इस बार सिद्ध , साध्य और रवि योग के त्रिवेणी मे मनेगा सरस्वती जन्मोत्सव एवं बसंतोत्सव ( डाँ.अशोक शास्त्री )

इस बार सिद्ध , साध्य और रवि योग के त्रिवेणी मे मनेगा सरस्वती जन्मोत्सव एवं बसंतोत्सव ( डाँ.अशोक शास्त्री )

इस वर्ष बसंत पंचमी 05 फरवरी को सिद्ध योग , साध्य योग और रवि योग के त्रिवेणी योग के संयोग मे महाराजा भोज बसंतोत्सव एवं माँ सरस्वती पूजन किया जाएगा ।
इस संदर्भ मे मालवा के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य डाँ.अशोक शास्त्री ने एक विशेष मुलाकात मे विस्तृत रूप से बताया कि इस बार ऋतुराज बसंत का आगमन बसंत पंचमी दिनांक 05 फरवरी 2022 शनिवार को मनाई जाएगी । इस अवसर पर सिद्ध योग , साध्य योग और रवि योग मे विद्या की देवी सरस्वती पूजन किया जाएगा । जो कार्य मे शुभता और सिद्धि प्रदान करती है , साथ महाराजा भोज बसंतोत्सव का उत्साह भी दुगना रहेगा ।
ज्योतिषाचार्य डाँ.अशोक शास्त्री के अनुसार मास माघ शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि दिनांक 05 फरवरी 2022 को सूर्योदय पूर्व प्रातःकाल 03:47 बजे से आरंभ होकर अगले दिन सूर्योदय पूर्व प्रातःकाल 03:46 बजे तक रहेगी । इस अवसर पर अगले दिन सायं 04 से 07:11 बजे तक , 05:42 बजे तक सिद्ध योग रहेगा । 05:43 से दिन तक साध्य योग रहेगा । इसके अलावा रवि योग का शुभ संयोग भी बन रहा है । इससे पहले गुप्त नवरात्री 02 फरवरी से आरंभ होगी ।
डाँ.अशोक शास्त्री के मुताबिक बसंत पंचमी का दिन दोष मुक्त माना जाता है , इसी कारण इसे अबूझ मुहूर्त भी कहा जाता है । इस कारण इस दिन बडी संख्या मे विवाह , यज्ञोपवित संस्कार , मुंडन संस्कार , गृहप्रवेश , वाहन खरीदी आदि कार्य किए जाते है ।
डाँ.अशोक शास्त्री के मुताबिक पौराणिक मान्यतानुसार बच्चों को लेखन कार्य आरंभ करने के लिए बसंत पंचमी का दिन श्रेष्ठ होता है । इस दिन विद्या की देवी सरस्वती का दिन होने से माँ सरस्वती की विशेष पूजा की जाती है । विद्यारंभ समारोह आयोजित किए जाते है । गीता मे भगवान ने कहा है वह ऋतुओं का बसंत है । छह ऋतुओं मे बसंत ऋतुराज के रुप मे पूजनीय है । इस अवसर पर पकृति एक नया रुप धारण करती है ।। ( डाँ.अशोक शास्त्री )

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