
बॉलीवुड एक्ट्रेस कंगना रनौत ने उद्धव ठाकरे सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा है कि जब कोई सत्ता के नशे में विश्वास तोड़ता है तो उसका घमंड टूटना तय है. बता दें कि बुधवार को ठाकरे ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था. दो साल पहले एक्टर सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद कंगना और शिवसेना के नेताओं के बीच जुबानी जंग देखी गई थी. अब कंगना ने उद्धव सरकार गिरने के बाद इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिए निशाना साधा है.
कंगना इस वीडियो में कहती हैं कि 1975 के बाद से ये समय भारत के लोकतंत्र का सबसे महत्वपूर्ण समय है. उन्होंने कहा, ‘1975 में लोक नेता जेपी नारायण की एक ललकार से सिंहासन छोड़ो कि जनता आती है और सिंहासन गिर गए थे.’ 2020 में मैंने कहा था कि लोकतंत्र एक विश्वास है और सत्ता के घमंड में आकर जो इस विश्वास को तोड़ता है, उसका घमंड टूटना निश्चित है.
हनुमान चालीसा का उठाया मुद्दा
कंगना ने अपने वीडियो में हनुमान चालीसा का भी मुद्दा उठाया है. वो कहती हैं. ‘ हनुमान जी को शिव जी का 12वां अवतार माना जाता है और जब शिवसेना ही हनुमान चालीसा को बैन कर दे तो उन्हें तो शिव भी नहीं बचा सकते. हर-हर महादेव… जय हिंद…जय महाराष्ट्र.’
कंगना बनाम शिवसेना
बता दें कि 2020 में बीएमसी ने कंगना रनौत के बांद्रा स्थित दफ्तर में कथित ‘अवैध हिस्से’ को ढहा दिया था. इसके बाद बॉम्बे हाईकोर्ट ने इस पर रोक लगाने का भी आदेश दिया था. दरअसल कंगना ने कहा था कि मुंबई में उन्हें सुरक्षित नहीं महसूस होता और उन्हें मुंबई पीओके की तरह लगता है. इसके बाद शिवसेना नेता ने उन्हें मुंबई नहीं आने की चेतावनी दी थी.
अहंकार टूट जाएगा…
कंगना ने ठाकरे पर तब निशाना साधा था. उन्होंने कहा था, ‘उद्धव ठाकरे तुझे क्या लगता है? आज मेरा घर उजाड़ दिया गया, कल तुम्हारा अहंकार टूट जाएगा. इस प्रकार समय का पहिया है, यह बदलता रहता है.