
जबलपुर. एमपी के जबलपुर में विकास प्राधिकरण (जेडीए) द्वारा अधिग्रहित की गई जमीन को फर्जी दस्तावेज के जरिए बेचकर दो करोड़ 40 लाख रुपए में बेच दिया. इस मामले की शिकायत मिलने पर जांच करते हुए ईओडब्ल्यू ने जेडीए सीईओ दीपक वैद्य सहित 6 लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच शुरु कर दी है. यहां तक कि सभी ने मिलकर 25 लाख रुपए की स्टाम्प ड्यूटी की हानि भी पहुंचाई है.
ईओडब्ल्यू के अधिकारियों ने बताया कि कछपुरा में योजना क्रमांक 6 व 41 की कुछ जमीनों को जेडीए ने अधिग्रहित किया था, इसके बदले में जेडीए ने परिवार को मुआवजा भी दिया लेकिन उक्त जमीन को जेडीए के नाम पर नहीं चढ़ाया. इसके बाद वहीं जमीन गढ़ा मानस स्कूल के पास रहने वाली विद्याबाई प्यासी, उनके बेटे हरीश, सौरभ व आशीष के साथ जेडीए के अधिकारियों ने सांठ-गांठ कर फर्जी फर्जी दस्तावेज के आधार पर बेच दी. इस मामले की शिकायत मिलने पर ईओडब्ल्यू ने जांच करते हुए जेडीए सीईओ दीपक वैद्य सहित 6 लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच शुरु कर दी है. गौरतलब है कि जेडीए सीईओ दीपक वैद्य द्वारा किए गए कारनामें अब आमजन के बीच चर्चा का विषय बनते रहे है. अधिकारियों की माने तो और भी मामलों में जेडीए के अधिकारियों के खिलाफ शिकायतें मिली है जिनकी जांच की जा रही है. आने वाले दिनों में उनके खिलाफ भी कार्यवाही की जाएगी.