल 1-1 लाख रुपए की सहायता राशि दी। इसके अलावा कुल 2-2 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने का फैसला लिया है।

इधर, लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने सड़क दुर्घटना में हुई मौतों पर शोक जताया। उन्होंने जिला प्रशासन और एनएचएआई अधिकारियों से चर्चा कर घायलों के इलाज की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मंत्री ने कहा कि सरकार पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता देगी।

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