इन्दौर। कैलाश विजयवर्गीय ने गाए रोमांटिक गाने, बोले- संगीत से जुड़ने वाले कभी बूढ़े नहीं होते

आमतौर पर विजयवर्गीय धार्मिक भजन, मां के ऊपर आधारित गीत या फिर रामायण की चौपाइयां गाते हैं, लेकिन कल लंबे समय बाद विश्व संगीत दिवस के मौके पर 24 घंटे चलने वाली गीत-संगीत प्रस्तुति के दौरान उन्होंने रोमांटिक गानों की प्रस्तुति दी तो एक के बाद एक श्रोताओं की ओर से डिमांड बढ़ने लगी। विजयवर्गीय भी प्रस्तुति में इतने मशगुल हो गए कि उन्हें अपनी फ्लाइट का समय भी ध्यान नहीं रहा। बाद में जब उनके सहायक ने याद दिलाई तो वे ऐनसमय पर एयरपोर्ट (Airport) पर पहुंचे।

हर साल इंटरनेशनल रिदम बैंड द्वारा कृष्णपुरा छत्री पर 24 घंटे गीत-संगीत की प्रस्तुति का आयोजन किया जाता है। इसके कर्ताधर्ता संगीतकार गुड्डू मिश्रा हैं। कल उन्होंने कार्यक्रम में सारेगामा फेम गिरीश विश्वा को भी मुख्य अतिथि के तौर पर बुलाया था। उन्होंने ढोलक पर अपनी प्रस्तुति दी। इसी दौरान कैलाश विजयवर्गीय (Kailash Vijayvargiya) भी कार्यक्रम में पहुंचे। उनसे जब गाने के लिए कहा गया तो उन्होंने कहा कि एक ही गाना गाऊंगा। उन्होंने ना झटकों जुल्फ से पानी गाकर रोमांटिक गीत की प्रस्तुति दी तो श्रोता कहने लगे कि बड़े दिनों बाद आपने रोमांटिक गाना गाया है, एक गाना और सुनाइए, लेकिन विजयवर्गीय गाने में इतने मशगुल हो गए कि उन्होंने चौदहवीं का चांद हो या आफताब हो…, कहीं कवि ना बन जाऊं… और इशारों-इशारों में दिल लेने वाले…जैसे गीतों की प्रस्तुति दी। बाद में उनके सहयोगियों ने याद दिलाया कि उन्हें दिल्ली की फ्लाइट पकडऩा है तो वे फटाफट एयरपोर्ट पहुंचे और फ्लाइट पकड़ी। भले ही वे एयरपोर्ट जाने में लेट हो गए, लेकिन अपनी प्रस्तुति से श्रोताओं को तरोताजा कर गए।

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