
साल 1947 में मिली भारत की आजादी को भीख बताने के बाद एक बार फिर से बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनोट ने विवादित बयान दिया है। इस बार उनके राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को लेकर बोल बिगड़ गए हैं। उन्होंने इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक आर्टिकल साझा किया है. इसकी हेडलाइन में लिखा है कि या तो आप गांधी के फैन हो सकते हैं या फिर नेताजी के समर्थक…आप दोनों के समर्थक नहीं हो सकते. इसका फैसला खुद करें. उन्होंने आगे लिखा, ”दूसरा गाल देने से भीख मिलती है, आजादी नहीं.”

कंगना ने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों को उन लोगों ने अंग्रेजों के हवाले कर दिया, जिनमें लड़ने की हिम्मत नहीं थी, लेकिन वे सत्ता के भूखे थे. उन्होंने आगे कहा, “ये वही हैं जिन्होंने हमें सिखाया है कि अगर कोई एक थप्पड़ मारे तो एक और थप्पड़ के लिए दूसरा गाल दे दो और इस तरह आपको आजादी मिलेगी. इस तरह से किसी को आज़ादी नहीं मिलती, ऐसे भीख ही मिल सकती है. अपने नायकों को बुद्धिमानी से चुनें. ”

पद्म श्री से सम्मानित कंगना रनौत ने कहा, ”गांधी ने कभी भी भगत सिंह या सुभाष चंद्र बोस का समर्थन नहीं किया…सबूत है कि गांधी जी चाहते थे की भगत सिंह को फांसी हो…तो आपको यह चुनने की ज़रूरत है कि आप किसका समर्थन करते हैं…”
हाल ही में अभिनेत्री कंगना रनौत ने यह कहकर विवाद खड़ा कर दिया था कि भारत को ‘आजादी’ 2014 में मिली, जब नरेंद्र मोदी सरकार सत्ता में आई, वहीं 1947 में देश को जो स्वतंत्रता मिली थी वह ‘भीख’ में मिली थी. उनके इस बयान की जमकर आलोचना हो रही है.
आलोचनाओं के बाद कंगना ने इंस्टाग्राम पर लिखा था, ‘‘मैंने बिल्कुल साफ कहा है कि 1857 की क्रांति, पहला स्वतंत्रता संग्राम थी, जिसे दबा दिया गया और इसके परिणामस्वरूप अंग्रेजों के जुल्म व क्रूरता और बढ़ गए तथा करीब एक शताब्दी बाद हमें गांधी जी के भीख के कटोरे में आजादी दी गई.”