नाबालिग ‘वायरल गर्ल’ की केरल शादी का खुलासा: फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बना, POCSO केस दर्ज; मां बोली—अनपढ़ थी, जहां कहा अंगूठा लगा दिया

मां ने कहा- मैं अनपढ़ हूं। जब बेटी और पिता उज्जैन में थे, तब एक शख्स घर आया। वह जिस कागज पर अंगूठा लगवाता, मैं लगा देती। बेटी का जन्म अस्पताल में हुआ था, मैं वहां गई थी।

बता दें, मार्च में वायरल गर्ल ने केरल में फरहान खान से शादी की है। राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग को शिकायत मिली कि वह नाबालिग है। जांच में ये साबित भी हुआ। शादी में पेश दस्तावेज भी फर्जी पाए गए।

केरल में निकाह, महेश्वर में केस

वायरल गर्ल और फरमान खान का निकाह 11 मार्च 2026 को केरल में हुआ था। उस समय उसे बालिग बताया गया था। 17 मार्च 2026 को एडवोकेट प्रथम दुबे ने आयोग में शिकायत कर उसे नाबालिग बताया। उन्होंने सीपीआई-एम नेता और पीएफआई जैसे संगठनों की संभावित मिलीभगत का मुद्दा भी उठाया

रिकॉर्ड में लड़की का जन्म 30 दिसंबर 2009 दर्ज

शिकायत के बाद आयोग की टीम ने जांच की। महेश्वर अस्पताल रिकॉर्ड में लड़की का जन्म 30 दिसंबर 2009 दर्ज मिला। 11 मार्च 2026 को शादी के समय उसकी उम्र 16 साल 2 महीने थी।नगर पालिका महेश्वर के फर्जी जन्म प्रमाण पत्र से केरल के पुअर गांव में विवाह पंजीयन कराया गया था, जिसे निरस्त करने की कार्रवाई चल रही है।जांच में पाया गया कि आरोपी और पीड़िता तीन महीने से वीआईपी होटलों में ठहर रहे थे। मामले की जांच आदिवासी बच्चों की तस्करी के एंगल से भी की गई।

मां बोलीं- वह सीधी लड़की, उसे कुछ खिला दिया

 से बातचीत में मां ने कहा कि बेटी से बात हुए 15-20 दिन हो गए। मैंने कहा कि जब तक वह घर नहीं आएगी, मैं खाना नहीं खाऊंगी। वह सीधी लड़की है। उसे कुछ खिला दिया गया है।

अगर हमें शादी का पता होता, तो हम उसे जाने नहीं देते। उसने कहा था कि एक्टिंग कर वापस आ जाएगी। पिता को रोड पर छोड़ दिया गया। पति के पास पैसे नहीं थे, हमने पैसे भेजे, तब वे लौटे।

फर्जी प्रमाण पत्र पर मां ने कहा कि उस समय पति और बेटी उज्जैन में शूटिंग पर थे और मैं महेश्वर में थी। कहा गया कि बेटी स्टार बनेगी और पासपोर्ट के लिए प्रमाण पत्र चाहिए।एक व्यक्ति आया और कागज तैयार कराता रहा, मैं अनपढ़ होने से अंगूठा लगाती रही। अस्पताल में कहा गया कि अब प्रमाण पत्र नहीं निकलेगा। उस व्यक्ति ने कागज लिखकर दिलवाए, मैं सिर्फ अंगूठा लगाती रही।

अब जानिए कैसे बना फर्जी सर्टिफिकेट

इस मामले में नगर परिषद और तहसील कार्यालय की भूमिका पर सवाल उठे हैं। सीएमओ प्रियंका पांडेय और बीएमओ डॉ. अतुल गौर के बयानों में विरोधाभास दिखता है।

नगर परिषद का पक्ष: सीएमओ प्रियंका पांडेय के अनुसार, मई 2025 में मां ने शपथ पत्र दिया था कि जन्म घर पर हुआ है। तहसीलदार के आदेश पर 5 जून 2025 को प्रमाण पत्र जारी हुआ। अब जांच के बाद इसे रद्द कर दिया गया है।

अस्पताल का रिकॉर्ड: बीएमओ डॉ. अतुल गौर ने कहा कि जन्म शासकीय अस्पताल में हुआ था और रिकॉर्ड 2009 से मौजूद है। नियमानुसार, ऐसे में नगर परिषद को ‘घर में जन्म’ का प्रमाण पत्र जारी करने का अधिकार नहीं था। यह दस्तावेजों की जालसाजी का मामला है।

नाबालिग का जन्म प्रमाण पत्र जो पिछले साल जून में जारी हुआ। अब इसे निरस्त कर दिया है।

एफआईआर दर्ज, रद्द हुआ विवाह पंजीयन आयोग की अनुशंसा के बाद महेश्वर थाने में अलग-अलग धाराओं में मामला दर्ज हुआ है। लड़की नाबालिग साबित होने पर फरमान खान पर पॉक्सो एक्ट और बाल विवाह निषेध अधिनियम के तहत कार्रवाई तय है।

फर्जी प्रमाण पत्र बनाने में शामिल बिचौलियों और कर्मचारियों की भी जांच हो रही है। महेश्वर पुलिस और एजेंसियां केरल से लड़की की वापसी और आरोपियों की गिरफ्तारी की तैयारी में हैं।

पिता ने भी दिया आवेदन

वायरल गर्ल के पिता ने 18 मार्च 2026 को बीएमओ को आवेदन दिया था कि बेटी का जन्म 2009 में हुआ था और दिनांक सहित प्रमाण पत्र मांगा। पिछले साल मां के आवेदन में जन्म घर में होना लिखा गया था।

लगा था समाज की बेटी मुख्यधारा में आएगी

प्रयागराज कुंभ में नाबालिग का वीडियो वायरल होने पर लगा कि पारधी समाज की बेटी मुख्यधारा में आएगी। लेकिन अब मामला ‘ह्यूमन ट्रैफिकिंग’ और ‘धर्मांतरण’ के संदेहों में है। एक वर्ग इसे ‘लव जिहाद’ मान रहा है, जबकि मानवाधिकार कार्यकर्ता इसे नाबालिग के शोषण का मामला बता रहे हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *