जबलपुर के सिहोरा वन परिक्षेत्र स्थित निसर्ग इस्पात प्राइवेट लिमिटेड की जमीन पर एक के बाद एक 5 जंगली जानवरों के शव मिलने से हड़कंप मच गया। करीब 250 एकड़ में फैले फाॅर्म हाउस में चार जंगली सूअर और एक तेंदुए का शव मिला है।

शुक्रवार तड़के वन विभाग को सूचना मिली कि निसर्ग इस्पात प्राइवेट लिमिटेड परिसर (फाॅर्म हाउस) की जमीन पर तेंदुए का शव दफनाया गया है। डीएफओ ऋषि मिश्र टीम के साथ मौके पर पहुंचे और जेसीबी की मदद से गड्डा खुदवाया तो एक के बाद एक पांच स्थानों में जंगली सूअर और तेंदुए के शव मिले।

जांच की गई तो पता चला कि एक सप्ताह पहले जिन तीन लोगों को शिकार के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था, उन लोगों ने ही फॉर्म हाउस की जमीन पर जंगली जानवरों को दफनाया था।
वन परिक्षेत्र सिहोरा के अंतर्गत औद्योगिक क्षेत्र हरगढ़ के ग्राम घुघरा स्थित महेंद्र गोयनका के निसर्ग इस्पात प्राइवेट लिमिटेड परिसर (फाॅर्म हाउस) में पहले एक जंगली सूअर का करंट लगाकर शिकार किया गया और शव को जेसीबी से गड्ढा खोदकर दफना दिया गया।
विभागीय भूमिका पर गंभीर सवाल

वन परिक्षेत्र सिहोरा में जंगली सूअर के शिकार का मामला बीते एक सप्ताह से सुर्खियों में है, लेकिन वन विभाग की जांच की दिशा और विभागीय भूमिका पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।
जांच के शुरुआती दिनों में मौके पर पहुंचे एक अधिकारी को सीमा क्षेत्र और तेंदुआ शिकार को लेकर मोबाइल पर बातचीत करते सुना गया था। कुछ ही घंटों बाद पूरा मामला “जंगली सूअर के शिकार” की ओर डायवर्ट कर दिया गया। इस घटनाक्रम ने यह शक गहरा दिया है कि कहीं मामला बदलकर किसी बड़े शिकार को छिपाने की कोशिश तो नहीं की गई।
जेसीबी से गाड़ दिया था शव वन विभाग को मुखबिर से सूचना मिली थी कि निसर्ग इस्पात के कर्मचारी फाॅर्म हाउस क्षेत्र में जंगली सूअरों का शिकार कर रहे हैं। जांच में खुलासा हुआ कि दो सूअरों को करंट लगाकर मारा गया और फिर सबूत छिपाने के लिए जेसीबी से खुदवाकर गड्ढों में दफना दिया गया। निसर्ग इस्पात प्राइवेट लिमिटेड ने करीब ढाई सौ एकड़ जमीन पर फाॅर्म हाउस बनाया है।
अभी तक 4 जंगली सूअर और एक तेंदुए का शव मिला है। मामला गंभीर है। अभी तक निसर्ग इस्पात कंपनी के मैनेजर अनुराग द्विवेदी, जेसीबी ऑपरेटर बृजेश विश्वकर्मा और कर्मचारी मोहित दहिया को गिरफ्तार किया।
तीनों के खिलाफ वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। सूत्रों के अनुसार वन विभाग अब जल्द ही निसर्ग इस्पात प्राइवेट लिमिटेड के मालिक महेंद्र गोयनका से भी पूछताछ करेगा।

डिप्टी रेंजर और बीट गार्ड निलंबित जबलपुर डीएफओ ऋषि मिश्र ने जांच में देरी करने और लापरवाही किए जाने को लेकर डिप्टी रेंजर यादवेंद्र यादव और बीट गार्ड जितेंद्र अग्रवाल को निलंबित कर दिया है। दोनों को अन्य परिक्षेत्र में भेजा है। घटनास्थल पर लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग रखने वाला डीवीआर रहस्यमय तरीके से जल गया। वन विभाग को आशंका है कि यह सबूत मिटाने की सुनियोजित कोशिश हो सकती है।
डीएफओ के मुताबिक जंगली सूअर और तेंदुए के अवशेषों की जांच करवाई जा रही है। वन विभाग की सिहोरा, कुंडम और पनागर रेंज की टीमों द्वारा लगातार सर्चिंग की जा रही है। डॉग स्क्वॉड की जांच के दौरान एक और जंगली जानवर का शव बरामद किया गया है। शव की उम्र और प्रजाति का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट से चलेगा।