
पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वामी चिन्मयानंद पर रेप के आरोप से जुड़े मुकदमे में बड़ा ट्विस्ट आया है. इस मामले में स्वामी चिन्मयानंद पर रेप का आरोप लगाने वाली कानून की छात्रा अदालत में अपने आरोपों से ही मुकर गई.
मंगलवार को 23 वर्षीय छात्रा लखनऊ की विशेष एमपी-एमएलए अदालत में अपने पहले के सभी आरोपों से पलट गई. बता दें कि इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश पर लखनऊ के विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट में इस मामले की सुनवाई हो रही है. शाहजहांपुर के इस मामले में गिरफ्तार होने के बाद चिन्मयानंद करीब पांच माह जेल में रहे थे.
लॉ छात्रा के आरोपों से मुकरने के बाद अचंभित अभियोजन पक्ष (Prosecution) ने छात्रा के खिलाफ पक्षद्रोही या बयान बदलने पर धारा 340 के तहत मुक़दमे की अर्ज़ी दाख़िल की है. कोर्ट ने अर्ज़ी स्वीकार करके छात्रा को नोटिस देकर जवाब दाखिल करने को कहा है. इस मामले की अगली सुनवाई 15 अक्टूबर को होगी.
पीड़ित छात्रा के बयान बदलने से पूर्व सांसद चिन्मयानंद को बड़ी राहत मिली है. शाहजहांपुर में चिन्मयानंद के कॉलेज से एलएलएम कर रही छात्रा ने उनके खिलाफ बलात्कार के आरोप लगाए थे. छात्रा ने दिल्ली के लोधी कॉलोनी पुलिस स्टेशन में 5 सितंबर 2019 को चिन्मयानंद के खिलाफ बलात्कार, धमकी देने के आरोपों के साथ शिकायत दर्ज़ कराई थी.
इससे पहले 28 अगस्त 2019 को छात्रा के पिता ने शाहजहांपुर में छात्रा की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज़ कराई थी. इस मामले की जांच के लिए यूपी सरकार ने SIT भी गठित की थी. इस मामले में 20 सितंबर 2019 में चिन्मयानंद की गिरफ़्तारी हुई थी. लगभग पांच महीने जेल में रहने के बाद चिन्मयानंद को तीन फरवरी 2020 को इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत मिली थी. चिन्यमयानंद के ख़िलाफ़ धारा 376C,354D,342,506 के तहत मुक़द्दमा चल रहा था. इस मामले में लगभग 33 गवाह और 29 दस्तावेज़ी साक्ष्य दाखिल किए गए थे.